Warren Buffett का पसंदीदा ETF, 10 साल में 4 गुना हुआ निवेश

दिग्गज निवेशक वॉरेन बफेट लंबे समय से आम निवेशकों को कम लागत वाले ETF में निवेश करने की सलाह देते रहे हैं। उनका मानना है कि अधिकतर लोगों के लिए अलग-अलग शेयर चुनने के बजाय पूरे बाजार को ट्रैक करने वाला फंड बेहतर विकल्प हो सकता है। पिछले दस वर्षों के प्रदर्शन ने इस सोच को काफी हद तक मजबूत किया है।

वॉरेन बफेट की ETF निवेश रणनीति क्यों है खास

📈 निवेशकों के लिए मुख्य बातें

  • निवेश रणनीति: कम लागत वाले ETF में निवेश
  • लोकप्रिय फंड: Vanguard VOO
  • 10 साल का रिटर्न: करीब 303%
  • मुख्य फायदा: कम वार्षिक शुल्क
  • उद्देश्य: पूरे बाजार में निवेश
  • रणनीति: लंबी अवधि तक निवेश बनाए रखना

ताजा आंकड़ों के अनुसार Vanguard का VOO फंड पिछले दस साल में करीब 303 प्रतिशत का कुल रिटर्न देने में सफल रहा। इसका मतलब है कि यदि किसी निवेशक ने दस वर्ष पहले 10,000 डॉलर का निवेश किया होता और बीच में पैसा नहीं निकाला होता, तो उसकी राशि अब लगभग 40,000 डॉलर से अधिक हो जाती। यह बढ़ोतरी बाजार में लंबे समय तक टिके रहने का फायदा दिखाती है।

इस फंड की एक बड़ी खासियत इसका बेहद कम वार्षिक शुल्क है। कम खर्च होने की वजह से निवेशकों की कमाई का बड़ा हिस्सा उनके पास ही रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय में छोटा-सा शुल्क भी कुल रिटर्न पर असर डालता है, इसलिए कम लागत वाले फंड निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

कम शुल्क से बढ़ सकता है लंबी अवधि का रिटर्न

हाल के वर्षों में इस फंड में निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ी है। बड़ी संख्या में लोगों ने इसमें पैसा लगाया, जिससे इसकी कुल संपत्ति रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। बाजार जानकार इसे इस बात का संकेत मानते हैं कि अब अधिक निवेशक सक्रिय रूप से शेयर चुनने के बजाय पूरे बाजार में निवेश करने की रणनीति अपना रहे हैं।

हालांकि सभी विशेषज्ञ केवल एक ही इंडेक्स पर निर्भर रहने की सलाह नहीं देते। उनका कहना है कि समय के साथ S&P 500 में कुछ बड़ी कंपनियों की हिस्सेदारी काफी बढ़ गई है। यदि इन कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट आती है तो पूरे इंडेक्स पर उसका असर पड़ सकता है। इसलिए कुछ सलाहकार निवेशकों को अलग-अलग परिसंपत्तियों में भी निवेश करने की सलाह देते हैं ताकि जोखिम संतुलित रहे।

💼 निवेश से जुड़ी अहम बातें

  • फंड: Vanguard VOO
  • इंडेक्स: S&P 500
  • रिटर्न: 10 साल में करीब 303%
  • जोखिम: कुछ बड़ी कंपनियों पर अधिक निर्भरता
  • सलाह: विविध निवेश से जोखिम संतुलित करें
  • फोकस: नियमित और लंबी अवधि का निवेश

विशेषज्ञों की क्या है सलाह

एक अन्य रिपोर्ट SPIVA के अनुसार अधिकांश सक्रिय रूप से संचालित फंड लंबे समय में अपने मानक सूचकांक से बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। इससे यह धारणा मजबूत हुई है कि सामान्य निवेशकों के लिए कम लागत वाले इंडेक्स फंड बेहतर विकल्प हो सकते हैं। फिर भी किसी भी निवेश का फैसला व्यक्ति की आय, निवेश अवधि, जोखिम उठाने की क्षमता और वित्तीय लक्ष्य को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए।

विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी अवधि में नियमित निवेश, धैर्य और कम खर्च वाली रणनीति बेहतर परिणाम देने की संभावना बढ़ाती है। साथ ही निवेशकों को समय-समय पर अपने निवेश की समीक्षा करते रहना चाहिए ताकि बदलती बाजार परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक निर्णय लिए जा सकें।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सार्वजनिक रिपोर्टों पर आधारित है। किसी भी निवेश से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम क्षमता का मूल्यांकन अवश्य करें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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