राम मंदिर दान मामले में SIT की नई जांच, फिर अयोध्या जाएगी टीम

अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में दान से जुड़ी कथित गड़बड़ी की जांच अब आगे बढ़ रही है। विशेष जांच टीम (SIT) मामले के आर्थिक और सुरक्षा पहलुओं की जांच कर रही है।

अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) अब फिर से अयोध्या जाकर ट्रस्ट के सदस्यों और मंदिर से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ कर सकती है। जांच टीम दान में मिली नकदी और अन्य कीमती सामान के कथित गलत इस्तेमाल से जुड़े मामलों की जांच को आगे बढ़ा रही है।

श्रीराम मंदिर दान मामले में SIT जांच तेज

SIT जांच से जुड़ी मुख्य बातें

  • जांच एजेंसी: विशेष जांच टीम (SIT)
  • मामला: दान में कथित गड़बड़ी
  • अध्यक्ष: लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत
  • जांच: नकदी, कीमती सामान और रिकॉर्ड की पड़ताल
  • कार्रवाई: ट्रस्ट सदस्यों और जुड़े लोगों से पूछताछ
  • फोकस: आर्थिक और सुरक्षा पहलू

सूत्रों के अनुसार, SIT श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों से बातचीत करने के साथ-साथ दान प्रबंधन से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच करेगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने दान में मिली नकदी और सामान के कथित दुरुपयोग के आरोपों के बाद 13 जून को SIT का गठन किया था। इसकी अध्यक्षता लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत कर रहे हैं।

SIT ने अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट 23 जून को राज्य सरकार को सौंप दी थी। हालांकि, टीम ने कहा था कि आगे की जांच के बाद अंतिम रिपोर्ट पेश की जाएगी। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच पूरी करने के लिए SIT का कार्यकाल 15 दिन के लिए बढ़ा दिया था।

दान प्रबंधन और बैंकिंग व्यवस्था की समीक्षा

मामले के सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर में आने वाले दान की बैंकिंग व्यवस्था की भी समीक्षा शुरू कर दी है। अभी मंदिर की दान पेटियों से मिलने वाली नकदी अयोध्या के नया घाट स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) शाखा में जमा की जाती है। अब ट्रस्ट किसी दूसरे बैंक को जिम्मेदारी देने या दान की राशि को कई बैंकों में जमा करने जैसे विकल्पों पर विचार कर रहा है।

बताया जा रहा है कि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने हाल ही में अयोध्या में एक निजी बैंक के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। यह कदम सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठाए गए सवालों के बाद लिया गया है।

मामले में अब तक की कार्रवाई

  • गिरफ्तारी: आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया
  • बरामदगी: करीब 80 लाख रुपये नकद और आभूषण
  • जांच: बैंक खाते, संपत्ति और निवेश की पड़ताल
  • पूछताछ: आरोपियों से नई जानकारी जुटाने की कोशिश
  • सुरक्षा: मंदिर की व्यवस्था और सख्त की गई
  • अदालत: 14 जुलाई को सुनवाई

पूर्व ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने SIT के सामने दिए बयान में आरोप लगाया था कि बड़ी मात्रा में नकदी संभालने के दौरान बैंक की ओर से जरूरी सुरक्षा उपायों का पालन नहीं किया गया। इनमें नकदी गिनने वाले कर्मचारियों की जांच, विशेष प्रकार की ड्रेस और अन्य सुरक्षा नियम शामिल थे।

SIT की शुरुआती रिपोर्ट में भी नकदी गिनने की प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा नियमों में कई कमियों की बात सामने आई थी। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि निगरानी में हुई लापरवाही के कारण कथित चोरी की घटना हुई या नहीं।

आर्थिक जांच और आरोपियों की संपत्ति की पड़ताल

जांच अब आर्थिक पहलुओं पर भी केंद्रित हो गई है। SIT ने आरोपियों की आय, बैंक खातों, चल-अचल संपत्ति और निवेश से जुड़ी जानकारी आयकर विभाग, बैंकों, तहसील और सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों से मांगी है।

इस मामले में अब तक मंदिर की दान गिनती प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि आरोपियों ने अयोध्या के बाहर कोई संपत्ति खरीदी है या रिश्तेदारों और परिचितों के नाम पर निवेश किया है।

पुलिस ने कुछ आरोपियों के पास से करीब 80 लाख रुपये नकद और कुछ आभूषण बरामद किए हैं। अधिकारियों द्वारा बैंक लेनदेन, जमीन के रिकॉर्ड, संपत्ति रजिस्ट्रेशन और वाहन संबंधी जानकारी की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपियों की संपत्ति उनकी ज्ञात आय के अनुसार है या नहीं।

मंदिर सुरक्षा व्यवस्था में किए गए बदलाव

इसके अलावा श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया है। पूर्व ट्रस्ट महासचिव चंपत राय, गोपाल राव और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के पहचान पत्रों से जारी VIP पास की सुविधा बंद कर दी गई है। अब पुराने पहचान पत्रों से बनाए गए पास मान्य नहीं रहेंगे।

पुलिस ने जेल में बंद दो आरोपियों की सात दिन की हिरासत भी मांगी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान कुछ नई जानकारियां सामने आई हैं, जिनकी पुष्टि और आगे की बरामदगी के लिए पूछताछ जरूरी है। इस मामले में अदालत 14 जुलाई को सुनवाई करेगी।

अस्वीकरण: यह जानकारी उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा।

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