SBI Funds IPO के बाद SBI नहीं बेचेगा और हिस्सेदारी, चेयरमैन ने बताया

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने कहा है कि SBI Funds Management की सफल लिस्टिंग के बाद बैंक की हिस्सेदारी बेचने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। उन्होंने बताया कि भविष्य में किसी भी हिस्सेदारी में बदलाव का फैसला बाजार नियमों और सार्वजनिक हिस्सेदारी से जुड़े नियमों को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

SBI Funds Management की लिस्टिंग को भारतीय वित्तीय बाजार में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कंपनी के शेयर बाजार में आने के बाद निवेशकों की नजर अब SBI की आगे की रणनीति पर बनी हुई है।

SBI Funds Management IPO के बाद हिस्सेदारी बेचने की योजना नहीं

SBI Funds Management के शेयर मंगलवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ₹613.30 के भाव पर सूचीबद्ध हुए। यह इसके IPO मूल्य ₹574 प्रति शेयर से करीब 6.85 प्रतिशत अधिक था। हालांकि, यह लिस्टिंग ग्रे मार्केट के अनुमान से कम रही, क्योंकि बाजार में इसके शेयरों के लिए पहले ज्यादा प्रीमियम की उम्मीद जताई जा रही थी।

इस IPO में SBI और Amundi India Holding ने अपनी हिस्सेदारी के कुछ शेयर बेचकर पैसा जुटाया। यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) था, जिसमें कंपनी को कोई नया पैसा नहीं मिला। IPO के जरिए कुल ₹9,812.91 करोड़ जुटाए गए और शेयरों का मूल्य दायरा ₹545 से ₹574 प्रति शेयर रखा गया था।

SBI Funds Management IPO की मुख्य बातें

  • लिस्टिंग कीमत: ₹613.30 प्रति शेयर
  • IPO मूल्य: ₹574 प्रति शेयर
  • कुल जुटाई गई राशि: ₹9,812.91 करोड़
  • IPO प्रकार: Offer for Sale (OFS)
  • NSE पर लिस्टिंग प्रीमियम: 6.85 प्रतिशत
  • SBI और Amundi India Holding ने बेची हिस्सेदारी

SBI की अन्य सहायक कंपनियों की लिस्टिंग पर नजर

सीएस शेट्टी ने कहा कि SBI भविष्य में अपनी अन्य सहायक कंपनियों की लिस्टिंग के अवसरों को जरूर देखेगा, लेकिन अभी इसके लिए कोई निश्चित योजना नहीं बनाई गई है। उन्होंने कहा कि SBI ने हमेशा अपनी सहायक कंपनियों के जरिए कारोबार को आगे बढ़ाया है और सही समय आने पर फैसले लिए जाएंगे।

उन्होंने यह भी साफ किया कि SBI Funds Management की लिस्टिंग से SBI और फ्रांस की कंपनी Amundi के बीच लंबे समय से चल रही साझेदारी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इस लिस्टिंग का उद्देश्य केवल पूंजी जुटाना नहीं था, बल्कि एक बड़ी वित्तीय कंपनी को शेयर बाजार में लाना भी था।

SBI Funds Management की स्थिति

  • स्थापना: वर्ष 1992
  • SBI Mutual Fund का प्रबंधन
  • दिसंबर 2025 तक AUM: ₹12.61 ट्रिलियन
  • FY26 कुल आय: ₹4,969 करोड़
  • भारत की प्रमुख एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शामिल
  • म्यूचुअल फंड बाजार में मजबूत स्थिति

IPO को निवेशकों से मिला शानदार रिस्पॉन्स

SBI Funds Management के IPO को निवेशकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला। NSE के आंकड़ों के अनुसार, इस IPO को कुल 41.66 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। खुदरा निवेशकों की हिस्सेदारी 3.60 गुना, गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी 22.51 गुना और योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) की श्रेणी को 140.11 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।

SBI Funds Management की शुरुआत वर्ष 1992 में हुई थी और यह SBI Mutual Fund का प्रबंधन करती है। कंपनी देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शामिल है। दिसंबर 2025 तक कंपनी का औसत एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 13.2 प्रतिशत बढ़कर ₹12.61 ट्रिलियन हो गया था।

वित्त वर्ष 2026 में SBI Funds Management की कुल आय ₹4,969 करोड़ रही। कंपनी भारतीय म्यूचुअल फंड बाजार में मजबूत स्थिति रखती है और बड़ी संख्या में निवेशकों के पैसे का प्रबंधन करती है।


यह जानकारी केवल सामान्य उद्देश्य के लिए है। निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Gourav Kumar Singh

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