लोकसभा में Anti-Paper Leak Bill पर चर्चा के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। राहुल गांधी के बयान पर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कड़ी आपत्ति जताई, जबकि सरकार ने संशोधित कानून को परीक्षा प्रणाली मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया।
लोकसभा में Anti-Paper Leak Bill पर चर्चा के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह पर छात्रों पर गोली चलाने का आदेश देने का आरोप पूरी तरह गलत है। उनके मुताबिक प्रदर्शन के दौरान किसी भी तरह की Firing नहीं हुई थी, बल्कि केवल आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया था और ऐसे आदेश देने का अधिकार गृह मंत्री नहीं बल्कि संबंधित मजिस्ट्रेट के पास होता है।
लोकसभा में Anti-Paper Leak Bill पर क्या हुआ
राहुल गांधी ने सदन में आरोप लगाया था कि 20 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिस कार्रवाई की अनुमति दी थी। उन्होंने यह भी कहा कि गृह मंत्री सदन में मौजूद नहीं हैं क्योंकि वह डरे हुए हैं। इस बयान के बाद सत्ता पक्ष के सांसदों ने कड़ा विरोध जताया और सदन में कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बन गई।
🏛️ बहस की मुख्य बातें
- मुद्दा: Anti-Paper Leak Bill
- विपक्ष का आरोप: छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सवाल
- सरकार का जवाब: Firing नहीं हुई, केवल आंसू गैस का उपयोग
- केंद्रीय मंत्री: डॉ. जितेंद्र सिंह
- सदन: लोकसभा
- स्थिति: बहस के दौरान हंगामा
सरकार ने विपक्ष के आरोपों पर क्या कहा
बहस में हिस्सा लेते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि इतना महत्वपूर्ण कानून चर्चा के लिए आया था, लेकिन विपक्ष ने रचनात्मक सुझाव देने के बजाय इसे राजनीतिक मुद्दा बना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता ने सदन में ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया जो संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उनके अनुसार संसद के भीतर सभी सदस्यों को नियमों और मर्यादा का पालन करना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी के उस दावे को भी खारिज किया जिसमें उन्होंने अमित शाह के 30 वाहनों के काफिले की बात कही थी। उन्होंने कहा कि यह दावा भी तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के उस बयान पर भी सवाल उठाया जिसमें देश में 152 Paper Leak होने और करोड़ों छात्रों के प्रभावित होने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों के समर्थन में कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया।
📜 संशोधित कानून की प्रमुख बातें
- कानून: Public Examination Amendment Bill, 2026
- उद्देश्य: परीक्षा में पारदर्शिता बढ़ाना
- फोकस: Paper Leak रोकना
- कार्रवाई: अनुचित तरीकों पर सख्ती
- पारित: ध्वनिमत से
- लाभ: Exam प्रणाली की विश्वसनीयता मजबूत करना
Bill पारित होने के बाद सरकार ने क्या कहा
डॉ. जितेंद्र सिंह ने अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी पर राजनीतिक टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर बैठने की घटना उनकी राजनीतिक निराशा को दिखाती है। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने मिर्जा गालिब का प्रसिद्ध शेर “बहुत बेआबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले” पढ़ते हुए विपक्ष पर निशाना साधा।
इसी बहस के बीच लोकसभा ने Public Examination (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। सरकार ने कहा कि यह कानून सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और Exam में होने वाली गड़बड़ियों पर सख्ती से रोक लगाने के उद्देश्य से लाया गया है। सरकार के अनुसार संशोधित कानून परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता मजबूत करेगा और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई करने में मदद करेगा।
Disclaimer: यह जानकारी सदन में दिए गए बयानों और उपलब्ध आधिकारिक विवरण पर आधारित है। मामले से जुड़े दावे संबंधित पक्षों के हैं।
