JPMorgan ने बनाया मुनाफे का नया रिकॉर्ड, फिर भी CEO ने दी बड़ी चेतावनी

अगर आप वैश्विक बैंकिंग सेक्टर और शेयर बाजार से जुड़ी खबरों पर नजर रखते हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। अमेरिका के सबसे बड़े बैंकों में शामिल जेपीमॉर्गन चेस (JPMorgan Chase) ने दूसरी तिमाही में अपने इतिहास का सबसे बड़ा तिमाही मुनाफा दर्ज किया है। कंपनी को शेयर ट्रेडिंग से जबरदस्त कमाई हुई, जबकि वीजा (Visa) में अपनी पुरानी हिस्सेदारी से भी बड़ा फायदा मिला। हालांकि, बैंक के सीईओ जेमी डाइमन ने दुनिया की अर्थव्यवस्था को लेकर कई बड़े जोखिमों की चेतावनी भी दी है।

जेपीमॉर्गन चेस के ताजा तिमाही नतीजों में रिकॉर्ड मुनाफा, मजबूत ट्रेडिंग आय और निवेश बैंकिंग कारोबार की बढ़त देखने को मिली। हालांकि बैंक ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर बढ़ते जोखिमों को भी प्रमुख चिंता बताया है।

JPMorgan Chase ने दर्ज किया रिकॉर्ड तिमाही मुनाफा

जेपीमॉर्गन की दूसरी तिमाही की शुद्ध आय (Net Income) 21.2 अरब डॉलर रही, जो प्रति शेयर 7.70 डॉलर के बराबर है। इस शानदार प्रदर्शन के पीछे शेयर ट्रेडिंग का बड़ा योगदान रहा। बैंक की इक्विटी ट्रेडिंग से आय एक साल पहले की तुलना में 86 प्रतिशत बढ़कर 6.03 अरब डॉलर पहुंच गई। वहीं कुल ट्रेडिंग राजस्व रिकॉर्ड 12.1 अरब डॉलर रहा, जो विश्लेषकों के अनुमान से भी अधिक है।

बैंक को इस तिमाही में वीजा में अपनी लंबे समय से मौजूद हिस्सेदारी से 4.6 अरब डॉलर का एकमुश्त लाभ भी मिला। इसके अलावा निवेश बैंकिंग कारोबार भी मजबूत रहा। इस दौरान निवेश बैंकिंग फीस 30 प्रतिशत बढ़कर 3.28 अरब डॉलर पहुंच गई। हालांकि, विलय और अधिग्रहण (M&A) से मिलने वाली सलाहकार फीस में बढ़ोतरी बाजार की उम्मीद से थोड़ी कम रही।

जेपीमॉर्गन के तिमाही नतीजे

  • शुद्ध आय: 21.2 अरब डॉलर
  • प्रति शेयर आय (EPS): 7.70 डॉलर
  • कुल ट्रेडिंग राजस्व: 12.1 अरब डॉलर
  • इक्विटी ट्रेडिंग आय: 6.03 अरब डॉलर
  • वीजा हिस्सेदारी से लाभ: 4.6 अरब डॉलर
  • निवेश बैंकिंग फीस: 3.28 अरब डॉलर

जेमी डाइमन ने वैश्विक जोखिमों को लेकर दी चेतावनी

कंपनी के सीईओ जेमी डाइमन ने कहा कि मौजूदा समय में कई जोखिम धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। उन्होंने भू-राजनीतिक तनाव, युद्ध, लगातार ऊंची महंगाई, दुनिया भर में बढ़ता सरकारी कर्ज और शेयर बाजार में ऊंचे वैल्यूएशन को प्रमुख चुनौतियां बताया। उनका कहना है कि अभी यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि इनका असर आगे कैसा होगा। फिलहाल स्थिति संभली हुई लग सकती है, लेकिन अगर ये जोखिम एक साथ बढ़े तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है।

जेपीमॉर्गन ने पूरे साल के खर्च का अनुमान बढ़ाकर करीब 107.5 अरब डॉलर कर दिया है। बैंक का कहना है कि कारोबार बढ़ने और अधिक गतिविधियों के कारण खर्च में भी वृद्धि होगी। दूसरी तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 27.3 अरब डॉलर रहा, जो बाजार के अनुमान से ज्यादा है।

बैंक का आउटलुक और प्रमुख अनुमान

  • पूरे साल का खर्च: 107.5 अरब डॉलर
  • दूसरी तिमाही का खर्च: 27.3 अरब डॉलर
  • पूरे साल का NII अनुमान: 105.5 अरब डॉलर
  • दूसरी तिमाही NII: 25.5 अरब डॉलर
  • चार्ज-ऑफ रेट: 3.2 प्रतिशत
  • फोकस: वैश्विक आर्थिक जोखिम और भविष्य की वृद्धि

निवेशकों की प्रतिक्रिया और शेयरों में गिरावट

बैंक ने पूरे साल के लिए नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) का अनुमान भी बढ़ाकर करीब 105.5 अरब डॉलर कर दिया है। दूसरी तिमाही में यह आय 25.5 अरब डॉलर रही, जो पिछले साल की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है। इसके साथ ही बैंक ने क्रेडिट कार्ड कारोबार में संभावित डिफॉल्ट दर (Charge-off Rate) का अनुमान भी पहले की तुलना में घटाकर 3.2 प्रतिशत कर दिया है।

हालांकि मजबूत नतीजों के बावजूद निवेशकों की प्रतिक्रिया सीमित रही और शुरुआती कारोबार में जेपीमॉर्गन के शेयरों में लगभग 2.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक अब कंपनी के भविष्य के अनुमान और वैश्विक आर्थिक जोखिमों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।

Disclaimer: यह लेख सार्वजनिक वित्तीय रिपोर्टों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। निवेश संबंधी कोई भी निर्णय लेने से पहले आधिकारिक जानकारी और विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

Gourav Kumar Singh

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