DCGI पद के लिए सरकार ने मांगे आवेदन, नए नियमों पर विवाद

केंद्र सरकार ने देश के शीर्ष दवा नियामक Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO) के प्रमुख पद यानी Drugs Controller General of India (DCGI) के लिए नए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह प्रक्रिया मौजूदा DCGI राजीव सिंह रघुवंशी के उत्तराधिकारी की तलाश के लिए शुरू की गई है, जिनका कार्यकाल फरवरी 2023 में पद संभालने के बाद दो बार बढ़ाया जा चुका है।

DCGI पद के लिए केंद्र सरकार ने मांगे नए आवेदन

DCGI देश के लगभग 60 अरब डॉलर के फार्मा सेक्टर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह संस्था दवाओं, मेडिकल डिवाइस और क्लीनिकल ट्रायल की सुरक्षा, गुणवत्ता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने का काम करती है।

सरकार ने अप्रैल 2026 में DCGI पद के लिए भर्ती नियमों में बदलाव किया था। नए नियमों के तहत पात्रता का दायरा बढ़ाकर इंजीनियरिंग की कुछ शाखाओं जैसे मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर साइंस को भी शामिल किया गया है। इस बदलाव का कई दवा नियामक अधिकारियों ने विरोध किया है।

DCGI पद के लिए बदले गए पात्रता नियम

नए नियमों के अनुसार, उम्मीदवार के पास इंजीनियरिंग, फार्मेसी, केमिस्ट्री, लाइफ साइंस या मेडिकल क्षेत्र में मास्टर डिग्री होनी चाहिए। इसके अलावा दवा निर्माण, सुरक्षा जांच, क्लीनिकल ट्रायल रेगुलेशन या मेडिकल डिवाइस निगरानी जैसे क्षेत्रों में कम से कम 15 साल का अनुभव जरूरी होगा। डॉक्टरेट डिग्री को अतिरिक्त योग्यता माना जाएगा।

DCGI पद के लिए आवेदन की प्रक्रिया ऐसे समय शुरू हुई है जब भारत की “Pharmacy of the World” वाली छवि को लेकर सवाल उठे हैं। हाल के वर्षों में भारतीय कफ सिरप से जुड़े मामलों में जहरीले रसायन जैसे डायएथिलीन ग्लाइकोल (DEG) और एथिलीन ग्लाइकोल (EG) पाए गए थे, जिनसे कई देशों में बच्चों की मौत के मामले सामने आए थे।

💊 DCGI पद से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

  • संस्था: Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO)
  • पद: Drugs Controller General of India (DCGI)
  • फार्मा सेक्टर: करीब 60 अरब डॉलर का उद्योग
  • अनुभव: कम से कम 15 साल का अनुभव जरूरी
  • आवेदन अंतिम तारीख: 30 सितंबर

राजीव सिंह रघुवंशी का कार्यकाल और अनुभव

राजीव सिंह रघुवंशी, जो IIT-BHU के पूर्व छात्र हैं और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी से PhD कर चुके हैं, पहले Indian Pharmacopoeia Commission का नेतृत्व कर चुके हैं। उन्होंने डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज और पूर्व रणबैक्सी जैसी कंपनियों में भी वरिष्ठ पदों पर काम किया है।

ऑल इंडिया ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (AIDCOC) ने भर्ती नियमों में बदलाव का विरोध करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र भेजा है। संगठन का कहना है कि गैर-फार्मेसी क्षेत्र के उम्मीदवारों को शामिल करना दवा कानूनों में तय तकनीकी योग्यता को कमजोर कर सकता है।

भर्ती नियमों में बदलाव का विरोध

संगठन के अनुसार, DCGI जैसे महत्वपूर्ण पद के लिए फार्मेसी, फार्मास्यूटिकल केमिस्ट्री, क्लीनिकल फार्माकोलॉजी या माइक्रोबायोलॉजी की मजबूत समझ जरूरी है। उनका तर्क है कि केवल सामान्य तकनीकी अनुभव रखने वाले उम्मीदवार जटिल दवा फॉर्मूलेशन, वैक्सीन तकनीक और गुणवत्ता जांच जैसे मामलों में पर्याप्त विशेषज्ञता नहीं रखते।

📋 DCGI नियुक्ति प्रक्रिया के मुख्य बिंदु

  • आयु सीमा: अधिकतम 58 वर्ष
  • नियुक्ति आधार: प्रतिनियुक्ति या शॉर्ट टर्म कॉन्ट्रैक्ट
  • कार्यकाल: अधिकतम पांच साल तक
  • योग्यता: इंजीनियरिंग, फार्मेसी, केमिस्ट्री, लाइफ साइंस या मेडिकल क्षेत्र
  • चुनौती: दवा गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना

DCGI नियुक्ति को लेकर विशेषज्ञों की राय

1 अगस्त को जारी विज्ञापन के अनुसार, इस पद के लिए अधिकतम आयु सीमा 58 वर्ष रखी गई है। नियुक्ति प्रतिनियुक्ति (deputation) या शॉर्ट टर्म कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर होगी और कार्यकाल अधिकतम पांच साल तक हो सकता है। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर तय की गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के दवा उद्योग की वैश्विक विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए DCGI पद पर ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति जरूरी है, जिसके पास मजबूत नियामक अनुभव और फार्मास्यूटिकल क्षेत्र की गहरी समझ हो। उनके अनुसार, दवाओं की बेहतर निगरानी, गुणवत्ता जांच और मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।

Disclaimer: यह जानकारी समाचार रिपोर्टों पर आधारित है। आधिकारिक अपडेट के लिए सरकारी स्रोतों की जांच करें।

Gourav Kumar Singh

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