Value mutual funds ने पिछले एक साल में निवेशकों को बहुत ज्यादा उत्साहित नहीं किया। आंकड़ों के अनुसार, 23 वैल्यू आधारित म्यूचुअल फंड में से केवल 4 योजनाएं ही ऐसी रहीं, जिन्होंने दो अंकों में रिटर्न दिया, जबकि 9 योजनाओं में नुकसान दर्ज किया गया।
Value Mutual Funds में कमजोर प्रदर्शन, लेकिन लंबी अवधि में उम्मीद
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि केवल एक साल के प्रदर्शन को देखकर वैल्यू निवेश की रणनीति पर सवाल उठाना सही नहीं है। उनके अनुसार, हाल के नतीजे इस बात पर ज्यादा निर्भर करते हैं कि फंड मैनेजर ने कौन से शेयर चुने और पोर्टफोलियो को किस तरह तैयार किया।
पिछले एक साल में Quant Value Fund ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया और करीब 16.23 प्रतिशत रिटर्न दिया। इसके बाद LIC MF Value Fund ने 13.57 प्रतिशत, DSP Value Fund ने 11.84 प्रतिशत और Mahindra Manulife Value Fund ने 10.31 प्रतिशत का रिटर्न दिया।
कुछ Value Funds में गिरावट, निवेशकों को हुआ नुकसान
दूसरी तरफ, कुछ वैल्यू फंड ने इस अवधि में नकारात्मक रिटर्न दिया। JM Value Fund में सबसे ज्यादा गिरावट रही, जबकि Sundaram Value Fund, Quantum Value Fund, Canara Robeco Value Fund और Templeton India Value Fund भी नुकसान में रहे।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैल्यू निवेश का मतलब उन कंपनियों में निवेश करना होता है जिनके शेयरों की कीमत उनकी वास्तविक क्षमता की तुलना में कम मानी जाती है। ऐसी कंपनियों को बाजार में सही मूल्य मिलने में समय लग सकता है।
फंड मैनेजर की रणनीति से बदलता है प्रदर्शन
FundsIndia की रिसर्च टीम के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में वैल्यू निवेश शैली ने कई अन्य रणनीतियों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया है। लेकिन सभी फंड एक जैसा प्रदर्शन नहीं करते क्योंकि शेयरों का चुनाव और निवेश की रणनीति अलग-अलग होती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, कुछ फंड ने ऐसे क्षेत्रों में ज्यादा निवेश किया जहां कीमतों में सुधार आने में समय लगा। वहीं कुछ फंड ऐसे शेयरों में रहे जिनमें उम्मीद के अनुसार बढ़त नहीं आई।
वैल्यू निवेश में धैर्य रखना क्यों जरूरी है
जानकारों का कहना है कि वैल्यू फंड आमतौर पर तब अच्छा प्रदर्शन करते हैं जब बाजार में तेजी व्यापक होती है और कम कीमत वाले अच्छे शेयरों को पहचान मिलनी शुरू होती है। आर्थिक सुधार के समय ऐसे फंड बेहतर परिणाम दे सकते हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कोरोना के बाद बाजार में तेजी के दौरान वैल्यू फंड ने अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन हाल के वर्षों में वैश्विक अनिश्चितताओं और अन्य कारणों से कई कंपनियों के मूल्यांकन में सुधार धीमा रहा।
निवेश से पहले लंबी अवधि के प्रदर्शन को देखें
विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशकों को केवल एक साल के रिटर्न के आधार पर म्यूचुअल फंड का फैसला नहीं करना चाहिए। वैल्यू फंड को समझने के लिए 3 साल, 5 साल और 10 साल के प्रदर्शन, जोखिम नियंत्रण और फंड मैनेजर की निवेश रणनीति को देखना जरूरी है।
उनका कहना है कि वैल्यू निवेश में धैर्य रखना महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि अच्छी कंपनियों को बाजार में सही कीमत मिलने में कई बार लंबा समय लग सकता है। इसलिए निवेशकों को लंबे समय की सोच के साथ निर्णय लेना चाहिए।
