40 हजार की IT नौकरी छोड़ी, कैब चलाकर कमाने लगे 90 हजार रुपये!

गुरुग्राम के एक कैब ड्राइवर की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। एक वीडियो में एक कैब ड्राइवर ने बताया कि उसने अपनी आईटी नौकरी छोड़कर फुल टाइम कैब चलाना शुरू किया और अब उसकी कमाई पहले से दोगुनी हो गई है। यह वीडियो गुरुग्राम स्थित Zypp Electric के फाउंडर और CEO आकाश गुप्ता ने शेयर किया है।

आईटी नौकरी छोड़ कैब चलाने लगा ड्राइवर, कमाई हुई दोगुनी

वीडियो में आकाश गुप्ता कैब ड्राइवर से उसकी कमाई के बारे में पूछते हैं। इस पर ड्राइवर बताता है कि वह हर महीने करीब 80 हजार से 90 हजार रुपये तक कमा लेता है। यह सुनकर फाउंडर भी हैरान रह जाते हैं।

बातचीत के दौरान ड्राइवर ने बताया कि पहले वह आईटी सेक्टर में नौकरी करता था और उसकी मासिक सैलरी करीब 40 हजार रुपये थी। जब उससे पूछा गया कि उसने नौकरी क्यों छोड़ी, तो उसने जवाब दिया कि नौकरी में आजादी नहीं थी। कैब चलाने के काम में उसे ज्यादा स्वतंत्रता महसूस होती है।

🚕 कैब ड्राइवर की कमाई और बदलाव

  • पुरानी नौकरी: आईटी सेक्टर में करीब 40 हजार रुपये मासिक सैलरी
  • नया काम: फुल टाइम कैब ड्राइविंग शुरू की
  • मौजूदा कमाई: करीब 80 हजार से 90 हजार रुपये प्रति माह का दावा
  • काम का कारण: ज्यादा आजादी और स्वतंत्रता महसूस होना
  • अनुभव: 19 साल तक आईटी क्षेत्र में काम किया

19 साल आईटी में काम करने के बाद लिया नया फैसला

ड्राइवर ने बताया कि उसने करीब 19 साल तक आईटी क्षेत्र में काम किया, लेकिन बाद में खुद का काम शुरू करने का फैसला लिया। उसने यह भी बताया कि अब उसकी पत्नी अपना ब्यूटी पार्लर चलाती हैं।

वीडियो के अंत में आकाश गुप्ता ने ड्राइवर के फैसले की तारीफ की और उसके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस बदलाव को देखते हुए कहा कि आने वाले समय में गिग वर्क यानी स्वतंत्र रूप से काम करने का चलन बढ़ सकता है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, लोगों ने दी अलग-अलग प्रतिक्रिया

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और इसे लाखों लोगों ने देखा। वीडियो पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने कहा कि खुद का काम करने में ज्यादा आजादी होती है, जबकि कुछ लोगों ने कैब चलाने से जुड़ी मेहनत और खर्चों पर भी ध्यान दिलाया।

⚠️ कैब कमाई को लेकर लोगों की राय

  • खर्च: पेट्रोल, गाड़ी की सर्विस, टैक्स और अन्य खर्च भी शामिल होते हैं
  • मेहनत: पूरे दिन गाड़ी चलाने में शारीरिक मेहनत लगती है
  • सकारात्मक पक्ष: खुद के काम में आजादी और संतुष्टि महसूस होती है
  • चर्चा: नौकरी और व्यवसाय के बीच संतुलन पर लोगों ने विचार रखे
  • सवाल: कुछ लोगों ने आय पूछने को लेकर भी सवाल उठाए

कमाई के दावे और गिग वर्क को लेकर चर्चा

एक यूजर ने लिखा कि 80-90 हजार रुपये की कमाई में से पेट्रोल, गाड़ी की सर्विस, टैक्स और अन्य खर्च भी निकालने पड़ते हैं। इसके अलावा पूरे दिन गाड़ी चलाने से शारीरिक मेहनत भी काफी होती है।

वहीं, कुछ लोगों ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को अपने काम में संतुष्टि और आजादी मिलती है तो यह अच्छी बात है। कई यूजर्स ने नौकरी और खुद के व्यवसाय के बीच संतुलन और व्यक्तिगत पसंद को लेकर चर्चा की।

कुछ लोगों ने यह सवाल भी उठाया कि किसी व्यक्ति से उसकी कमाई पूछना सही नहीं है। उनका कहना था कि किसी की आय के बजाय उसके काम और मेहनत का सम्मान किया जाना चाहिए।

वीडियो में किए गए दावे की नहीं हुई स्वतंत्र पुष्टि

हालांकि, इस वीडियो में किए गए कमाई के दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर साझा की गई बातचीत पर आधारित है।

Disclaimer: यह जानकारी सोशल मीडिया वीडियो और उपलब्ध बातचीत पर आधारित है।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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