ITR में Gift की जानकारी कब देना जरूरी? जानें टैक्स नियम

अगर आपको वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान नकद, गहने, संपत्ति या कोई अन्य उपहार मिला है, तो Income Tax Return भरने से पहले उससे जुड़े नियमों को समझना जरूरी है। सही जानकारी के साथ ITR दाखिल करने से भविष्य में नोटिस या अन्य परेशानियों की संभावना कम हो जाती है।

अगर आपने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान दोस्तों या परिवार के किसी सदस्य से नकद, गहने, संपत्ति या कोई अन्य उपहार प्राप्त किया है, तो Income Tax Return भरते समय उसके नियमों को समझना जरूरी है। हर उपहार पर टैक्स नहीं लगता, लेकिन कई मामलों में उसकी जानकारी रिटर्न में देना आवश्यक हो सकता है। ऐसे में सही जानकारी देने से भविष्य में किसी तरह की परेशानी से बचा जा सकता है।

Income Tax Return में उपहार की जानकारी कब देनी जरूरी है?

आयकर नियमों के अनुसार, उपहार को कुछ परिस्थितियों में आय माना जाता है और इसे Income के रूप में दिखाना पड़ता है। यदि कोई उपहार टैक्स के दायरे में आता है, तो उसे “अन्य स्रोतों से आय” के तहत रिटर्न में शामिल करना होता है। उस पर लागू टैक्स आपकी आय के स्लैब के अनुसार तय होता है।

हालांकि, कानून में कई ऐसे मामले भी हैं जहां उपहार पर टैक्स नहीं लगता। यदि उपहार किसी करीबी रिश्तेदार से मिला है, किसी गैर-रिश्तेदार से पूरे साल में 50 हजार रुपये तक का मिला है, वसीयत या विरासत के रूप में प्राप्त हुआ है या शादी के अवसर पर मिला है, तो सामान्य तौर पर उस पर टैक्स नहीं लगाया जाता।

किन उपहारों पर टैक्स नहीं लगता?

  • करीबी रिश्तेदार: प्राप्त उपहार
  • गैर-रिश्तेदार: पूरे साल में 50 हजार रुपये तक
  • विरासत: वसीयत या उत्तराधिकार से मिला उपहार
  • शादी: विवाह के अवसर पर मिला उपहार
  • स्थिति: सामान्य तौर पर टैक्स से छूट

किन मामलों में ITR में जानकारी देना जरूरी है?

जो उपहार टैक्स के दायरे में आते हैं, उनकी जानकारी उसी वित्त वर्ष के ITR में देना जरूरी होता है जिसमें वह प्राप्त हुए हैं। यदि कोई व्यक्ति बड़ी राशि या महंगे उपहार की सही जानकारी नहीं देता और बाद में आयकर विभाग को इसकी जानकारी मिलती है, तो मामला जांच के दायरे में आ सकता है। गलत या अधूरी जानकारी देने पर टैक्स के साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

अब एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। आकलन वर्ष 2026-27 के लिए ऑनलाइन रिटर्न भरते समय “Receipts not in the nature of income” नाम से नया विकल्प जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य ऐसे प्राप्त धन या उपहार की जानकारी लेना है, जिन्हें कानून के अनुसार आय नहीं माना जाता। यानी जो उपहार टैक्स से पूरी तरह छूट वाले हैं, उन्हें भी जरूरत पड़ने पर इस नए भाग में बताया जा सकता है।

नए ITR विकल्प की मुख्य बातें

  • नया विकल्प: Receipts not in the nature of income
  • आकलन वर्ष: 2026-27
  • उद्देश्य: टैक्स मुक्त प्राप्त राशि की जानकारी
  • टैक्स: इससे टैक्स देनदारी नहीं बदलती
  • लाभ: अधिक पारदर्शी ITR दाखिल करना

रिटर्न भरते समय किन बातों का ध्यान रखें?

ध्यान देने वाली बात यह है कि इस नए विकल्प का मतलब यह नहीं है कि पहले से टैक्स मुक्त उपहार अब टैक्स के दायरे में आ गए हैं। यह केवल जानकारी दर्ज करने की व्यवस्था है ताकि रिटर्न अधिक पारदर्शी और सही तरीके से भरा जा सके。

रिटर्न दाखिल करते समय सभी जरूरी दस्तावेज और उपहार से जुड़ी जानकारी अपने पास रखना बेहतर रहता है। इससे यदि भविष्य में कोई पूछताछ होती है, तो सही रिकॉर्ड प्रस्तुत किया जा सकता है। समय पर और सही जानकारी के साथ रिटर्न भरना ही सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है।

Disclaimer: यह जानकारी सामान्य सूचना के लिए है। टैक्स से जुड़ा अंतिम निर्णय लेने से पहले आधिकारिक नियम या योग्य विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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