ONGC Videsh Dividend: वेनेजुएला से $500 Million की उम्मीद

एक दशक से ज्यादा समय से वेनेजुएला में अटके करीब 50 करोड़ डॉलर के लाभांश को लेकर ONGC Videsh Ltd (OVL) को अब राहत की उम्मीद बढ़ी है। सरकारी कंपनी ने वेनेजुएला के अधिकारियों के साथ इस रकम को वापस पाने के लिए बातचीत शुरू कर दी है। दोनों पक्ष इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि भुगतान नकद में किया जाए या कच्चे तेल की आपूर्ति के रूप में दिया जाए।

OVL को वेनेजुएला से अटके लाभांश की उम्मीद

यह मामला अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण लंबे समय से अटका हुआ था। जुलाई 2026 में अमेरिका के Office of Foreign Assets Control ने वेनेजुएला में OVL की साझेदारी से जुड़े कुछ कामों के लिए सामान्य अनुमति दे दी थी।

ONGC Videsh Dividend को लेकर वेनेजुएला से बातचीत
ONGC Videsh Dividend के भुगतान को लेकर OVL और वेनेजुएला के बीच बातचीत जारी है।

 

इसके बाद OVL ने वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी PDVSA और वहां की नई सरकार के साथ भुगतान के तरीके पर बातचीत शुरू की है। कंपनी को उम्मीद है कि आगे की व्यवस्था तय होने के साथ लाभांश प्राप्त करने का रास्ता साफ हो सकता है।

OVL की वेनेजुएला के San Cristobal तेल प्रोजेक्ट में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके अलावा Carabobo प्रोजेक्ट में कंपनी की 11 प्रतिशत हिस्सेदारी है। दोनों परियोजनाओं में PDVSA के साथ साझेदारी है। अमेरिकी अनुमति मिलने से इन परियोजनाओं से जुड़े कुछ प्रतिबंधित लेनदेन करने की संभावना बढ़ी है। अगर OVL अपना अटका हुआ लाभांश वापस पाने में सफल होती है तो यह कंपनी के लिए बड़ी राहत होगी।

अमेरिकी अनुमति के बाद बढ़ी बातचीत

ONGC ने 18 अगस्त को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया था कि जुलाई में अमेरिकी सरकार से जरूरी अनुमति मिल गई थी। दोनों संपत्तियों में आगे की गतिविधियों के लिए जरूरी समझौते और व्यवस्था संबंधित पक्षों के साथ बातचीत में हैं। OVL के प्रबंध निदेशक राजर्षि गुप्ता ने भी कहा था कि आगे के काम की रूपरेखा अगले तीन महीनों में तैयार हो सकती है।

हालांकि, OVL के लिए यह पहली बार नहीं है जब उसे वेनेजुएला से अटके लाभांश मिलने की उम्मीद जगी है। अक्टूबर 2023 में अमेरिका ने वेनेजुएला पर छह महीने के लिए कुछ प्रतिबंधों में छूट दी थी। उस दौरान भी कंपनी को अपने लाभांश के बदले तेल की खेप मिलने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। बाद में प्रतिबंध दोबारा लागू होने से यह योजना रुक गई।

OVL के वेनेजुएला निवेश की मुख्य बातें

  • अटका लाभांश: करीब 50 करोड़ डॉलर
  • San Cristobal: OVL की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी
  • Carabobo: OVL की 11 प्रतिशत हिस्सेदारी
  • साझेदार: वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी PDVSA
  • भुगतान विकल्प: नकद या कच्चे तेल की आपूर्ति

वेनेजुएला से भारत की बढ़ी तेल खरीद

वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है और 2015 से उस पर अमेरिकी प्रतिबंध लागू रहे हैं। 2026 में वहां की राजनीतिक और तेल व्यवस्था में बड़े बदलाव हुए, जिसके बाद वेनेजुएला से तेल का कारोबार फिर बढ़ने लगा। अगस्त में भारत ने वहां से रोजाना करीब 3.83 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदा, जिससे वेनेजुएला भारत का चौथा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया।

भारत और वेनेजुएला के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को लेकर भी बातचीत चल रही है। इस साल की शुरुआत में अटके लाभांश को लेकर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच चर्चा हुई थी। जनवरी में PDVSA की एक टीम भारत भी आई थी। जून में वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति Delcy Rodriguez ने भारत की यात्रा के दौरान पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात की थी। भारतीय तेल और गैस कंपनियां वेनेजुएला में अपने मौजूदा निवेश को आगे बढ़ाने और नए अवसर तलाशने में भी रुचि दिखा रही हैं।

