रेल यात्रा के दौरान समय पर ताजा भोजन उपलब्ध कराना हमेशा एक चुनौती रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए YatriRestro ने Real-Time Tracking तकनीक शुरू की है, जिससे ट्रेन की लाइव लोकेशन के आधार पर भोजन तैयार और डिलीवर किया जाएगा।
यात्रियों को ट्रेन में ताजा और समय पर खाना उपलब्ध कराने के लिए YatriRestro ने नया Real-Time Tracking सिस्टम शुरू किया है। यह सुविधा ट्रेन की तय समय-सारिणी के बजाय उसकी वास्तविक स्थिति के आधार पर काम करती है। इससे भोजन तैयार करने का समय ट्रेन की लाइव लोकेशन के अनुसार तय किया जाता है, ताकि स्टेशन पर पहुंचते ही यात्रियों को गर्म और ताजा खाना मिल सके।
Real-Time Tracking से यात्रियों को मिलेगा ताजा भोजन
नई तकनीक में यात्री के PNR या ट्रेन नंबर की मदद से ट्रेन की मौजूदा स्थिति का पता लगाया जाता है। इसके बाद संबंधित रेस्टोरेंट को सही समय पर भोजन तैयार करने का संकेत भेजा जाता है। इससे पहले की तरह लंबे समय तक तैयार रखा गया खाना देने की जरूरत नहीं पड़ती और ट्रेन में देरी होने पर भी डिलीवरी बेहतर तरीके से की जा सकती है।
कंपनी का कहना है कि इस व्यवस्था से यात्रियों को कई फायदे मिलेंगे। उन्हें ज्यादा ताजा भोजन मिलेगा, अलग-अलग शहरों के खाने के अधिक विकल्प मिलेंगे और स्टेशन पर इंतजार भी कम करना पड़ेगा। इसके अलावा ट्रेन लेट होने की स्थिति में भी सही कोच और सीट तक खाना पहुंचाने की संभावना बढ़ जाएगी।
YatriRestro सेवा की मुख्य बातें
- नई सुविधा: Real-Time Tracking
- आधार: PNR या ट्रेन नंबर
- सेवा: 450 से अधिक रेलवे स्टेशन
- कवरेज: लगभग 7,000 ट्रेनें
- रेस्टोरेंट: 5,000 से अधिक FSSAI मंजूर
कंपनी ने क्या जानकारी दी?
फिलहाल कंपनी 450 से अधिक रेलवे स्टेशनों और लगभग 7,000 ट्रेनों में अपनी सेवा दे रही है। इसके साथ 5,000 से ज्यादा FSSAI से मंजूर रेस्टोरेंट जुड़े हुए हैं। कंपनी के अनुसार अब तक 1 करोड़ से अधिक भोजन यात्रियों तक पहुंचाए जा चुके हैं और हर महीने बड़ी संख्या में लोग इस सेवा का उपयोग करते हैं। सबसे ज्यादा ऑर्डर किए जाने वाले व्यंजनों में वेज थाली और बिरयानी शामिल हैं।
कंपनी के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी दुर्गेश कुमार तिवारी ने कहा कि लंबी दूरी की यात्रा के दौरान यात्रियों को साफ और भरोसेमंद भोजन उपलब्ध कराना हमेशा एक बड़ी चुनौती रही है। उनका कहना है कि सबसे मुश्किल काम ऑर्डर लेना नहीं, बल्कि चलती ट्रेन और कम समय वाले स्टेशन ठहराव के बीच सही समय पर भोजन तैयार कराकर पहुंचाना था। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए यह नई व्यवस्था विकसित की गई।
यात्रियों को क्या मिलेगा फायदा?
- ऑर्डर माध्यम: वेबसाइट, ऐप, WhatsApp और फोन
- भोजन विकल्प: शाकाहारी, मांसाहारी, जैन और क्षेत्रीय भोजन
- डिलीवरी: सही कोच और सीट तक
- शुल्क: डिलीवरी चार्ज नहीं
- रिफंड: तय शर्तों के तहत पूरा पैसा वापस
आगे क्या है कंपनी की योजना?
यात्री वेबसाइट, मोबाइल ऐप, WhatsApp या फोन के जरिए भोजन का ऑर्डर दे सकते हैं। वे शाकाहारी, मांसाहारी, जैन और क्षेत्रीय भोजन के साथ समूह में भी ऑर्डर करने का विकल्प चुन सकते हैं। कंपनी का कहना है कि डिलीवरी शुल्क नहीं लिया जाता और तय शर्तों के तहत भोजन न मिलने पर पूरा पैसा वापस किया जाता है。
कंपनी का लक्ष्य इस वर्ष के अंत तक अपनी सेवा 800 से अधिक रेलवे स्टेशनों तक पहुंचाने का है। खासतौर पर छोटे शहरों और कस्बों में सेवा का विस्तार किया जाएगा, जहां ट्रेन में अच्छी गुणवत्ता वाला भोजन आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाता। भारत में हर दिन बड़ी संख्या में लोग रेल यात्रा करते हैं, ऐसे में IRCTC से अधिकृत ई-कैटरिंग सेवाओं में इस तरह की तकनीक यात्रियों के अनुभव को और बेहतर बना सकती है।
Disclaimer: यह जानकारी कंपनी द्वारा साझा किए गए विवरण पर आधारित है। सेवा की उपलब्धता संबंधित ट्रेन, स्टेशन और निर्धारित शर्तों पर निर्भर करेगी।
