Raymond Lifestyle CEO Salary: नए वेतन ढांचे से क्या बदलेगा?

Raymond Lifestyle Ltd. ने नए CEO सत्याकी घोष के वेतन ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी का लक्ष्य लीडरशिप में स्थिरता लाना, लंबे समय तक नेतृत्व बनाए रखना और भविष्य की ग्रोथ को मजबूत करना है।

पिछले पांच सालों में चार CEO के इस्तीफों के बाद, Raymond Lifestyle Ltd. ने नए CEO सत्याकी घोष की सैलरी और अन्य भत्तों (Compensation Plan) में बदलाव किया है। कंपनी का मकसद लीडरशिप में स्थिरता लाना और लंबे समय तक एक मजबूत नेतृत्व बनाए रखना है।

Raymond Lifestyle CEO Salary: नए वेतन पैकेज में क्या बदलाव हुए?

हालांकि इस दौरान कंपनी की बिक्री और मुनाफा बढ़ा है, लेकिन उसके शेयर का प्रदर्शन प्रतिस्पर्धी कंपनियों और पूरे बाजार की तुलना में काफी कमजोर रहा है।

कंपनी की FY26 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी में CEO बने सत्याकी घोष को सालाना ₹7.35 करोड़ का CTC मिलेगा। घोष इससे पहले करीब 10 साल तक आदित्य बिड़ला ग्रुप में काम कर चुके हैं।

उनके पैकेज में ₹2.16 करोड़ की बेसिक सैलरी, ₹2.20 करोड़ के भत्ते, ₹30 लाख के रिटायरमेंट बेनिफिट्स, ₹2.10 करोड़ की परफॉर्मेंस-आधारित (वेरिएबल) सैलरी और ₹59 लाख का सालाना रिटेंशन बोनस शामिल है।

💼 Raymond Lifestyle CEO वेतन पैकेज

  • CEO: सत्याकी घोष
  • वार्षिक CTC: ₹7.35 करोड़
  • बेसिक सैलरी: ₹2.16 करोड़
  • भत्ते: ₹2.20 करोड़
  • रिटेंशन बोनस: ₹59 लाख
  • स्पेशल रिटेंशन पे: ₹4.5 करोड़ (5 साल में)
  • ESOPs: 23,974 स्टॉक ऑप्शन

CEO Compensation Plan में क्या खास है?

इसके अलावा, कंपनी ने पहली बार CEO के लिए ₹4.5 करोड़ की स्पेशल रिटेंशन पे मंजूर की है। यह रकम पांच साल में तीन किस्तों में दी जाएगी। घोष को 23,974 एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन (ESOPs) भी दिए गए हैं। इनमें से 70% शेयर तभी मिलेंगे, जब कंपनी ROCE, EBITDA और सेल्स ग्रोथ जैसे तय वित्तीय लक्ष्य हासिल करेगी।

Raymond Lifestyle के पहले के CEO के सैलरी पैकेज काफी आसान होते थे। इनमें मुख्य रूप से फिक्स्ड सैलरी, भत्ते और रिटायरमेंट बेनिफिट्स शामिल होते थे, जबकि परफॉर्मेंस से जुड़ी वेरिएबल सैलरी बहुत कम या नहीं होती थी।

प्रॉक्सी एडवाइजरी फर्म InGovern के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीराम सुब्रमण्यम का कहना है कि रिटेंशन पेमेंट को पूरे सैलरी पैकेज और CEO के प्रदर्शन से जोड़कर देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, करीब ₹10 करोड़ का कुल पैकेज अपने आप में बहुत बड़ा नहीं है। उन्होंने कहा, “असल सवाल यह है कि कंपनी ने सैलरी का यह ढांचा क्यों बनाया है।” उनके अनुसार, यह कदम बार-बार CEO बदलने की स्थिति से बचने और लीडरशिप में स्थिरता लाने की कोशिश का हिस्सा हो सकता है।

विशेषज्ञों की राय और कंपनी की रणनीति

एग्जीक्यूटिव सर्च फर्म True Search में भारत की रीजनल हेड रितुपर्णा चक्रवर्ती ने कहा कि आज CEO की भूमिका सिर्फ़ कंपनी का संचालन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि बदलाव लाने की भी होती है। उनके मुताबिक, अब बोर्ड अच्छे ट्रैक रिकॉर्ड वाले CEO को ज़्यादा सैलरी देने के लिए तैयार हैं, लेकिन उसका बड़ा हिस्सा कंपनी के प्रदर्शन और तय लक्ष्यों को पूरा करने पर निर्भर होता है।

