केंद्र सरकार की **Unified Pension Scheme (UPS)** 1 अप्रैल 2025 से लागू की गई थी। इस योजना का उद्देश्य नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से जुड़े केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद एक निश्चित और सुरक्षित पेंशन आय उपलब्ध कराना है। सरकार के अनुसार, 19 जुलाई 2026 तक 1.18 लाख से अधिक पात्र कर्मचारियों और लाभार्थियों ने UPS को चुना है। सरकार ने बताया कि अभी तक इस योजना की कोई समीक्षा नहीं की गई है और इसमें बदलाव या इसे खत्म करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
UPS को NPS के तहत एक विकल्प के रूप में शुरू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को महंगाई के अनुसार बढ़ने वाली और निश्चित मासिक पेंशन उपलब्ध कराना है। यह योजना उन कर्मचारियों के लिए बनाई गई है जो भविष्य में पेंशन को लेकर अधिक सुरक्षा चाहते हैं।
UPS का विकल्प उन केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए उपलब्ध है जो 1 अप्रैल 2025 को NPS के अंतर्गत थे। इसके अलावा 1 अप्रैल 2025 या उसके बाद केंद्र सरकार की सेवा में शामिल होने वाले नए कर्मचारी भी इसका चुनाव कर सकते हैं। वहीं 31 मार्च 2025 तक रिटायर हो चुके NPS सदस्य, जिन्होंने कम से कम 10 साल की नियमित सेवा पूरी की है, और पात्र मृत कर्मचारी के कानूनी जीवनसाथी को भी इसके तहत लाभ मिल सकता है।
इस योजना में कर्मचारी अपने मूल वेतन और महंगाई भत्ते (DA) का 10% योगदान करते हैं। सरकार भी 10% का योगदान करती है और इसके अलावा लगभग 8.5% राशि एक साझा फंड में जमा करती है। कर्मचारी निवेश के लिए सरकारी प्रतिभूतियों वाली योजना या कम जोखिम वाले Life Cycle Funds जैसे विकल्प चुन सकते हैं। निवेश विकल्प में साल में बदलाव करने की सुविधा भी दी गई है।
UPS के तहत सबसे बड़ा लाभ निश्चित पेंशन है। अगर किसी कर्मचारी ने 25 साल की योग्य सेवा पूरी की है, तो उसे रिटायरमेंट से पहले के आखिरी 12 महीनों के औसत मूल वेतन का 50% पेंशन के रूप में मिल सकता है। 10 से 25 साल की सेवा वाले कर्मचारियों को अनुपात के आधार पर पेंशन दी जाएगी।
इस योजना में कम से कम 10 साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों के लिए न्यूनतम 10,000 रुपये प्रति महीने की पेंशन का प्रावधान है। कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके कानूनी जीवनसाथी को मिलने वाली पेंशन का 60% परिवार पेंशन के रूप में दिया जाएगा। इसके अलावा पेंशन और परिवार पेंशन पर महंगाई राहत (Dearness Relief) भी उपलब्ध होगी।
UPS और NPS में मुख्य अंतर यह है कि UPS में पेंशन राशि सुनिश्चित होती है, जबकि NPS में निश्चित मासिक पेंशन की गारंटी नहीं होती। UPS में न्यूनतम पेंशन का प्रावधान है, जबकि NPS में ऐसा कोई निश्चित प्रावधान नहीं है। हालांकि दोनों योजनाओं में निवेश विकल्प, आंशिक निकासी और टैक्स लाभ जैसी कई सुविधाएं समान हैं।
कर्मचारियों की मांगों को देखते हुए सरकार ने UPS से जुड़े कुछ बदलाव भी किए हैं। इनमें UPS कर्मचारियों को रिटायरमेंट ग्रेच्युटी और डेथ ग्रेच्युटी का लाभ देना, मृत्यु या दिव्यांगता जैसी स्थिति में अन्य पेंशन नियमों का विकल्प देना और NPS जैसे टैक्स लाभ उपलब्ध कराना शामिल है। इसके अलावा UPS चुनने वाले कर्मचारियों को एक बार NPS में वापस जाने का विकल्प भी दिया गया है।