भारत के लिए वेनेजुएला से तेल की बढ़ती आपूर्ति ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब रूस से तेल की खरीद पर दबाव बढ़ने की संभावना है और ईरान पर पहले से प्रतिबंध हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका की मंजूरी के बाद वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में विदेशी निवेश भी बढ़ सकता है। इससे आने वाले समय में वैश्विक बाजार में वहां से तेल की आपूर्ति और बढ़ने की संभावना बन सकती है।

भारत के लिए वेनेजुएला का बढ़ता महत्व

  • तेल खरीद: अगस्त में रोजाना करीब 3.83 लाख बैरल
  • आपूर्तिकर्ता: वेनेजुएला भारत का चौथा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बना
  • ऊर्जा जरूरत: भारत करीब 90 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है
  • बढ़ता सहयोग: दोनों देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में बातचीत जारी
  • निवेश अवसर: भारतीय कंपनियां पुराने और नए निवेश पर ध्यान दे रही हैं

तेल आपूर्ति और कच्चे तेल की कीमत

भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से खरीदता है। इसलिए तेल की कीमत और आपूर्ति देश की अर्थव्यवस्था के लिए काफी महत्वपूर्ण है। मंगलवार शाम को नवंबर महीने के Brent crude का भाव 92.10 डॉलर प्रति बैरल था, जो पिछले बंद भाव से 1.78 प्रतिशत ज्यादा था।

इस बीच अमेरिका समर्थित North American Blue Energy Partners को वेनेजुएला में 17 तेल क्षेत्रों के लिए 100 साल की रियायत मिलने की खबर भी सामने आई है। इन क्षेत्रों में करीब 65 अरब बैरल का प्रमाणित तेल भंडार बताया गया है। वेनेजुएला के विशाल तेल संसाधनों को देखते हुए आने वाले समय में वहां विदेशी कंपनियों की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। ऐसे माहौल में OVL के लिए अपने पुराने निवेश और अटके लाभांश को वापस पाना और भी महत्वपूर्ण हो गया है।

Frequently asked questions

1. OVL का वेनेजुएला में कितना लाभांश अटका हुआ है?

ONGC Videsh Ltd का वेनेजुएला में करीब 50 करोड़ डॉलर का लाभांश एक दशक से ज्यादा समय से अटका हुआ है। अब कंपनी वेनेजुएला के अधिकारियों के साथ भुगतान का रास्ता निकालने के लिए बातचीत कर रही है। भुगतान नकद या कच्चे तेल के रूप में हो सकता है।

2. OVL की वेनेजुएला में कितनी हिस्सेदारी है?

OVL की San Cristobal तेल परियोजना में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके अलावा Carabobo परियोजना में कंपनी की 11 प्रतिशत हिस्सेदारी है। दोनों परियोजनाओं में वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी PDVSA के साथ साझेदारी है।

3. OVL को वेनेजुएला से लाभांश मिलने में देरी क्यों हुई?

वेनेजुएला पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भुगतान और परियोजनाओं से जुड़े कई लेनदेन लंबे समय तक प्रभावित रहे। अक्टूबर 2023 में कुछ समय के लिए प्रतिबंधों में छूट मिली थी, लेकिन बाद में प्रतिबंध फिर लागू होने से लाभांश पाने की योजना आगे नहीं बढ़ सकी।

4. भारत वेनेजुएला से कितना कच्चा तेल खरीद रहा है?

अगस्त में भारत ने वेनेजुएला से रोजाना करीब 3.83 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदा। इसके साथ वेनेजुएला भारत का चौथा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया। भारत के लिए यह आपूर्ति इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि देश अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से पूरा करता है।

5. वेनेजुएला भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है और वहां से बढ़ती आपूर्ति भारत के ऊर्जा स्रोतों में विविधता ला सकती है। रूस से तेल खरीद पर दबाव और ईरान पर प्रतिबंधों के बीच वेनेजुएला भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कच्चा तेल स्रोत बन सकता है।

निष्कर्ष

OVL के लिए वेनेजुएला से अटका लाभांश वापस मिलना बड़ी राहत हो सकती है। अमेरिकी अनुमति के बाद बातचीत आगे बढ़ी है और तेल के रूप में भुगतान की संभावना भी बनी हुई है। वेनेजुएला से भारत की बढ़ती तेल खरीद दोनों देशों के ऊर्जा संबंधों को भी मजबूत कर सकती है।

Disclaimer: यह जानकारी सामान्य उद्देश्य के लिए है, निवेश निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोतों और विशेषज्ञ सलाह की जांच करें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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