झारखंड में छात्र आंदोलन के बीच JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ गई। विधानसभा घेराव मार्च में शामिल होने के बाद उन्हें रांची सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। महतो पिछले नौ दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भूख हड़ताल पर थे। तबीयत खराब होने के बावजूद उन्होंने सोमवार को छात्रों के साथ विधानसभा की ओर मार्च किया।
विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस ने किया लाठीचार्ज
छात्रों का यह आंदोलन JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रहा है। प्रदर्शनकारी JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने, पूरे मामले की CBI जांच कराने और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।
सोमवार को प्रदर्शनकारी विधानसभा के बाहर पहुंचे। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसके बाद भी छात्रों ने आंदोलन जारी रखा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं।
📢 छात्रों की मुख्य मांगें
- परीक्षा: JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की मांग
- जांच: पूरे मामले की CBI जांच
- भर्ती प्रक्रिया: व्यापक सुधार की मांग
- पारदर्शिता: भर्ती परीक्षाओं में निष्पक्षता की मांग
- आंदोलन: छात्रों का प्रदर्शन जारी
एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि वे पुलिस की कार्रवाई का सामना करेंगे और अपने अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे। छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच जरूरी है।
JPSC और JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ी का आरोप
प्रदर्शनकारी छात्रों ने JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की है। इसके साथ ही PGT और JPSC की कई परीक्षाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने भी छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की मांगों पर कार्रवाई करने में देरी कर रही है।
मरांडी ने कहा कि छात्रों की मुख्य मांग पूरे मामले की CBI जांच है। उन्होंने JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
🏥 देवेंद्र नाथ महतो अस्पताल में भर्ती
- स्थिति: तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती
- अस्पताल: रांची सदर अस्पताल
- भूख हड़ताल: पिछले नौ दिनों से जारी
- स्थान: जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम
- मार्च: सोमवार को छात्रों के साथ विधानसभा की ओर मार्च
भर्ती प्रक्रिया में सुधार की भी मांग
प्रदर्शनकारियों ने केवल परीक्षा रद्द करने की मांग नहीं की है, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की भी मांग की है। छात्रों का आरोप है कि कुछ परीक्षाओं के आयोजन और मूल्यांकन को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं।
मरांडी ने भी परीक्षा की जांच और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्रों को भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता का भरोसा मिलना चाहिए।
फिलहाल देवेंद्र नाथ महतो को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, छात्र समूह अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखे हुए हैं। प्रदर्शनकारी JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने, कथित अनियमितताओं की CBI जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे हैं।
