आर्डी इंडस्ट्रीज (Ardee Industries) ने अपने IPO से पहले एंकर निवेशकों से करीब 127.75 करोड़ रुपये जुटाए हैं। कंपनी का IPO 5 अगस्त 2026 को आम निवेशकों के लिए खुलेगा। कंपनी ने एंकर निवेशकों को 53 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 2.41 करोड़ से ज्यादा इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं।
इस एंकर बुक में कई बड़े निवेशकों ने हिस्सा लिया है। इनमें बैंक ऑफ इंडिया स्मॉल कैप फंड, अशीष कचोलिया से जुड़ी बंगाल फाइनेंस एंड इन्वेस्टमेंट, भारत वैल्यू फंड और अन्य संस्थागत निवेशक शामिल हैं। एंकर निवेशकों की भागीदारी से कंपनी के IPO को लेकर बाजार में सकारात्मक संकेत मिले हैं।
आर्डी इंडस्ट्रीज अपने IPO के जरिए कुल 426 करोड़ रुपये तक जुटाने की योजना बना रही है। इसमें 320 करोड़ रुपये का नया शेयर जारी करना और करीब 1.99 करोड़ शेयरों की Offer for Sale (OFS) शामिल है। कंपनी इस राशि का इस्तेमाल कारोबार बढ़ाने, कर्ज चुकाने और अन्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए करेगी।
कंपनी ने बताया है कि नए शेयरों से मिलने वाली राशि में से लगभग 220 करोड़ रुपये कार्यशील पूंजी (Working Capital) की जरूरतों को पूरा करने में लगाए जाएंगे। वहीं 20 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज भुगतान के लिए किया जाएगा। बची हुई राशि सामान्य कारोबारी उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाएगी।
IPO का मूल्य दायरा 50 रुपये से 53 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। निवेशक कम से कम 281 शेयरों के लिए बोली लगा सकेंगे और इसके बाद 281 शेयरों के गुणक में आवेदन करना होगा। इस इश्यू में 50% हिस्सा योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB), 35% खुदरा निवेशकों और 15% गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित रखा गया है।
कंपनी ने IPO से पहले 115 करोड़ रुपये का प्री-IPO सौदा भी पूरा किया था, जिसमें कई बड़े निवेशकों ने हिस्सा लिया था। एंकर निवेश और प्री-IPO सौदे से कंपनी में संस्थागत निवेशकों की रुचि दिखाई देती है।
आर्डी इंडस्ट्रीज सर्कुलर इकोनॉमी क्षेत्र में काम करती है। कंपनी पुराने ऊर्जा भंडारण उत्पादों और नॉन-फेरस स्क्रैप के पुनर्चक्रण (Recycling) से जुड़े कारोबार में सक्रिय है। यह बेकार सामग्री से उपयोगी संसाधन निकालकर शुद्ध लेड और लेड मिश्र धातु तैयार करती है, जिनका इस्तेमाल बैटरी, इलेक्ट्रिक वाहन, ऑटोमोबाइल और रासायनिक उद्योगों में किया जाता है।
निवेशकों को IPO में पैसा लगाने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, जोखिम और बाजार परिस्थितियों का अच्छी तरह अध्ययन करना चाहिए। किसी भी निवेश निर्णय से पहले विशेषज्ञों की सलाह लेना बेहतर होता है।
