कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि छात्रों पर बल प्रयोग करना गलत है और उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए। राहुल गांधी ने राज्य सरकार से प्रदर्शन कर रहे छात्रों की बात सुनने और उनकी मांगों पर जल्द समाधान निकालने की अपील की।
झारखंड में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी ने जताई चिंता
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है और समस्याओं का समाधान केवल बातचीत से ही निकाला जा सकता है। उन्होंने राज्य सरकार से छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से सुनने और जल्द उनकी समस्याओं का समाधान करने को कहा।
राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया सोमवार को रांची में हुए ‘विधानसभा घेराव’ मार्च के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद सामने आई। यह मार्च JPSC-JSSC सुधार मोर्चा की ओर से आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारी राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी मांगें उठा रहे थे और विधानसभा की ओर बढ़ रहे थे।
🗣️ छात्रों के प्रदर्शन पर राहुल गांधी का रुख
- राहुल गांधी: छात्रों पर बल प्रयोग को गलत बताया
- प्रदर्शन: शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार पर जोर
- मांग: छात्रों की समस्याओं को बातचीत से सुलझाने की अपील
- मार्च: रांची में ‘विधानसभा घेराव’ मार्च आयोजित
- मुख्य मुद्दा: भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताएं
पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले, पानी की बौछार और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया। इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। राहुल गांधी ने इससे पहले पत्रकारों से बातचीत में भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ हिंसा की निंदा की थी।
छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर बल प्रयोग का विरोध
उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्रों के लिए उनका संदेश साफ है। शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कहीं भी हो, शांतिपूर्ण आंदोलन पर बल प्रयोग का समर्थन नहीं किया जा सकता।
इस बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने भी प्रदर्शनकारियों से बातचीत नहीं होने को लेकर सवाल उठाया। वह रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक झारखंड सरकार की ओर से कोई प्रतिनिधि प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत के लिए आगे नहीं आया है।
🤝 बातचीत से समाधान की मांग
- छात्र नेता: देवेंद्र नाथ महतो ने बातचीत नहीं होने पर सवाल उठाया
- भूख हड़ताल: रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी
- सरकार का रुख: लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान
- प्रशासन: कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश
- आगे की स्थिति: बातचीत महत्वपूर्ण हो सकती है
वहीं झारखंड की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने के अधिकार का सम्मान करती है। हालांकि परीक्षा रद्द करने जैसे फैसलों को लेकर सरकार को संवैधानिक व्यवस्था के तहत ही आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं और बल प्रयोग से बचने को कहा गया है।
भर्ती परीक्षाओं की कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन जारी
छात्रों का प्रदर्शन राज्य में भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर जारी है। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर सरकार से स्पष्ट कार्रवाई और बातचीत की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर सरकार की ओर से कहा गया है कि किसी भी फैसले को नियम और संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार ही लिया जाएगा। इस पूरे मामले में छात्रों और सरकार के बीच बातचीत आगे की स्थिति तय करने में महत्वपूर्ण हो सकती है।
यह जानकारी ANI की रिपोर्ट के आधार पर है।
