IMD Monsoon Forecast 2026: कम बारिश और ज्यादा गर्मी का अलर्ट

इस साल के मॉनसून के बारे में मौसम विभाग के पास कुछ निराशाजनक खबरें हैं। एजेंसी का अनुमान है कि जून से सितंबर तक सामान्य से कम बारिश होगी। इसके अलावा, यह भी उम्मीद है कि जून और जुलाई में तापमान सामान्य से ज़्यादा रहेगा।

IMD का मॉनसून पूर्वानुमान

मॉनसून के बारे में मौसम विभाग ने एक गंभीर पूर्वानुमान जारी किया है। एजेंसी ने जून से सितंबर तक बारिश के पूर्वानुमान के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस मॉनसून सीज़न में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। इस बीच, यह भी उम्मीद है कि जून और जुलाई में अधिकतम तापमान सामान्य से ज़्यादा रहेगा।

इसके अलावा, मौसम विभाग ने मॉनसून सीज़न के दौरान ‘अल नीनो’ (El Niño) की स्थिति बनने की संभावना का भी संकेत दिया है, जिसका सीधा असर बारिश पर पड़ेगा। IMD ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस साल जून से सितंबर के बीच मॉनसून की बारिश में 10% की कमी हो सकती है।

विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून से जुड़ी बारिश सामान्य से 10% कम रहने की उम्मीद है, जिसके चलते बारिश की कुल मात्रा सामान्य स्तर के 90% से भी कम रह सकती है। हालांकि, विभाग के अनुसार एक अच्छी खबर भी है: पूर्वोत्तर भारत में सामान्य बारिश होने का अनुमान है। सरकार ने बताया कि पूर्वोत्तर भारत को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है।

किन राज्यों में कम बारिश की संभावना

मौसम विभाग का अनुमान है कि मध्य और प्रायद्वीपीय भारत में, खासकर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में, सामान्य से कम बारिश होगी। इस साल “मॉनसून कोर ज़ोन” में भी बारिश की कमी होने का अनुमान है, जहाँ आमतौर पर भारी बारिश होती है। इस बात की 10% संभावना है कि जून के महीने में बारिश सामान्य से कम होगी। जून में केवल मध्य प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में ही सामान्य या सामान्य से ज़्यादा बारिश होने का अनुमान है।

🌧️ मॉनसून 2026 मुख्य अपडेट

  • अवधि: जून से सितंबर 2026
  • बारिश अनुमान: सामान्य से 10% कम
  • प्रभावित क्षेत्र: मध्य और प्रायद्वीपीय भारत
  • पूर्वोत्तर भारत: सामान्य बारिश की संभावना
  • मुख्य कारण: अल नीनो की संभावित स्थिति

मध्य, उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत को छोड़कर—जहाँ अधिकतम तापमान सामान्य स्तर पर या उससे कम रहने का अनुमान है—मौसम विभाग ने यह भी अनुमान लगाया है कि 2026 में अधिकतम तापमान सामान्य स्तर से ऊपर रहेगा। जून 2026 में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में सामान्य से ज़्यादा लू चलने की स्थिति बन सकती है। दूसरी ओर, राजस्थान और झारखंड में सामान्य से कम लू चलने की उम्मीद है।

अल नीनो और बढ़ता तापमान

अल नीनो से जुड़ी स्थितियाँ इस समय बदल रही हैं। मौसम संबंधी हालिया अनुमानों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के मौसम में ‘अल नीनो’ (El Niño) की स्थितियाँ बन सकती हैं। हिंद महासागर में सतह का तापमान सामान्य से अधिक होने की खबरें मिली हैं। पूरे मॉनसून के मौसम के दौरान, अल नीनो की ये स्थितियाँ संभवतः बनी रहेंगी। मई के महीने में देश में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई।

केरल में, मॉनसून आमतौर पर 1 जून को शुरू होता है। लेकिन इस साल, यह अनुमान लगाया गया था कि मॉनसून 26 मई को ही आ जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में मॉनसून के बंगाल की खाड़ी और लक्षद्वीप क्षेत्र में और आगे बढ़ने का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, साथ ही श्रीलंका में अब मॉनसून का आगमन हो चुका है। जून के अंत तक पूरे देश के दक्षिण-पश्चिम मॉनसून से प्रभावित होने का अनुमान है।

☀️ तापमान और लू अलर्ट

  • जून-जुलाई: सामान्य से अधिक तापमान
  • लू प्रभावित राज्य: यूपी, बिहार, हरियाणा, पंजाब आदि
  • कम लू संभावना: राजस्थान और झारखंड
  • महासागर स्थिति: हिंद महासागर सामान्य से अधिक गर्म
  • मॉनसून आगमन: जून अंत तक पूरे भारत में

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट के लिए IMD की सलाह जरूर देखें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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