सत्याकी घोष ने सुनील कटारिया की जगह CEO का पद संभाला है। कटारिया ने जुलाई 2024 में जिम्मेदारी संभाली थी, लेकिन मार्च 2025 में इस्तीफा दे दिया। उनसे पहले देबजीत रुद्र ने जनवरी 2023 से जुलाई 2024 तक और सुधीर लैंगर ने सितंबर 2020 से जनवरी 2023 तक कंपनी का नेतृत्व किया। कटारिया के जाने के बाद जनवरी 2026 में घोष के पद संभालने तक, चेयरमैन गौतम हरि सिंघानिया ने अंतरिम तौर पर कंपनी की कमान संभाली।

📊 Raymond Lifestyle में लगातार नेतृत्व बदलाव

  • पिछले 5 साल: 4 CEO बदल चुके
  • नए CEO: सत्याकी घोष
  • उद्देश्य: नेतृत्व में स्थिरता
  • फोकस: प्रदर्शन आधारित वेतन
  • चुनौती: कमजोर शेयर प्रदर्शन
  • उम्मीद: FY26 में रिकवरी

Raymond Lifestyle के सामने चुनौतियां

CEO के अलावा कंपनी की सीनियर मैनेजमेंट टीम में भी लगातार बदलाव हुए हैं। InGovern के श्रीराम सुब्रमण्यम का कहना है कि अगर किसी कंपनी में बार-बार CEO बदलते हैं, तो निवेशक इस पर करीब से नज़र रखते हैं। इसी बीच, Raymond Lifestyle ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया कि सीनियर मैनेजमेंट टीम के सदस्य और प्रेसिडेंट-चेयरमैन ऑफिस के प्रमुख अमित अग्रवाल ने निजी कारणों से 30 जून से इस्तीफा दे दिया है।

ब्रोकरेज फर्म Systematix ने जनवरी 2026 की अपनी रिपोर्ट में कहा कि FY25 में कमजोर कंज्यूमर डिमांड का असर कंपनी के कारोबार पर पड़ा। साथ ही कंपनी अभी भी कुछ चुनौतियों का सामना कर रही है, जैसे कम प्रदर्शन करने वाले स्टोर बंद करना, मार्केटिंग पर बढ़ता खर्च और कपड़ा निर्यात कारोबार पर टैरिफ का दबाव। हालांकि, ब्रोकरेज का मानना है कि FY26 कंपनी के लिए मजबूत रिकवरी का साल हो सकता है।

रितुपर्णा चक्रवर्ती के मुताबिक, कंपनियां अब CEO के लिए सिर्फ सैलरी नहीं, बल्कि जॉइनिंग बोनस, रिटेंशन पे, परफॉर्मेंस इंसेंटिव और लंबे समय के स्टॉक ऑप्शन जैसे कई तरह के भुगतान एक साथ दे रही हैं। उनका कहना है कि इससे पता चलता है कि अच्छे लीडर्स की मांग बढ़ गई है और कंपनी को बदलने (टर्नअराउंड) की प्रक्रिया में कई साल लग सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब फोकस सिर्फ CEO को कंपनी में बनाए रखने पर नहीं, बल्कि बेहतर नतीजे देने पर है।

Raymond Lifestyle CEO Compensation: बदलता वेतन ढांचा और नेतृत्व रणनीति

कंपनी के टॉप मैनेजमेंट की सैलरी में भी लगातार बढ़ोतरी हुई है। देबजीत रुद्र का सालाना पैकेज FY23 में ₹55.02 लाख से बढ़कर FY24 में ₹4.24 करोड़ हो गया। इसके बाद सुनील कटारिया को FY25 में ₹6.11 करोड़ का पैकेज मिला, जो रुद्र के मुकाबले करीब 44% ज्यादा था, जबकि उन्होंने पूरा वित्त वर्ष भी पूरा नहीं किया।

इस दौरान चेयरमैन गौतम हरि सिंघानिया की सैलरी में भी बड़ी बढ़ोतरी हुई। जब कंपनी में अलग CEO नहीं था, तब उन्होंने एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के तौर पर कंपनी की कमान संभाली। FY26 में उनका कुल कंपनसेशन ₹6.06 करोड़ से बढ़कर ₹10.44 करोड़ हो गया, जो करीब 72% की बढ़ोतरी है।

