Artificial intelligence से डच स्टार्टअप की ग्रोथ, लागत में बड़ी बचत

सैन फ्रांसिस्को की पेट केयर स्टार्टअप कंपनी Dutch ने अपनी मार्केटिंग रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाया है। कंपनी के को-फाउंडर जो स्पेक्टर ने पारंपरिक मार्केटिंग व्यवस्था को बदलकर AI आधारित सिस्टम पर भरोसा किया, जिसका फायदा अब कंपनी की ग्रोथ में दिखाई दे रहा है।

Dutch ने AI से बदली अपनी मार्केटिंग रणनीति

Dutch की शुरुआत 2021 में हुई थी। कंपनी के संस्थापक को अपने पालतू कुत्ते के लिए तुरंत पशु चिकित्सा सुविधा ढूंढने में परेशानी हुई थी और इलाज का खर्च भी काफी ज्यादा आया था। इसी अनुभव के बाद उन्होंने ऐसी सेवा शुरू करने का फैसला किया, जहां पालतू जानवरों के लिए ऑनलाइन पशु चिकित्सा सलाह उपलब्ध कराई जा सके।

AI से कंपनी को मिले फायदे

  • ऑडियंस वृद्धि: हर महीने लगभग 20 प्रतिशत बढ़ोतरी
  • लागत में कमी: ग्राहक जोड़ने का खर्च करीब 20 प्रतिशत कम
  • कंटेंट: पहले से दस गुना ज्यादा विकल्प
  • तकनीक: AI आधारित मार्केटिंग सिस्टम
  • उद्देश्य: ग्राहकों की पसंद को बेहतर समझना

रिपोर्ट के अनुसार, AI आधारित मार्केटिंग अपनाने के बाद Dutch की ऑडियंस में हर महीने लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही कुछ महीनों के भीतर ग्राहकों को जोड़ने की लागत में भी करीब 20 प्रतिशत की कमी आई है। कंपनी का मानना है कि नई तकनीक ने उसे तेजी से नए प्रयोग करने और ग्राहकों की पसंद को बेहतर समझने में मदद की है।

पहले Dutch एक बाहरी मार्केटिंग एजेंसी को हर महीने करीब 50,000 डॉलर का भुगतान करती थी, जो केवल पांच क्रिएटिव कंटेंट तैयार करती थी। कंपनी के अनुसार यह तरीका महंगा होने के साथ-साथ सीमित भी था, क्योंकि नए प्रोडक्ट के लिए लगातार अलग-अलग विचारों और विज्ञापनों का परीक्षण करना जरूरी होता है।

AI ने बढ़ाई कंटेंट तैयार करने की क्षमता

इसके बाद कंपनी ने एजेंसी के साथ काम करना बंद कर दिया और अपनी आंतरिक मार्केटिंग टीम तैयार की, जिसमें AI टूल्स का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जाने लगा। अब कंपनी हर महीने लगभग 50 अलग-अलग कंटेंट तैयार कर रही है, जो पहले की तुलना में दस गुना ज्यादा है।

पुरानी और नई मार्केटिंग व्यवस्था

  • पहले: बाहरी एजेंसी पर निर्भरता
  • खर्च: हर महीने 50,000 डॉलर
  • कंटेंट: केवल पांच क्रिएटिव
  • अब: आंतरिक टीम और AI टूल्स
  • नतीजा: हर महीने लगभग 50 नए कंटेंट

कंपनी के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में कंटेंट तैयार करने के लिए पारंपरिक एजेंसी की मदद लेने पर लगभग 500,000 डॉलर प्रति महीने का खर्च आ सकता था। AI की मदद से कंपनी कम समय और कम लागत में ज्यादा विकल्पों को आजमा पा रही है।

AI आधारित रणनीति का असर कंपनी के कारोबार पर भी दिखा है। जनवरी से अप्रैल के बीच ग्राहक हासिल करने की लागत में कमी आई, जबकि कंपनी की ऑडियंस तेजी से बढ़ी। Dutch ने Meta जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपना खर्च भी बढ़ाया है, जहां AI की मदद से विज्ञापनों की जांच, ब्रांड प्रभाव का अध्ययन और सर्च रणनीति को बेहतर बनाया जा रहा है।

AI की मदद से तेजी से बढ़ रहा कारोबार

कंपनी अब अमेरिका के 35 राज्यों में पालतू जानवरों के लिए ऑनलाइन चिकित्सा सेवा उपलब्ध करा रही है। Dutch ने 100,000 से ज्यादा सक्रिय सदस्यों का आंकड़ा पार कर लिया है और लाखों ग्राहकों के साथ बातचीत दर्ज की है।

जो स्पेक्टर का मानना है कि AI केवल मार्केटिंग का खर्च कम करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह कंपनियों को तेजी से सीखने और ग्राहकों के अनुसार अपनी रणनीति बदलने में मदद करता है। Dutch का उदाहरण दिखाता है कि छोटे और नए व्यवसाय किस तरह AI की मदद से कम संसाधनों में तेजी से आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी उपलब्ध रिपोर्टों और कंपनी के बयानों पर आधारित है। परिणाम समय और परिस्थितियों के अनुसार बदल सकते हैं।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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