Mahajan Imaging और Neuberg का बड़ा फैसला, North India में बढ़ेंगी Health Services

सोमवार को महाजन इमेजिंग एंड लैब्स ने चेन्नई की न्यूबर्ग डायग्नोस्टिक्स के साथ मिलकर उत्तर भारत में अपनी जांच सेवाओं का विस्तार करने की घोषणा की। दोनों कंपनियां मिलकर पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी, जीनोमिक्स, मेटाबोलोमिक्स और वेलनेस जांच जैसी सुविधाओं को ज्यादा क्षेत्रों तक पहुंचाने की योजना पर काम करेंगी। इस साझेदारी के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।

महाजन इमेजिंग और न्यूबर्ग डायग्नोस्टिक्स की साझेदारी

महाजन इमेजिंग के संस्थापक और चेयरमैन हर्ष महाजन के अनुसार, कंपनी इन सात राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों में न्यूबर्ग की विशेष साझेदार के रूप में काम करेगी। इसके साथ ही नोएडा, लखनऊ और जम्मू में न्यूबर्ग की मौजूदा प्रयोगशाला गतिविधियों को भी अपने संचालन में शामिल किया जाएगा। दोनों संस्थानों के पास मौजूद सुविधाओं को मिलाकर मरीजों को एक ही नेटवर्क के जरिए कई तरह की जांच उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

इस साझेदारी में महाजन इमेजिंग के रेडियोलॉजी और न्यूक्लियर मेडिसिन नेटवर्क को न्यूबर्ग की 200 से अधिक मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं और डिजिटल ढांचे के साथ जोड़ा जाएगा। कंपनियों का उद्देश्य बड़े शहरों के अलावा छोटे शहरों और गैर-महानगरीय क्षेत्रों में भी जांच सुविधाओं को मजबूत करना है। इसके लिए प्रयोगशालाओं, नमूना संग्रह केंद्रों और परिवहन व्यवस्था में निवेश किया जाएगा।

उत्तर भारत में जांच सेवाओं का विस्तार

  • साझेदारी: महाजन इमेजिंग और न्यूबर्ग डायग्नोस्टिक्स
  • क्षेत्र: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर
  • सेवाएं: पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी, जीनोमिक्स, मेटाबोलोमिक्स और वेलनेस जांच
  • प्रयोगशालाएं: न्यूबर्ग की 200 से अधिक मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाएं
  • लक्ष्य: छोटे शहरों और गैर-महानगरीय क्षेत्रों में जांच सुविधाओं को मजबूत करना

दूरदराज के क्षेत्रों में नमूना परिवहन की योजना

दूरदराज के इलाकों से जांच के नमूनों को मुख्य प्रयोगशालाओं तक जल्दी पहुंचाने के लिए तकनीक आधारित परिवहन व्यवस्था विकसित करने की योजना है। इसमें ड्रोन के माध्यम से नमूने भेजने की सुविधा भी शामिल हो सकती है। हालांकि दोनों कंपनियों ने इस संयुक्त उपक्रम में होने वाले कुल निवेश और वित्तीय समझौते से जुड़ी रकम का खुलासा नहीं किया है।

हर्ष महाजन ने कहा कि आज चिकित्सा जांच केवल एक तरह की जांच तक सीमित नहीं रह गई है। मरीज की सही स्थिति समझने के लिए रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी, आणविक जांच और जीन संबंधी जानकारी को एक साथ देखना जरूरी होता जा रहा है। साझेदारी के जरिए कंपनी इन सभी सुविधाओं को एक बड़े नेटवर्क के रूप में उपलब्ध कराने की कोशिश करेगी।

न्यूबर्ग डायग्नोस्टिक्स के संस्थापक और प्रबंध निदेशक जी.एस.के. वेलु ने बताया कि कंपनी का ध्यान पैथोलॉजी, जीनोमिक्स, वेलनेस सेवाओं, डिजिटल ढांचे और बेहतर नमूना परिवहन पर रहेगा। दोनों कंपनियां उत्तर भारत में जांच सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए अपने अनुभव और मौजूदा संसाधनों का इस्तेमाल करेंगी।

नई जांच सुविधाओं और तकनीक पर जोर

  • विशेष केंद्र: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में विशेष जांच केंद्र बनाने की योजना
  • स्वास्थ्य सेवाएं: लंबी उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान
  • शुरुआती पहचान: बीमारी के शुरुआती संकेत पहचानने की कोशिश
  • तकनीक: डिजिटल प्रणालियों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल
  • गुणवत्ता: जांच पूरी होने का समय कम करने और गुणवत्ता सुधारने पर जोर

बीमारी से पहले बचाव पर रहेगा ध्यान

संयुक्त योजना के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में विशेष जांच केंद्र और लंबी उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अलग केंद्र बनाने की भी योजना है। इन केंद्रों का ध्यान बीमारी के शुरुआती संकेत पहचानने, स्वस्थ उम्र बढ़ाने और बीमारी से पहले बचाव पर रहेगा। भविष्य में व्यक्तिगत स्वास्थ्य जानकारी के आधार पर बीमारी के जोखिम को समझने वाली उन्नत जांच भी शुरू की जा सकती है।

संयुक्त उपक्रम के मुख्य कार्यकारी कबीर महाजन ने कहा कि संचालन में डिजिटल प्रणालियों को एक साथ जोड़ना, नमूनों की जांच पूरी होने में लगने वाला समय कम करना और गुणवत्ता जांच के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल करना महत्वपूर्ण होगा। इससे अलग-अलग केंद्रों के बीच काम को बेहतर तरीके से जोड़ा जा सकेगा।

जांच क्षेत्र में मांग बढ़ने की उम्मीद

देश में संगठित जांच कंपनियों के लिए भी आने वाले समय में मांग बढ़ने की उम्मीद है। आईसीआरए के अनुमान के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में इस क्षेत्र की आय में करीब 12 से 14 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। इसके पीछे स्वास्थ्य जांच के प्रति बढ़ती जागरूकता, छोटे शहरों में विस्तार और आधुनिक चिकित्सा जांच की बढ़ती जरूरत को प्रमुख कारण माना जा रहा है।

अस्वीकरण: यह जानकारी केवल सामान्य जानकारी के लिए है; किसी भी स्वास्थ्य निर्णय से पहले योग्य चिकित्सा विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Gourav Kumar Singh

About the Author

Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

Read More →

Leave a Comment