आज, 1 जून 2026 को, कई महत्वपूर्ण वित्तीय और कानूनी सुधार लागू हुए, जिनका असर लाखों भारतीयों पर पड़ेगा। इन बदलावों का आपके रोज़मर्रा के बैंकिंग और वित्तीय कामकाज पर असर पड़ सकता है।
1 जून 2026 से लागू हुए बड़े वित्तीय बदलाव
आने वाले EPFO UPI निकासी नियम, ATM निकासी शुल्क, LPG सिलेंडर की कीमतें, अग्रिम कर (Advance Tax) जमा करने की समय सीमा और PAN कार्ड से जुड़े नए नियम, ये सभी UPI भुगतान सुरक्षा उपायों के नए उदाहरण हैं।
UPI ग्राहकों के लिए, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया (NPCI) ने और भी मज़बूत सुरक्षा उपाय लागू किए हैं। अब सिर्फ़ PIN पर निर्भर रहने के बजाय, ज़्यादा रकम वाले लेन-देन के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन (जैसे फ़िंगरप्रिंट या चेहरे की पहचान) की ज़रूरत पड़ सकती है।
पैसे भेजने से पहले, यूज़र अब पैसे पाने वाले व्यक्ति का बैंक में रजिस्टर्ड नाम भी देख पाएँगे; इससे धोखाधड़ी और ग़लती से पैसे चले जाने की संभावना कम हो जाती है। सुरक्षा प्रक्रियाओं को और बेहतर बनाने के तहत, कुछ खास लेन-देन के लिए डिवाइस का अतिरिक्त सत्यापन भी ज़रूरी हो सकता है।
📱 UPI नियमों में बड़े बदलाव
- नई सुरक्षा: हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन पर बायोमेट्रिक सत्यापन
- नाम सत्यापन: भुगतान से पहले बैंक रजिस्टर्ड नाम दिखेगा
- अतिरिक्त सुरक्षा: कुछ मामलों में डिवाइस वेरिफिकेशन
- उद्देश्य: फ्रॉड और गलत ट्रांसफर रोकना
- लाभ: सुरक्षित डिजिटल भुगतान
- लागू: 1 जून 2026 से
ATM नियम और बैंकिंग शुल्क में बदलाव
1 जून से, बंधन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और HDFC बैंक जैसे कई संस्थान ATM से जुड़े शुल्कों में बदलाव कर रहे हैं। मुफ़्त लेन-देन की सीमा खत्म होने के बाद, ग्राहकों को नकद निकासी, खाते में जमा रकम की जानकारी (Balance Inquiry) और मिनी-स्टेटमेंट के लिए ज़्यादा पैसे देने होंगे।
एक और अहम बदलाव यह है कि अब बिना कार्ड के ATM से पैसे निकालने (Cardless ATM withdrawals) को भी महीने की मुफ़्त लेन-देन सीमा में ही गिना जाएगा; इस सीमा से ज़्यादा लेन-देन करने पर शुल्क लग सकता है।
PAN कार्ड नियमों में संशोधन
सरकार ने PAN कार्ड से जुड़े कई नियमों में बदलाव किए हैं। अब 50,000 रुपये से ज़्यादा की नकद जमा राशि के लिए PAN कार्ड दिखाना ज़रूरी नहीं होगा; हालाँकि, अगर किसी वित्तीय वर्ष में कुल जमा या निकासी 10 लाख रुपये से ज़्यादा हो जाती है, तो इसकी जानकारी देना (Reporting) ज़रूरी होगा।
अब रियल एस्टेट (ज़मीन-जायदाद) से जुड़े लेन-देन में PAN कार्ड का इस्तेमाल करने के लिए लेन-देन की न्यूनतम सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है। अब 45 लाख रुपये या उससे ज़्यादा कीमत वाले रियल एस्टेट लेन-देन की जानकारी देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, अब संयुक्त विकास समझौतों (Joint Development Agreements), उपहार विलेखों (Gift Deeds) और कम से कम 5 लाख रुपये की कार खरीदने जैसे लेन-देन के लिए भी PAN कार्ड दिखाना ज़रूरी होगा।
💳 PAN और टैक्स से जुड़े नए नियम
- ₹50,000 नकद जमा: PAN अनिवार्य नहीं
- ₹10 लाख वार्षिक लेन-देन: रिपोर्टिंग जरूरी
- प्रॉपर्टी सीमा: PAN नियम ₹20 लाख से लागू
- ₹45 लाख प्रॉपर्टी डील: अनिवार्य रिपोर्टिंग
- Advance Tax: पहली किस्त 15 जून तक
- अन्य: Gift Deed और JDA में PAN जरूरी
Advance Tax और Solar Project नियम
जिन करदाताओं (Taxpayers) को अग्रिम कर (Advance Tax) जमा करना होता है, उनके लिए वित्तीय वर्ष 2026-2027 की पहली किस्त जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 है। आम तौर पर, यह ज़िम्मेदारी उन व्यक्तियों और कंपनियों पर लागू होती है, जिनकी कर देनदारी (Tax Liability) TDS (स्रोत पर कर कटौती) से पूरी तरह से कवर नहीं हो पाती है। अब सभी सरकारी सहायता प्राप्त, सब्सिडी वाले और नेट-मीटर वाले सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए यह ज़रूरी है कि वे ‘अनुमोदित मॉडल और निर्माताओं की सूची’ (ALMM) में शामिल मॉड्यूल्स का ही इस्तेमाल करें। उम्मीद है कि इससे रिन्यूएबल एनर्जी इंडस्ट्री में उच्च मानकों की गारंटी मिलेगी और स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा।
EPFO UPI निकासी सुविधा की टेस्टिंग
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अभी एक नए फ़ीचर की टेस्टिंग कर रहा है, जिससे प्रोविडेंट फंड से UPI के ज़रिए पैसे निकाले जा सकेंगे। उम्मीद है कि जब यह फ़ीचर जारी होगा, तो इससे PF के पैसों तक पहुँच ज़्यादा तेज़ और आसान हो जाएगी।
Disclaimer: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। नियम समय-समय पर बदल सकते हैं, आधिकारिक स्रोत अवश्य जांचें।
