देश में कारों की बिक्री में जुलाई के दौरान बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली है। वाहन कंपनियों की ओर से डीलरों को भेजी गई यात्री कारों की संख्या में पिछले साल के मुकाबले करीब 33.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
वाहन उद्योग के आंकड़ों के अनुसार जुलाई में कुल 4,63,249 यात्री वाहन डीलरों तक पहुंचाए गए। आने वाले त्योहारी मौसम से पहले कारों की मांग बढ़ने को इस तेजी की एक बड़ी वजह माना जा रहा है।
🚗 जुलाई में कार बिक्री का प्रदर्शन
- कुल यात्री वाहन: 4,63,249
- सालाना बढ़ोतरी: करीब 33.6 प्रतिशत
- Maruti Suzuki: 1,96,203 वाहन
- Maruti Suzuki बाजार हिस्सेदारी: करीब 42.4 प्रतिशत
- Tata Motors: 62,611 वाहन
- Mahindra: 60,048 वाहन
- Hyundai: 54,210 वाहन
कंपनियों में Maruti Suzuki सबसे आगे रही। जुलाई में कंपनी ने 1,96,203 वाहन डीलरों को भेजे, जिससे बाजार में उसकी हिस्सेदारी करीब 42.4 प्रतिशत रही। Tata Motors दूसरे स्थान पर रही और उसने 62,611 वाहन भेजे। कंपनी की इलेक्ट्रिक कारों की बढ़ती मांग ने भी बिक्री को मजबूती दी। Mahindra 60,048 वाहनों के साथ तीसरे स्थान पर रही, जबकि Hyundai ने 54,210 वाहनों की आपूर्ति की।
जुलाई में SUV की मांग रही मजबूत
जुलाई में उपयोगिता वाहनों की मांग काफी मजबूत रही। सबसे ज्यादा बिकने वाले दस मॉडलों में छह इसी श्रेणी के रहे। Maruti Dzire ने 23,791 इकाइयों की बिक्री के साथ पहला स्थान हासिल किया। Wagon R दूसरे और Ertiga तीसरे स्थान पर रही। Tata Punch की बिक्री में करीब 97 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके अलावा Creta और Scorpio जैसे मॉडलों की बिक्री में भी दो अंकों की वृद्धि देखने को मिली।
हालांकि, कंपनियों की ओर से डीलरों को भेजे गए वाहनों और ग्राहकों की ओर से खरीदे गए वाहनों के आंकड़ों में अंतर बढ़ गया है। डीलर संगठन के अनुसार जुलाई में खुदरा बाजार में 4,16,555 यात्री वाहनों की बिक्री हुई। इसका मतलब है कि कंपनियों ने डीलरों को ग्राहकों की खरीद से करीब 46,700 ज्यादा वाहन भेजे।
🎉 त्योहारी सीजन से पहले कारों का स्टॉक
- जुलाई खुदरा बिक्री: 4,16,555 यात्री वाहन
- कंपनियों की अतिरिक्त आपूर्ति: करीब 46,700 वाहन
- डीलर स्टॉक: करीब 35 दिनों की जरूरत के बराबर
- ग्राहकों के लिए फायदा: बेहतर छूट और त्योहारी ऑफर की संभावना
- केरल में मांग: ओणम से पहले स्टॉक बढ़ाया गया
- चुनौती: आने वाले महीनों में बढ़ता स्टॉक
इस अंतर के कारण डीलरों के पास वाहनों का भंडार बढ़कर करीब 35 दिनों की जरूरत के बराबर पहुंच गया है। ज्यादा वाहन स्टॉक में रहने से डीलरों पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं ग्राहकों के लिए यह स्थिति फायदे का कारण बन सकती है, क्योंकि कंपनियां और डीलर त्योहारी मौसम में बिक्री बढ़ाने के लिए बेहतर छूट और अन्य ऑफर दे सकते हैं।
केरल जैसे राज्यों में ओणम के त्योहार से पहले डीलरों ने बड़ी संख्या में वाहनों का स्टॉक जमा किया है। कुछ लोकप्रिय एसयूवी के लिए अभी भी ग्राहकों को इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि कम कीमत वाली छोटी कारें आसानी से उपलब्ध होने लगी हैं। ऐसे में इस महीने कार खरीदने वाले ग्राहकों के पास कीमत पर बातचीत करने और त्योहारी ऑफर का फायदा उठाने का बेहतर मौका हो सकता है।
हाइब्रिड और CNG वाहनों की मांग
बाजार में हाइब्रिड और CNG जैसे वैकल्पिक ईंधन वाले वाहनों की मांग में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। कंपनियों का उत्पादन सामान्य रहने और त्योहारी मौसम में मांग बढ़ने की उम्मीद के बीच अगस्त में भी कार बाजार में अच्छी गतिविधि देखने को मिल सकती है। हालांकि, डीलरों के पास बढ़ता स्टॉक आने वाले महीनों में कंपनियों और वाहन विक्रेताओं के लिए एक अहम चुनौती बना रह सकता है।