💼 Raymond Lifestyle में वेतन संरचना की मुख्य बातें

  • CEO पैकेज: सैलरी + बोनस + रिटेंशन पे
  • स्टॉक ऑप्शन: प्रदर्शन आधारित ESOPs
  • फोकस: लंबे समय तक नेतृत्व बनाए रखना
  • रणनीति: बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहन
  • लक्ष्य: कंपनी की दीर्घकालिक ग्रोथ

विशेषज्ञों की राय: प्रमोटर और CEO की सैलरी

InGovern के श्रीराम सुब्रमण्यम का मानना है कि किसी प्रमोटर-एग्जीक्यूटिव की सैलरी कंपनी के सबसे ज्यादा वेतन पाने वाले प्रोफेशनल मैनेजर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार, प्रमोटरों की कमाई का बड़ा हिस्सा डिविडेंड के जरिए आना चाहिए।

Raymond Lifestyle का नया सैलरी स्ट्रक्चर ऐसे समय में आया है, जब कंपनी 2024 में Raymond Ltd. से अलग होकर एक स्वतंत्र और शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनी बनी। 21 जून 2024 को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने डीमर्जर को मंजूरी दी, 30 जून 2024 से यह लागू हुआ और 5 सितंबर 2024 को कंपनी के शेयर BSE और NSE पर लिस्ट हो गए।

कंपनी के अलग होने के पहले साल में शेयरधारकों ने एक “मिनिमम रिम्यूनरेशन” क्लॉज को भी मंजूरी दी। इसके तहत, अगर किसी साल कंपनी का मुनाफा कम हो या नुकसान हो, तब भी वरिष्ठ अधिकारियों को तय सैलरी और भत्ते मिलेंगे। पहले यह प्रावधान गौतम हरि सिंघानिया और सुनील कटारिया के कॉन्ट्रैक्ट में था, जिसे अब नए CEO सत्याकी घोष के लिए भी लागू किया गया है।

डीमर्जर के बाद कंपनी की नई नीति

📊 Raymond Lifestyle का प्रदर्शन एक नजर में

  • FY26 नेट प्रॉफिट: ₹46.2 करोड़
  • प्रॉफिट ग्रोथ: 20.9%
  • कुल बिक्री: ₹6,888 करोड़
  • सेल्स ग्रोथ: 11.5%
  • चुनौती: शेयर प्रदर्शन कमजोर
  • उम्मीद: दीर्घकालिक रिकवरी

InGovern के फाउंडर श्रीराम सुब्रमण्यम का कहना है कि भारतीय कंपनी कानून ऐसे प्रावधानों की अनुमति देता है और यह कोई असामान्य व्यवस्था नहीं है।

वहीं, True Search की रितुपर्णा चक्रवर्ती के मुताबिक, ऐसे सैलरी स्ट्रक्चर तब उचित माने जाते हैं जब कंपनी का बदलाव (टर्नअराउंड) लंबी अवधि का हो और शुरुआती वर्षों में उसके वित्तीय नतीजे पूरी तस्वीर न दिखा पाएं। हालांकि, उन्होंने कहा कि निवेशकों की उम्मीद रहती है कि कंपनी पारदर्शिता बनाए रखे, सैलरी को प्रदर्शन से जोड़े, जरूरत पड़ने पर क्लॉबैक (वापसी) का प्रावधान रखे और स्वतंत्र निगरानी सुनिश्चित करे, ताकि जवाबदेही बनी रहे।

FY26 रिजल्ट और शेयर प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में Raymond Lifestyle का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 20.9% बढ़कर ₹46.2 करोड़ रहा। वहीं, कंपनी की कुल कंसोलिडेटेड बिक्री 11.5% बढ़कर ₹6,888 करोड़ पहुंच गई। डीमर्जर के बाद यह पहला पूरा वित्त वर्ष है, इसलिए पहली बार पूरे साल के आधार पर कंपनी के कारोबार की तुलना की जा सकती है।

हालांकि, बेहतर कारोबार के बावजूद कंपनी के शेयरों का प्रदर्शन कमजोर रहा है। पिछले पांच साल में Raymond Lifestyle के शेयर करीब 71% गिर गए हैं। इसके मुकाबले, इसी अवधि में Nifty 50 इंडेक्स करीब 53% चढ़ा है। वहीं, Aditya Birla Fashion के शेयरों में करीब 26% की गिरावट आई, जबकि Arvind Fashions के शेयरों ने लगभग 240% का रिटर्न दिया है।

Disclaimer: यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले वित्तीय विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

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I’m Gourav Kumar Singh, a graduate by education and a blogger by passion. Since starting my blogging journey in 2020, I have worked in digital marketing and content creation. Read more about me.

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