Genesys AI Transformation: जेनेसिस में AI बदलाव की बड़ी रणनीति

जेनेसिस में एआई बदलाव शुरू करते समय कंपनी के सीईओ टोनी बेट्स के पास पहले से एक बड़ा अनुभव था। वह इससे पहले कंपनी में एक और महत्वपूर्ण बदलाव कर चुके थे और उस दौरान उन्होंने समझा था कि सही कार्य संस्कृति किसी भी बड़े परिवर्तन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाती है। इसी वजह से जब कंपनी ने एआई को अपने कारोबार में शामिल करने की तैयारी शुरू की, तब उसके पास पहले से मजबूत आधार मौजूद था। बेट्स के अनुसार रणनीति यह बताती है कि कंपनी को किस दिशा में जाना है, लेकिन संस्कृति यह तय करती है कि उस लक्ष्य तक कैसे पहुंचा जाएगा।

जेनेसिस में एआई बदलाव की मजबूत नींव

टोनी बेट्स करीब सात साल से अधिक समय पहले जेनेसिस से जुड़े थे। उस समय उनका मुख्य लक्ष्य कंपनी को पारंपरिक ऑन-प्रिमाइस सॉफ्टवेयर मॉडल से निकालकर क्लाउड कारोबार में बदलना था। इसके लिए कंपनी के लगभग हर हिस्से में बदलाव करना पड़ा। बेट्स ने इस परिवर्तन के लिए तीन प्रमुख मूल्यों को आधार बनाया। पहला था बड़ा लक्ष्य रखना। उनका मानना था कि बदलाव ऐसा होना चाहिए जो कर्मचारियों में उत्साह पैदा करे और पुराने तरीके से काफी आगे की सोच रखे। उस समय जेनेसिस की आमदनी में वृद्धि एकल अंक में थी, जबकि उन्हें भरोसा था कि क्लाउड कारोबार कंपनी की वृद्धि को काफी तेज कर सकता है।

दूसरा मूल्य था मिलकर काम करना। बेट्स ने कंपनी में अलग-अलग विभागों के बीच दूरी और एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने की प्रवृत्ति देखी थी। उन्होंने पक्षियों के झुंड का उदाहरण देते हुए बताया कि जिस तरह पक्षी लंबी दूरी की उड़ान के दौरान एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाए रखते हैं और जरूरत पड़ने पर नेतृत्व बदलते हैं, उसी तरह कर्मचारियों को भी एक टीम की तरह काम करना चाहिए।

तीसरा मूल्य था दूसरों की भावनाओं और विचारों को समझना। कंपनी को पहले से सहयोगी माहौल वाला संगठन माना जाता था, लेकिन बेट्स को कई जगह अप्रत्यक्ष विरोध और तनाव नजर आया। उन्होंने सहानुभूति को महत्व देकर ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की, जहां कर्मचारी बिना डर के अपनी राय रख सकें और असहमति होने पर भी सम्मान के साथ चर्चा कर सकें।

🤖 जेनेसिस के एआई बदलाव की खास बातें

  • सीईओ: टोनी बेट्स
  • मुख्य बदलाव: पारंपरिक सॉफ्टवेयर से क्लाउड कारोबार की ओर बढ़ना
  • पहला मूल्य: बड़ा लक्ष्य रखना
  • दूसरा मूल्य: मिलकर काम करना
  • तीसरा मूल्य: दूसरों की भावनाओं और विचारों को समझना
  • एआई पर जोर: कारोबार में कई स्तरों पर एआई का इस्तेमाल

क्लाउड कारोबार से कंपनी को बड़ा फायदा

इस बदलाव का कंपनी को बड़ा फायदा मिला। बेट्स के आने के समय क्लाउड कारोबार से सालाना आमदनी 10 करोड़ डॉलर से भी कम थी, जो अब बढ़कर करीब 2.9 अरब डॉलर हो चुकी है। यह कारोबार हर साल 30 प्रतिशत से अधिक की रफ्तार से बढ़ रहा है।

अब जेनेसिस के लिए एआई दूसरा बड़ा परिवर्तन बन चुका है। कंपनी के उत्पादों में एआई का इस्तेमाल कई स्तरों पर किया जा रहा है। कंपनी अलग से एआई से होने वाली आमदनी भी बताती है, जो फिलहाल सालाना आधार पर 40 करोड़ डॉलर से अधिक है। इसकी वृद्धि क्लाउड कारोबार की तुलना में करीब दोगुनी रफ्तार से हो रही है।

📈 जेनेसिस की कारोबारी वृद्धि

  • पुरानी क्लाउड आमदनी: 10 करोड़ डॉलर से कम
  • मौजूदा क्लाउड आमदनी: करीब 2.9 अरब डॉलर
  • क्लाउड वृद्धि: हर साल 30 प्रतिशत से अधिक
  • एआई आमदनी: सालाना 40 करोड़ डॉलर से अधिक
  • एआई वृद्धि: क्लाउड कारोबार से करीब दोगुनी रफ्तार
  • मुख्य आधार: मजबूत कार्य संस्कृति और लगातार बदलाव

एआई बदलाव सामान्य कारोबारी बदलाव से अलग

हालांकि इस बार बदलाव पहले से अलग है। सामान्य कारोबारी बदलाव को एक परियोजना की तरह देखा जा सकता है, जिसकी शुरुआत और अंत तय होता है। एआई के मामले में ऐसा नहीं है। इसमें लगातार बदलाव, नई तकनीक के अनुसार खुद को ढालना और काम करने के तरीकों में सुधार करते रहना जरूरी है। इसी कारण बेट्स मानते हैं कि आने वाले एआई दौर में मजबूत कार्य संस्कृति कंपनी के लिए लंबे समय तक फायदा देने वाली ताकत बन सकती है।

Disclaimer: यह जानकारी उपलब्ध कारोबारी विवरण पर आधारित है और भविष्य के परिणाम अलग हो सकते हैं।

Gourav Kumar Singh

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