Asian Markets में मिला-जुला कारोबार, Nikkei कमजोर

एशियाई शेयर बाजारों में शुक्रवार को मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। निवेशकों की नजर Crude Oil की कीमतों, अमेरिकी रोजगार आंकड़ों और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर बनी हुई है।

शुक्रवार को एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। निवेशकों की नजर एक ओर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों पर रही, वहीं दूसरी ओर अमेरिका के रोजगार से जुड़े आंकड़ों का भी इंतजार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि इन आंकड़ों से आगे ब्याज दरों को लेकर संकेत मिल सकते हैं, जिसका असर दुनिया भर के बाजारों पर पड़ सकता है।

एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला कारोबार

आज बाजार की प्रमुख बातें

  • मुख्य फोकस: अमेरिकी रोजगार आंकड़े
  • Crude Oil: कीमतों में तेजी
  • Brent: 83 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर
  • जापान: शेयर बाजार में गिरावट
  • दक्षिण कोरिया: Kospi में बढ़त
  • निवेशकों की नजर: वैश्विक आर्थिक संकेत

जापान का प्रमुख शेयर सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। ऑस्ट्रेलिया और चीन के बाजारों में भी हल्की कमजोरी रही। इसके विपरीत दक्षिण कोरिया का बाजार बढ़त के साथ खुला और अन्य प्रमुख बाजारों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करता नजर आया।

वैश्विक बाजारों की दिशा तय करने में इस समय Crude Oil की कीमतें अहम भूमिका निभा रही हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण तेल की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है। इसी वजह से Brent की कीमत 83 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई। इस साल अब तक इसमें अच्छी बढ़त दर्ज की जा चुकी है।

तेल की कीमतों और अमेरिकी आंकड़ों पर नजर

तेल की कीमतों में तेजी का असर अमेरिकी शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। पिछले कारोबारी सत्र में प्रमुख सूचकांकों में गिरावट आई और कई दिनों से जारी बढ़त का सिलसिला टूट गया। निवेशकों ने बढ़ती ऊर्जा लागत और वैश्विक तनाव को देखते हुए सतर्क रुख अपनाया।

अब बाजार की नजर अमेरिका की जुलाई महीने की रोजगार रिपोर्ट पर है। यदि रोजगार के आंकड़े उम्मीद से बेहतर या कमजोर आते हैं तो इससे आगे की मौद्रिक नीति को लेकर नए संकेत मिल सकते हैं। यही कारण है कि निवेशक फिलहाल बड़े निवेश से पहले इन आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।

बाजार को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारण

  • तेल की कीमतें: लगातार बढ़त
  • होर्मुज जलडमरूमध्य: आपूर्ति को लेकर चिंता
  • अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट: ब्याज दरों के संकेत
  • Market: निवेशकों का सतर्क रुख
  • Nikkei: कमजोरी
  • Kospi: बेहतर प्रदर्शन

वैश्विक बाजार की आगे की दिशा

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक बाजार की चाल तीन प्रमुख बातों पर निर्भर रह सकती है। पहली, तेल की कीमतों में आगे क्या बदलाव आता है। दूसरी, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर क्या फैसला होता है। तीसरी, अमेरिकी आर्थिक आंकड़े किस तरह के संकेत देते हैं। इन तीनों का असर दुनिया के कई देशों के शेयर बाजारों पर पड़ सकता है।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव कम होता है और तेल की आपूर्ति सामान्य बनी रहती है तो निवेशकों का भरोसा मजबूत हो सकता है। वहीं अगर स्थिति और बिगड़ती है तो ऊर्जा लागत बढ़ने के साथ कई बाजारों में उतार-चढ़ाव तेज हो सकता है। फिलहाल निवेशक Market, Nikkei और Kospi की चाल के साथ वैश्विक घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

डिस्क्लेमर: यह लेख बाजार की उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। शेयर बाजार और कमोडिटी में निवेश जोखिमों के अधीन होता है।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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