वरिष्ठ नागरिक बचत योजना यानी SCSS सेवानिवृत्त लोगों के लिए एक लोकप्रिय निवेश विकल्प है। इसमें सरकार की गारंटी के साथ नियमित ब्याज मिलता है और भुगतान हर तीन महीने में किया जाता है। इस योजना की शुरुआती अवधि पांच साल होती है। अवधि पूरी होने के बाद खाताधारक जमा रकम निकाल सकता है या खाते को तीन साल के लिए आगे बढ़ा सकता है।
SCSS खाते की अवधि पूरी होने के बाद क्या करें?
60 साल या उससे अधिक उम्र का कोई भी व्यक्ति इस योजना में खाता खोल सकता है। 55 से 60 साल की उम्र के लोग भी इसमें निवेश कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें सेवानिवृत्ति या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के तहत नौकरी छोड़ने और सेवानिवृत्ति लाभ मिलने के एक महीने के भीतर खाता खोलने जैसी शर्तें पूरी करनी होती हैं। सेवानिवृत्त रक्षा कर्मचारी भी कुछ शर्तों के साथ 50 साल की उम्र से इस योजना में निवेश कर सकते हैं।

खाते की अवधि पूरी होने के बाद इसे अपने आप आगे नहीं बढ़ाया जाता। खाताधारक को अवधि पूरी होने के एक साल के भीतर खाते को बढ़ाने के लिए आवेदन करना होता है। अगर समय पर आवेदन नहीं किया गया तो खाता परिपक्व हो जाएगा और उस पर योजना की दर से ब्याज मिलना बंद हो जाएगा।
खाते को कितनी बार बढ़ाया जा सकता है?
नवंबर 2023 में नियमों में बदलाव के बाद अब खाते को केवल एक बार ही नहीं, बल्कि जरूरत के अनुसार कई बार तीन-तीन साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, हर बार अवधि पूरी होने के बाद एक साल के अंदर विस्तार के लिए आवेदन करना जरूरी है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि खाते को आगे बढ़ाने के बाद पुरानी ब्याज दर लागू नहीं रहती। नई अवधि के लिए ब्याज दर उस समय की लागू SCSS दर के आधार पर तय होती है, जिस दिन खाते का विस्तार मंजूर किया जाता है। इसलिए ब्याज दर बढ़ने या घटने के अनुसार खाताधारक को फायदा या नुकसान हो सकता है। फिलहाल इस योजना पर सालाना 8.2 प्रतिशत ब्याज दिया जा रहा है। सरकार हर तीन महीने में छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करती है। इस योजना में ब्याज का भुगतान भी हर तीन महीने में होता है।
🏦 SCSS खाते के विस्तार की जरूरी बातें
- शुरुआती अवधि: पांच साल
- विस्तार: तीन साल के लिए
- आवेदन की समय सीमा: परिपक्वता के एक साल के भीतर
- विस्तार की संख्या: जरूरत के अनुसार कई बार
- वर्तमान ब्याज दर: सालाना 8.2 प्रतिशत
- ब्याज भुगतान: हर तीन महीने में
SCSS खाते को बढ़ाने के लिए कैसे आवेदन करें?
खाता बढ़ाने के लिए खाताधारक को उस डाकघर या बैंक शाखा में जाना होता है, जहां उसका खाता चल रहा है। इसके बाद निर्धारित फॉर्म भरकर जमा करना होता है। आवेदन खाते की परिपक्वता तारीख से एक साल के भीतर करना जरूरी है। डाक विभाग की इंटरनेट बैंकिंग सुविधा के जरिए भी विस्तार के लिए आवेदन किया जा सकता है।
आवेदन करते समय मूल SCSS पासबुक या जमा रसीद, आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज साथ रखने होते हैं। इसके अलावा आवेदक का भारत का निवासी नागरिक होना भी जरूरी है। आवेदन मंजूर होने के बाद खाते की अवधि तीन साल के लिए और बढ़ जाती है।
विस्तार के बाद ब्याज पर क्या असर पड़ेगा?
एक खास बात यह है कि अगर खाताधारक ने परिपक्वता के बाद एक साल की तय अवधि के अंदर आवेदन किया है, तो विस्तार परिपक्वता की तारीख से ही प्रभावी माना जाता है। इससे ब्याज भुगतान में बीच में कोई अंतर नहीं आता।
📋 SCSS विस्तार से पहले जरूरी बातें
- समय सीमा: एक साल के भीतर आवेदन करें
- दस्तावेज: SCSS पासबुक या जमा रसीद, आधार और पैन कार्ड
- आवेदन स्थान: संबंधित डाकघर या बैंक शाखा
- ऑनलाइन सुविधा: डाक विभाग की इंटरनेट बैंकिंग के जरिए आवेदन
- नई ब्याज दर: विस्तार के समय लागू SCSS दर
- प्रभावी तारीख: समय पर आवेदन करने पर परिपक्वता तारीख से
Disclaimer: यह जानकारी केवल सामान्य जानकारी के लिए है। निवेश से पहले आधिकारिक नियम और शर्तें जरूर जांचें।
