Hdfc life की एमडी और सीईओ विभा पाडलकर का कहना है कि भारत में लोग तेजी से पैसा बढ़ाने और कम समय में ज्यादा रिटर्न पाने पर ध्यान दे रहे हैं, जबकि जीवन बीमा जैसी सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है। उनके अनुसार, देश की अर्थव्यवस्था के आकार को देखते हुए भारत में insurance coverage को और बढ़ाने की जरूरत है।
तेज रिटर्न की चाह में सुरक्षा को नजरअंदाज कर रहे लोग
पाडलकर ने कहा कि आज कई युवा निवेश में केवल रिटर्न और पैसों की जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल करने की सुविधा को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। लंबे समय की आर्थिक सुरक्षा और परिवार को मिलने वाले संरक्षण पर उतना ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उनका मानना है कि लोगों को यह समझना होगा कि निवेश के साथ सुरक्षा भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जीवन बीमा का उद्देश्य केवल कमाई या लाभ कमाना नहीं है, बल्कि जोखिम को कम करना भी है। बीमा लेने से व्यक्ति और उसका परिवार भविष्य की अनिश्चित परिस्थितियों से सुरक्षित रह सकता है। उन्होंने बताया कि बीमा क्षेत्र में कुल बीमा राशि में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जो दिखाता है कि लोग धीरे-धीरे सुरक्षा की जरूरत को समझ रहे हैं।
बीमा उद्योग में वितरण व्यवस्था की अहम भूमिका
एचडीएफसी लाइफ प्रमुख ने कहा कि बीमा उद्योग लंबे समय से केवल कारोबार बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान देता रहा है। इसके अलावा ग्राहकों और एजेंटों के लिए लागत को लेकर भी काफी चर्चा हुई है। हालांकि, उनका कहना है कि जीवन बीमा में वितरण व्यवस्था काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि ज्यादातर लोग खुद से बीमा खरीदने की योजना नहीं बनाते।
उन्होंने चिंता जताई कि भारत पहले बचत करने वाला देश माना जाता था, लेकिन अब लोग ज्यादा खर्च और तेज रिटर्न वाले विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं। उनके अनुसार, लोगों को अपने वित्तीय लक्ष्यों के हिसाब से अलग-अलग विकल्पों को समझना चाहिए, जिसमें बचत, निवेश और सुरक्षा तीनों का संतुलन जरूरी है।
युवाओं में वित्तीय जागरूकता बढ़ाने की जरूरत
पाडलकर ने कहा कि युवाओं में वित्तीय जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। स्कूल स्तर पर ही बच्चों को पैसे का प्रबंधन, जोखिम, निवेश और compounding जैसी चीजों की जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज युवा मोबाइल, कार या मनोरंजन पर ज्यादा समय देते हैं, लेकिन सही वित्तीय योजना समझने के लिए पर्याप्त ध्यान नहीं देते।
उन्होंने यह भी कहा कि नई तकनीक और artificial intelligence जैसे साधनों की मदद से लोग बीमा और वित्तीय उत्पादों को आसानी से समझ सकते हैं। खासकर युवा, जो सलाह के लिए किसी व्यक्ति से बात करने में झिझकते हैं, वे डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर जानकारी हासिल कर सकते हैं।
बीमा नियमों में स्थिरता जरूरी
बीमा नियमों में बदलाव को लेकर पाडलकर ने कहा कि बड़े बदलाव तेजी से किए जाने चाहिए और उसके बाद स्थिरता होनी चाहिए। हाल के वर्षों में टैक्स नियम, पॉलिसी सरेंडर चार्ज और अन्य बदलावों के कारण ग्राहकों में भ्रम पैदा हुआ है। उनका कहना है कि सरकार और नियामक को बीमा की जरूरत और महत्व को लेकर सकारात्मक संदेश देना चाहिए।
एचडीएफसी लाइफ ने चार साल पहले एक्साइड लाइफ का अधिग्रहण किया था। पाडलकर के अनुसार, इस सौदे से कंपनी को अपनी एजेंसी नेटवर्क को मजबूत करने में मदद मिली। उन्होंने बताया कि एक्साइड लाइफ का पुराना कारोबार अब कंपनी के एजेंसी कारोबार का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा बन चुका है और इसमें लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है, निवेश या बीमा निर्णय से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।
