तकनीकी क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलाव के कारण कंपनियां अब पारंपरिक आउटसोर्सिंग मॉडल की जगह आधुनिक AI आधारित समाधान अपनाने पर ज्यादा जोर दे रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में तेज, कम लागत वाले और बेहतर नियंत्रण वाले तकनीकी मॉडल की मांग लगातार बढ़ सकती है।
AI के बढ़ते इस्तेमाल से बदल रहा है आउटसोर्सिंग का मॉडल
तकनीक की दुनिया में तेजी से हो रहे बदलाव के बीच अब कंपनियां पुराने तरीके से काम कराने के बजाय नई तकनीकों को अपनाने पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। इसी वजह से कई विशेषज्ञों का मानना है कि घंटों के हिसाब से भुगतान वाले पारंपरिक आउटसोर्सिंग मॉडल की उपयोगिता धीरे-धीरे कम होती जा रही है। उनका कहना है कि अब बड़ी कंपनियां ऐसे समाधान चाहती हैं जिन पर उनका सीधा नियंत्रण हो और जिनसे कम समय में बेहतर परिणाम मिल सकें।
तकनीकी बदलाव की प्रमुख बातें
- मुख्य बदलाव: AI आधारित समाधान पर बढ़ता फोकस
- पुराना मॉडल: घंटों के हिसाब से भुगतान वाली आउटसोर्सिंग
- नई प्राथमिकता: तेज, कम लागत और बेहतर नियंत्रण
- फायदा: कम समय में बेहतर परिणाम
- प्रभाव: पारंपरिक मॉडल पर बढ़ती चुनौती
- लक्ष्य: आधुनिक तकनीक के जरिए अधिक दक्षता
8090 के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी चमथ पालीहापितिया का कहना है कि हाल के समय में कई बड़ी कंपनियों ने अपने तकनीकी बजट की प्राथमिकताओं में बदलाव किया है। उनके अनुसार पहले जहां कंपनियां बाहरी टीमों से लंबे समय तक काम करवाने पर खर्च करती थीं, वहीं अब वे AI आधारित ऐसे सिस्टम तैयार कर रही हैं जिन्हें अपनी जरूरत के अनुसार आसानी से नियंत्रित और संचालित किया जा सके।
उन्होंने हाल ही में Infosys द्वारा राजस्व अनुमान घटाने का उदाहरण देते हुए कहा कि बाजार में यह बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। उनका मानना है कि अब कंपनियां केवल अधिक लोगों को काम पर लगाकर परियोजनाएं पूरी कराने के बजाय ऐसे आधुनिक समाधान अपना रही हैं जो कम समय में अधिक काम कर सकें। इससे पारंपरिक मॉडल पर निर्भर कारोबारों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।
क्यों बदल रही है कंपनियों की रणनीति
उन्होंने कहा कि वर्षों से आउटसोर्सिंग का तरीका इस सोच पर आधारित रहा है कि जितना अधिक समय लगेगा, उतना अधिक भुगतान मिलेगा। लेकिन अब जब नई तकनीक की मदद से वही काम कुछ ही सप्ताह या महीनों में पूरा किया जा सकता है, तो पुराने मॉडल का महत्व पहले जैसा नहीं रह जाता। कंपनियां अब तेज, सटीक और कम लागत वाले विकल्पों की तलाश कर रही हैं।
उनके अनुसार खास तौर पर बैंक, स्वास्थ्य सेवा, विनिर्माण और सरकारी क्षेत्रों जैसी संस्थाएं अपने पुराने Software सिस्टम को आधुनिक बनाने में रुचि दिखा रही हैं। इन क्षेत्रों में लंबे समय से इस्तेमाल हो रहे पुराने प्रोग्राम को नए रूप में बदलने का काम शुरू हो चुका है। इससे कई वर्षों से चल रही महंगी और जटिल व्यवस्थाओं पर होने वाला खर्च भी कम किया जा सकता है।
भविष्य की तकनीकी दिशा
- फोकस: पुराने सिस्टम का आधुनिकीकरण
- क्षेत्र: बैंक, स्वास्थ्य सेवा, विनिर्माण और सरकारी संस्थान
- Enterprise: बड़े ग्राहकों के लिए आधुनिक समाधान
- Startup: नई तकनीक आधारित कंपनियों के लिए अवसर
- निवेश: कारोबार विस्तार की तैयारी
- उम्मीद: तेज और बेहतर तकनीकी सेवाएं
नई तकनीक आधारित कंपनियों के लिए बढ़ रहे अवसर
8090 का कहना है कि उसने ऐसा मंच तैयार किया है जहां इंजीनियर और नई तकनीक मिलकर एक ही स्थान पर काम करते हैं। इससे किसी भी परियोजना की योजना बनाना, उसे विकसित करना, पुराने सिस्टम को नया बनाना और बाद में उसकी देखरेख करना आसान हो जाता है। साथ ही पूरे काम पर निगरानी रखना और जरूरी रिकॉर्ड सुरक्षित रखना भी संभव होता है।
कंपनी ने हाल ही में निवेशकों से बड़ी राशि जुटाई है, जिससे वह अपने कारोबार का विस्तार करने की तैयारी कर रही है। इस निवेश में कई प्रमुख निवेशकों ने हिस्सा लिया है। कंपनी का कहना है कि उसका उद्देश्य बड़े Enterprise ग्राहकों को बेहतर तकनीकी समाधान उपलब्ध कराना है, ताकि वे तेजी से बदलती जरूरतों के अनुसार अपने सिस्टम को आधुनिक बना सकें।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में तकनीकी सेवाओं का स्वरूप तेजी से बदलेगा। केवल अधिक कर्मचारियों के सहारे लंबे समय तक चलने वाले प्रोजेक्ट की जगह अब ऐसे समाधान अधिक पसंद किए जाएंगे जो कम समय में बेहतर गुणवत्ता के साथ काम पूरा कर सकें। इसी वजह से नई तकनीक पर आधारित कंपनियों और Startup को भविष्य में अधिक अवसर मिलने की संभावना जताई जा रही है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है। किसी भी व्यावसायिक या निवेश निर्णय से पहले आधिकारिक जानकारी और विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
