रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। इस दौरान कंपनी के मुनाफे में तिमाही आधार पर हल्की गिरावट रही, जबकि राजस्व, ग्राहक आधार और 5G सेवाओं में लगातार मजबूती देखने को मिली।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में पहली बार तिमाही आधार पर मुनाफे में हल्की गिरावट दर्ज की है। कंपनी का Net Profit 2.16 प्रतिशत घटकर 7,764 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछली तिमाही में यह 7,935 करोड़ रुपये था। हालांकि पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले कंपनी का मुनाफा अब भी अधिक रहा। प्रबंधन के अनुसार 5G नेटवर्क के विस्तार से जुड़ी बढ़ी हुई लागत, मूल्यह्रास और ब्याज खर्च के कारण मुनाफे पर दबाव पड़ा।
जियो प्लेटफॉर्म्स Q1 FY27 के वित्तीय नतीजे
मुनाफे में हल्की गिरावट के बावजूद कंपनी की आय में लगातार बढ़ोतरी जारी रही। पहली तिमाही में परिचालन से होने वाला राजस्व बढ़कर 39,713 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछली तिमाही में 38,259 करोड़ रुपये था। कंपनी ने बताया कि ग्राहकों की संख्या बढ़ने, प्रति ग्राहक औसत आय में सुधार और डिजिटल सेवाओं के विस्तार से राजस्व को मजबूती मिली।
कंपनी का EBITDA भी बेहतर रहा। यह बढ़कर 20,865 करोड़ रुपये पहुंच गया और EBITDA मार्जिन 53.3 प्रतिशत हो गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि मोबाइल, होम ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज सेवाओं में मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपना ड्राफ्ट दस्तावेज नियामक के पास जमा कर दिया है, जिससे कंपनी के IPO की दिशा में बड़ा कदम आगे बढ़ा है।
जियो प्लेटफॉर्म्स Q1 FY27 की प्रमुख बातें
- Net Profit: 7,764 करोड़ रुपये
- Revenue: 39,713 करोड़ रुपये
- EBITDA: 20,865 करोड़ रुपये
- EBITDA Margin: 53.3%
- मुख्य कारण: 5G विस्तार से बढ़ी लागत
IPO और 5G निवेश पर कंपनी की रणनीति
रिलायंस जियो इंफोकॉम, जो जियो प्लेटफॉर्म्स का सबसे बड़ा कारोबार है, उसका मुनाफा भी तिमाही आधार पर थोड़ा घटकर 7,167 करोड़ रुपये रह गया। कंपनी ने बताया कि 5G नेटवर्क पर किए गए बड़े निवेश का ब्याज खर्च अब वित्तीय नतीजों में दिखाई देने लगा है। इसी वजह से खर्च बढ़ा और मुनाफे पर असर पड़ा। कंपनी की योजना IPO से जुटाई गई राशि का एक हिस्सा कर्ज कम करने में इस्तेमाल करने की है।
पहली तिमाही में जियो ने 89 लाख नए ग्राहक जोड़े, जिससे कुल ग्राहक संख्या बढ़कर 53.33 करोड़ हो गई। कंपनी का मासिक ग्राहक छोड़ने का अनुपात भी पहले की तुलना में थोड़ा कम हुआ। प्रति ग्राहक औसत मासिक आय बढ़कर 215.6 रुपये हो गई, जो पिछली तिमाही में 214 रुपये थी। बेहतर ग्राहक मिश्रण और ब्रॉडबैंड सेवाओं की बढ़ती मांग से इसमें सुधार देखने को मिला।
ग्राहक और 5G नेटवर्क अपडेट
- कुल ग्राहक: 53.33 करोड़
- नए ग्राहक: 89 लाख
- 5G यूजर्स: 28.5 करोड़
- ARPU: 215.6 रुपये
- JioAirFiber: 1.4 करोड़ कनेक्शन
5G और JioAirFiber का तेजी से विस्तार
जियो के 5G नेटवर्क का विस्तार भी तेजी से जारी है। जून 2026 के अंत तक कंपनी के 5G उपयोगकर्ताओं की संख्या 28.5 करोड़ पहुंच गई, जो पिछली तिमाही से 1.7 करोड़ अधिक है। अब जियो नेटवर्क पर कुल वायरलेस डेटा ट्रैफिक में 5G की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से ज्यादा हो चुकी है। कंपनी के अनुसार 5G ट्रैफिक अब 4G ट्रैफिक से भी लगभग डेढ़ गुना अधिक हो गया है।
JioAirFiber सेवा का विस्तार भी तेजी से हो रहा है। पहली तिमाही में 11 लाख नए कनेक्शन जुड़े, जिसके बाद इस सेवा से जुड़े घरों की संख्या बढ़कर 1.4 करोड़ हो गई। वहीं फिक्स्ड ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जुड़े कुल परिसरों की संख्या 2.86 करोड़ तक पहुंच गई। प्रति व्यक्ति मासिक डेटा उपयोग बढ़कर 43.7 जीबी हो गया, जबकि कुल डेटा खपत भी पिछले मुकाबले बढ़ी है।
डिजिटल कारोबार पर रहेगा कंपनी का फोकस
कंपनी का कहना है कि वह आने वाले समय में नई तकनीकों और डिजिटल सेवाओं पर लगातार निवेश जारी रखेगी। मजबूत ग्राहक आधार, बढ़ती 5G पहुंच और डिजिटल कारोबार के विस्तार के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में अपनी स्थिति को और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है।
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