Volkswagen Job Cuts: 50,000 नौकरियों में कटौती की तैयारी

वोक्सवैगन के पर्यवेक्षी बोर्ड ने कंपनी में बड़े बदलाव की योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत करीब 50,000 अतिरिक्त नौकरियों में कटौती की जा सकती है। इसके साथ कंपनी अपने वाहनों के मॉडल की संख्या कम करने और यूरोप में अपने उत्पादन ढांचे को छोटा करने की तैयारी कर रही है। यह फैसला मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओलिवर ब्लूम को कंपनी में व्यापक बदलाव आगे बढ़ाने के लिए अब तक का सबसे मजबूत समर्थन देता है।

वोक्सवैगन में बड़े बदलाव की योजना को मंजूरी

नई योजना के बाद 2024 के अंत से अब तक समूह की अलग-अलग कंपनियों में तय की गई कर्मचारियों की कटौती लगभग दोगुनी हो जाएगी। कंपनी 2035 तक अपने वाहनों की सूची में करीब 50 प्रतिशत तक कमी करने पर भी विचार कर रही है। प्रस्तावित 50,000 नई नौकरियों की कटौती पिछले साल के अंत में कंपनी के कुल वैश्विक कर्मचारियों का लगभग 8 प्रतिशत है।

कंपनी ने कहा कि दुनिया में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, ग्राहकों की बदलती मांग और वाहन उद्योग में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलाव को देखते हुए कर्मचारियों की संख्या और कारोबारी जरूरतों के बीच सही संतुलन बनाना जरूरी है। बोर्ड ने जर्मनी के वोल्फ्सबर्ग में हुई बैठक के दौरान इस पूरी योजना को मंजूरी दी।

वोक्सवैगन की नई योजना की बड़ी बातें

  • करीब 50,000 अतिरिक्त नौकरियों में कटौती की योजना
  • 2035 तक वाहन मॉडलों की संख्या करीब 50 प्रतिशत घटाने पर विचार
  • यूरोप में उत्पादन क्षमता को मांग के अनुरूप करने की तैयारी
  • 2030 तक करीब 9 प्रतिशत operating margin का लक्ष्य
  • इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी और सॉफ्टवेयर में निवेश जारी रखने की योजना

वर्क्स काउंसिल ने 50,000 का आंकड़ा अंतिम नहीं माना

हालांकि, कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली वर्क्स काउंसिल ने कहा कि 50,000 का आंकड़ा अंतिम संख्या नहीं माना जाना चाहिए। उसके अनुसार यह कंपनी द्वारा 2030 तक 9 प्रतिशत लाभ मार्जिन हासिल करने के लक्ष्य के आधार पर तैयार की गई योजना का अनुमान है। मौजूदा समझौते के तहत 2030 के अंत तक कर्मचारियों को जबरन नौकरी से निकालने की अनुमति नहीं होगी।

कंपनी और कर्मचारियों के बीच मतभेद

बोर्ड के फैसले से पहले कंपनी और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के बीच कई मुद्दों को लेकर काफी मतभेद थे। कर्मचारी प्रतिनिधि लागत कम करने की जरूरत को समझते हैं, लेकिन वे कारखाने बंद करने, कर्मचारियों की निर्णय प्रक्रिया में भूमिका घटाने और कंपनी के मुख्य कारोबार को अलग-अलग हिस्सों में बांटने के विरोध में थे।

कारखाने बंद करने का तत्काल फैसला नहीं

नई योजना में तत्काल किसी कारखाने को बंद करने का फैसला नहीं किया गया है। कंपनी ने माना है कि यूरोप में उसकी उत्पादन क्षमता जरूरत से करीब 5 लाख वाहनों तक अधिक है। एम्डेन, हनोवर, नेकरज़ुल्म और ज्विकाऊ में मौजूद कारखानों के मौजूदा वाहन मॉडल 2031 से 2034 के बीच बंद होने के बाद इन संयंत्रों के पास अभी कोई स्पष्ट प्रतिस्पर्धी उत्पादन योजना नहीं है। अब इन कारखानों के दूसरे इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशने की बात कही गई है।

कर्मचारियों और कंपनी के बीच अहम समझौते

  • किसी कारखाने को बंद करने पर सहमति नहीं बनी
  • यात्री कार और कलपुर्जों के कारोबार को अलग करने की योजना फिलहाल आगे नहीं बढ़ेगी
  • कर्मचारियों की भूमिका बनाए रखने पर जोर
  • लागत घटाने का पूरा बोझ कर्मचारियों पर डालने का विरोध
  • कारखानों के दूसरे इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशने पर जोर

बड़े टकराव को टालने में मिली मदद

कर्मचारी प्रतिनिधियों ने कहा कि समझौते से एक बड़े टकराव को टालने में मदद मिली है। उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी कारखाने को बंद करने पर सहमति नहीं बनी है। साथ ही यात्री कार और कलपुर्जों के कारोबार को अलग करने की योजना को भी फिलहाल आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि बदलाव की प्रक्रिया अभी शुरू हुई है और वे यह स्वीकार नहीं करेंगे कि लागत कम करने का पूरा बोझ कर्मचारियों पर डाल दिया जाए।

पोर्शे-पिएश परिवार चाहता है तेजी से बदलाव

वोक्सवैगन के सबसे बड़े शेयरधारकों में शामिल पोर्शे-पिएश परिवार कंपनी में तेजी से बदलाव चाहता है। कंपनी पर लागत घटाने और बेहतर लाभ देने का दबाव बढ़ रहा है। ओलिवर ब्लूम का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी और सॉफ्टवेयर में निवेश जारी रखते हुए वोक्सवैगन अब पहले जैसी बड़ी लागत और उत्पादन व्यवस्था को बनाए रखने की स्थिति में नहीं है।

2030 तक 9 प्रतिशत operating margin का लक्ष्य

कंपनी का लक्ष्य 2030 तक करीब 9 प्रतिशत operating margin हासिल करना है। इसके लिए सालाना लगभग 90 लाख वाहन बेचने की योजना है। वोक्सवैगन ने 2027 से 2031 के बीच पूंजी निवेश और research and development पर करीब 135 अरब यूरो खर्च करने की भी योजना बनाई है। नई restructuring योजना का उद्देश्य कंपनी की लागत घटाना, उत्पादन क्षमता को मांग के अनुरूप करना और बदलते वाहन बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करना है।

Disclaimer: यह जानकारी उपलब्ध सामग्री के आधार पर प्रस्तुत की गई है। कंपनी की योजनाओं, कर्मचारियों की संख्या और निवेश से जुड़े आंकड़ों में भविष्य में बदलाव संभव है।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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