Shiprocket IPO: GMP से 38% लिस्टिंग गेन का संकेत, जानें अपडेट

Gurugram की ई-कॉमर्स से जुड़ी कंपनी Shiprocket के IPO को निवेशकों की ओर से अंतिम दिन भी मजबूत प्रतिक्रिया मिल रही है। कंपनी के शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम करीब 37 रुपये बताया जा रहा है। 97 रुपये के ऊपरी मूल्य दायरे को आधार मानें तो इससे करीब 38 प्रतिशत प्रीमियम पर शेयर की लिस्टिंग का संकेत मिल रहा है। हालांकि, ग्रे मार्केट के भाव आधिकारिक नहीं होते और इनके आधार पर लिस्टिंग से होने वाले मुनाफे की गारंटी नहीं दी जा सकती।

Shiprocket IPO को अंतिम दिन मिला जोरदार रिस्पॉन्स

14 अगस्त को दोपहर 3:20 बजे तक कंपनी का 1,617.5 करोड़ रुपये का IPO करीब 84 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। निवेशकों ने 9.44 करोड़ उपलब्ध शेयरों के मुकाबले करीब 792.03 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगाई। कंपनी का इश्यू 12 अगस्त को खुला था और 14 अगस्त को बंद हो रहा है। इसके लिए शेयर का मूल्य दायरा 92 रुपये से 97 रुपये तय किया गया है।

इस इश्यू में 885.5 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जा रहे हैं, जबकि करीब 732 करोड़ रुपये की बिक्री पेशकश शामिल है। सार्वजनिक पेशकश से पहले कंपनी ने 11 अगस्त को 50 एंकर निवेशकों से 727.41 करोड़ रुपये जुटाए थे। इन निवेशकों को 97 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 7.5 करोड़ शेयर दिए गए थे।

एंकर निवेशकों में बड़े नाम शामिल

एंकर निवेशकों में Nomura, Ashoka WhiteOak, Goldman Sachs और Societe Generale जैसे बड़े नाम शामिल थे। घरेलू म्यूचुअल फंड की भी इसमें बड़ी भागीदारी रही। 13 घरेलू म्यूचुअल फंड को 31 योजनाओं के जरिए कुल 5 करोड़ शेयर आवंटित किए गए थे।

📈 Shiprocket IPO की बड़ी बातें

  • IPO साइज: 1,617.5 करोड़ रुपये
  • मूल्य दायरा: 92 रुपये से 97 रुपये
  • सब्सक्रिप्शन: करीब 84 गुना
  • ग्रे मार्केट प्रीमियम: करीब 37 रुपये
  • संभावित प्रीमियम: करीब 38 प्रतिशत
  • लिस्टिंग: NSE और BSE पर 19 अगस्त को संभावित

IPO की रकम का इस्तेमाल कहां होगा

कंपनी नए इश्यू से मिलने वाली रकम में से 365.6 करोड़ रुपये का इस्तेमाल प्रचार गतिविधियों और तकनीकी ढांचे को मजबूत करने में करेगी। इसके अलावा 210 करोड़ रुपये कर्ज चुकाने या समय से पहले उसका भुगतान करने के लिए रखे गए हैं। 31 मार्च 2026 तक कंपनी पर करीब 242 करोड़ रुपये का कर्ज था।

हालांकि, कंपनी की आय में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन अभी भी उसे घाटा हो रहा है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी को 79.25 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह घाटा 74.45 करोड़ रुपये था। इसी अवधि में कंपनी की कुल आय 1,674.82 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,077.42 करोड़ रुपये हो गई।

वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का EBITDA घाटा 16.56 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले यह 17.16 करोड़ रुपये था। इससे पता चलता है कि आय बढ़ने के बावजूद कंपनी अभी मुनाफे में नहीं आई है।

⚠️ निवेश से पहले इन बातों पर ध्यान दें

  • GMP: करीब 37 रुपये, लेकिन यह आधिकारिक आंकड़ा नहीं है
  • कंपनी का घाटा: वित्त वर्ष 2026 में 79.25 करोड़ रुपये
  • कर्ज: 31 मार्च 2026 तक करीब 242 करोड़ रुपये
  • आय: वित्त वर्ष 2026 में 2,077.42 करोड़ रुपये
  • जोखिम: बढ़ती आय के बावजूद कंपनी अभी घाटे में है
  • फैसला: केवल GMP देखकर निवेश नहीं करना चाहिए

19 अगस्त को लिस्टिंग की संभावना

आवंटन की प्रक्रिया 17 अगस्त को पूरी होने की उम्मीद है। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिलेंगे, उन्हें रकम वापस करने और सफल निवेशकों के खाते में शेयर जमा करने की प्रक्रिया 18 अगस्त को हो सकती है। कंपनी के शेयरों की NSE और BSE पर लिस्टिंग 19 अगस्त को होने की संभावना है।

Shiprocket का कारोबार ई-कॉमर्स से जुड़े कारोबारियों को लॉजिस्टिक्स, सामान की पूर्ति, भुगतान, चेकआउट, ग्राहक संपर्क और अंतरराष्ट्रीय व्यापार जैसी सुविधाएं देने पर आधारित है। कंपनी छोटे कारोबारियों से लेकर बड़े खुदरा कारोबारियों तक को सेवाएं देती है। निवेशकों को केवल ग्रे मार्केट प्रीमियम देखकर फैसला नहीं करना चाहिए, बल्कि कंपनी के घाटे, कर्ज, कारोबार की वृद्धि और भविष्य की संभावनाओं को भी ध्यान में रखना चाहिए।

Disclaimer: यह जानकारी केवल समाचार उद्देश्य के लिए है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए। निवेश से पहले जोखिमों का आकलन करें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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