महनदी कोलफील्ड्स ने शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कोल इंडिया की पूर्ण स्वामित्व वाली इस कंपनी ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के पास आईपीओ के लिए मसौदा दस्तावेज जमा किए हैं। कंपनी का प्रस्तावित आईपीओ पूरी तरह बिक्री पेशकश के रूप में होगा, जिसमें उसकी मूल कंपनी कोल इंडिया 66.18 करोड़ इक्विटी शेयर बेचेगी।
महनदी कोलफील्ड्स IPO की खास बातें
- आईपीओ पूरी तरह बिक्री पेशकश यानी OFS होगा।
- कोल इंडिया 66.18 करोड़ इक्विटी शेयर बेचेगी।
- आईपीओ से मिलने वाली पूरी रकम कोल इंडिया को जाएगी।
- महनदी कोलफील्ड्स को इस पेशकश से कोई राशि नहीं मिलेगी।
- कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है।
इस आईपीओ से मिलने वाली पूरी रकम कोल इंडिया को जाएगी। महनदी कोलफील्ड्स को इस पेशकश से कोई राशि प्राप्त नहीं होगी। कंपनी के शेयरों को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है। अगर यह योजना पूरी होती है, तो महनदी कोलफील्ड्स शेयर बाजार में कारोबार करने वाली कोल इंडिया की तीसरी सहायक कंपनी बन जाएगी। इससे पहले सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट और भारत कोकिंग कोल बाजार में सूचीबद्ध हो चुके हैं।
भारत की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनियों में शामिल
महनदी कोलफील्ड्स का दावा है कि उत्पादन के आधार पर वह भारत की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने 218.31 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया था। यह देश के कुल गैर-कोकिंग कोयला उत्पादन का करीब 22.40 प्रतिशत था। ओडिशा स्थित उसके तालचेर और इब वैली कोयला क्षेत्रों में करीब 106.76 अरब टन का अनुमानित कोयला संसाधन मौजूद है।
महनदी कोलफील्ड्स का उत्पादन और भंडार
- वित्त वर्ष 2025-26 में कोयला उत्पादन: 218.31 मिलियन टन
- देश के गैर-कोकिंग कोयला उत्पादन में हिस्सेदारी: करीब 22.40 प्रतिशत
- अनुमानित कोयला संसाधन: करीब 106.76 अरब टन
- ऑडिट किया गया कोयला भंडार: 9,840.31 मिलियन टन
- मौजूदा उत्पादन स्तर पर भंडार: करीब 45 वर्षों के लिए पर्याप्त
कंपनी के अनुसार, उसके पास ऑडिट किए गए 9,840.31 मिलियन टन कोयला भंडार है। मौजूदा उत्पादन स्तर को देखते हुए यह भंडार करीब 45 वर्षों तक उत्पादन जारी रखने में मदद कर सकता है। कंपनी अलग-अलग प्रकार के गैर-कोकिंग कोयले का उत्पादन करती है, जिसमें धुले और बेहतर गुणवत्ता वाले कोयले भी शामिल हैं।
जून तिमाही में कंपनी का मुनाफा घटा
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो जून 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का मुनाफा 2,399 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के 2,448.3 करोड़ रुपये से करीब 2 प्रतिशत कम है। हालांकि, इस दौरान आय 6.4 प्रतिशत बढ़कर 8,033.8 करोड़ रुपये हो गई, जबकि एक साल पहले यह 7,548.4 करोड़ रुपये थी।
वित्त वर्ष 2025-26 में भी मुनाफे में गिरावट
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का मुनाफा 1.2 प्रतिशत घटकर 10,698.1 करोड़ रुपये रहा। इसी अवधि में कंपनी की आय भी 2.6 प्रतिशत घटकर 30,549.6 करोड़ रुपये रह गई। आईपीओ के प्रबंधन के लिए कोल इंडिया ने एसबीआई कैपिटल मार्केट्स, एक्सिस कैपिटल, बीओबी कैपिटल मार्केट्स, आईडीबीआई कैपिटल मार्केट्स एंड सिक्योरिटीज और आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज को मर्चेंट बैंकर नियुक्त किया है।
Frequently asked questions
महनदी कोलफील्ड्स का IPO किस तरह का होगा?
महनदी कोलफील्ड्स का प्रस्तावित IPO पूरी तरह बिक्री पेशकश यानी OFS होगा। इसमें कंपनी की मूल कंपनी कोल इंडिया अपने 66.18 करोड़ इक्विटी शेयर निवेशकों को पेश करेगी।
महनदी कोलफील्ड्स IPO की रकम किसे मिलेगी?
इस IPO से मिलने वाली पूरी रकम कोल इंडिया को जाएगी। चूंकि यह बिक्री पेशकश है, इसलिए महनदी कोलफील्ड्स को शेयरों की बिक्री से सीधे कोई राशि प्राप्त नहीं होगी।
महनदी कोलफील्ड्स के शेयर कहां सूचीबद्ध होंगे?
कंपनी ने अपने शेयरों को बीएसई और एनएसई दोनों प्रमुख भारतीय शेयर बाजारों पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि अंतिम प्रक्रिया IPO से जुड़ी मंजूरी और आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
महनदी कोलफील्ड्स ने वित्त वर्ष 2025-26 में कितना कोयला बनाया?
वित्त वर्ष 2025-26 में महनदी कोलफील्ड्स ने 218.31 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया। कंपनी के अनुसार, यह देश के कुल गैर-कोकिंग कोयला उत्पादन का करीब 22.40 प्रतिशत था।
महनदी कोलफील्ड्स के IPO के मर्चेंट बैंकर कौन हैं?
IPO के प्रबंधन के लिए कोल इंडिया ने एसबीआई कैपिटल मार्केट्स, एक्सिस कैपिटल, बीओबी कैपिटल मार्केट्स, आईडीबीआई कैपिटल मार्केट्स एंड सिक्योरिटीज और आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज को मर्चेंट बैंकर नियुक्त किया है।
निष्कर्ष
महनदी कोलफील्ड्स के IPO प्रस्ताव से कोल इंडिया की एक और बड़ी सहायक कंपनी के शेयर बाजार में आने का रास्ता खुल सकता है। कंपनी का मजबूत उत्पादन, बड़ा कोयला भंडार और प्रस्तावित BSE-NSE लिस्टिंग इसे निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण IPO बना सकती है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी उपलब्ध कराए गए समाचार विवरण पर आधारित है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। निवेश करने से पहले कंपनी के IPO दस्तावेज और वित्तीय जानकारी की जांच जरूर करें।