फास्ट फूड सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच ग्राहकों को कम कीमत वाले मील और आकर्षक ऑफर देना कंपनियों के लिए अहम रणनीति बन गया है। इसी रणनीति के दम पर सैफायर फूड्स ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में घाटे से निकलकर मुनाफे में वापसी की है।
फास्ट फूड चेन KFC और Pizza Hut का संचालन करने वाली सैफायर फूड्स ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में शानदार वापसी करते हुए मुनाफा दर्ज किया है। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को घाटा हुआ था, लेकिन इस बार ग्राहकों को कम कीमत वाले भोजन और आकर्षक ऑफर देने की रणनीति से बिक्री बढ़ी और कंपनी लाभ में आ गई।
सैफायर फूड्स ने पहली तिमाही में की मुनाफे में वापसी
अप्रैल से जून 2026 की तिमाही में कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ 14.04 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को 1.80 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। वहीं, मार्च 2026 की तिमाही में भी कंपनी 12.61 करोड़ रुपये के नुकसान में थी। नतीजों के बाद कंपनी के शेयरों में भी कारोबार के दौरान तेजी देखने को मिली।
शहरी क्षेत्रों में मांग कमजोर रहने और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी ने ग्राहकों को कम कीमत वाले भोजन उपलब्ध कराए। KFC ने अपना चिकन क्रिस्पर मील 99 रुपये में पेश किया, जिसमें बर्गर, फ्रेंच फ्राइज और पेय शामिल था। वहीं Pizza Hut ने भी 99 रुपये में विशेष मील ऑफर शुरू किया। इन ऑफर का असर बिक्री पर साफ दिखाई दिया।
सैफायर फूड्स Q1 के प्रमुख आंकड़े
- शुद्ध लाभ: 14.04 करोड़ रुपये
- पिछले साल: 1.80 करोड़ रुपये का घाटा
- परिचालन आय: 891 करोड़ रुपये
- आय वृद्धि: 15 प्रतिशत
- शेयर: नतीजों के बाद तेजी
99 रुपये के मील ऑफर का दिखा असर
तिमाही के दौरान कंपनी की परिचालन आय 15 प्रतिशत बढ़कर 891 करोड़ रुपये पहुंच गई। यह पिछले लगभग तीन वर्षों में कंपनी की सबसे तेज आय वृद्धि मानी जा रही है। कंपनी के पुराने रेस्तरां की बिक्री में भी सुधार दर्ज किया गया। भारत में केएफसी आउटलेट्स की समान स्टोर बिक्री 5 प्रतिशत बढ़ी, जबकि पिज्जा हट के आउटलेट्स में पांच तिमाहियों के बाद 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
हालांकि कारोबार बढ़ने के साथ कंपनी के खर्च भी बढ़े। कुल खर्च 12 प्रतिशत बढ़कर 880 करोड़ रुपये हो गया। ऊर्जा लागत और संचालन से जुड़े दूसरे खर्चों में वृद्धि इसका प्रमुख कारण रही।
विलय योजना की बड़ी बातें
- कंपनियां: सैफायर फूड्स और देवयानी इंटरनेशनल
- घोषणा: इस साल की शुरुआत में
- संभावित नेटवर्क: 3,000 से अधिक रेस्तरां
- उद्देश्य: बाजार में मजबूत मौजूदगी
- उम्मीद: कारोबार का और विस्तार
विलय से क्या हो सकता है फायदा?
इस साल की शुरुआत में सैफायर फूड्स और देवयानी इंटरनेशनल ने विलय की योजना की घोषणा की थी। दोनों कंपनियों के एक होने के बाद देश में 3,000 से अधिक रेस्तरां वाला बड़ा फूड नेटवर्क तैयार होने की उम्मीद है। उद्योग के जानकारों का मानना है कि इस तरह के कदम से दोनों कंपनियां बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकती हैं।
Disclaimer: यह जानकारी सार्वजनिक रिपोर्टों और कंपनी के घोषित वित्तीय नतीजों पर आधारित है। निवेश से पहले अपनी जांच और विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
