शेयर बाजार में सोमवार के कारोबार से पहले निवेशकों की नजर निफ्टी और प्रमुख क्षेत्रों के प्रदर्शन पर है। पिछले सप्ताह निफ्टी दबाव में रहा और मंगलवार को बने ऊंचे स्तर से करीब 0.8 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII ने इंडेक्स फ्यूचर्स में अपनी खरीद वाली स्थिति को 5.5 प्रतिशत घटाकर 26,129 अनुबंध कर दिया। वहीं, बिक्री वाली स्थिति में 1.98 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 1,76,187 अनुबंध तक पहुंच गई। इसके कारण खरीद-बिक्री का अनुपात घटकर 12.9 रह गया।
📊 बाजार में FII की स्थिति
- निफ्टी: पिछले सप्ताह करीब 0.8 प्रतिशत नीचे
- FII खरीद अनुबंध: 26,129
- खरीद वाली स्थिति में बदलाव: 5.5 प्रतिशत की कमी
- बिक्री वाले अनुबंध: 1,76,187
- बिक्री वाली स्थिति में बदलाव: 1.98 प्रतिशत की बढ़ोतरी
- खरीद-बिक्री अनुपात: 12.9
हालांकि, यह अनुपात पिछले कुछ सप्ताह के मुकाबले अभी भी काफी बेहतर है। सप्ताह के आधार पर खरीद वाले अनुबंधों में 5.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि बिक्री वाले अनुबंध 10.98 प्रतिशत घटे। यह फरवरी 2026 के बाद सबसे कम साप्ताहिक स्तर है। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में विदेशी निवेशकों की स्थिति पहले की तुलना में कुछ मजबूत हुई है।
प्रमुख क्षेत्रों में कैसी रही चाल
निफ्टी के ज्यादातर प्रमुख क्षेत्रीय सूचकांक अपने 20 दिन के औसत से ऊपर निकल चुके हैं। केवल वित्तीय सेवाएं, रियल्टी और ऊर्जा क्षेत्र इस स्तर से नीचे हैं। रियल्टी क्षेत्र अपने 20 दिन के औसत से करीब 25 प्रतिशत दूर है। ऊर्जा सूचकांक ही ऐसा प्रमुख क्षेत्र है जो 50 दिन के औसत से भी नीचे कारोबार कर रहा है। इससे पता चलता है कि व्यापक बाजार ने हाल में अच्छी रिकवरी दिखाई है।
जिन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा मजबूती दिखाई गई है, उनमें ऑटो सबसे आगे रहा। इसके बाद आईटी और सरकारी बैंक क्षेत्र का स्थान है। हालांकि शुक्रवार को कई सूचकांकों में थोड़ी कमजोरी दिखाई दी। ऑटो, आईटी, मेटल, सरकारी बैंक और तेल-गैस क्षेत्र ही अपने पांच दिन के औसत से ऊपर टिके रहे।
सरकारी बैंक क्षेत्र में मजबूती के संकेत
सरकारी बैंकों के सूचकांक में भी धीरे-धीरे मजबूती लौटती दिखाई दे रही है। काफी समय तक सीमित दायरे में रहने के बाद अब इसमें सुधार के संकेत मिल रहे हैं। साप्ताहिक चार्ट पर MACD में तेजी का संकेत बनने के करीब है। दैनिक स्तर पर भी स्थिति बेहतर हुई है और एक पैटर्न से बाहर निकलने के बाद पुराने तेजी वाले रुझान के दोबारा शुरू होने की संभावना बनी है।
बाजार में डेरिवेटिव से जुड़े आंकड़े भी सरकारी बैंक क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत दे रहे हैं। शुक्रवार को कुछ कारोबारियों ने बिक्री वाली स्थिति कम की। सप्ताह के आंकड़ों में भी कमजोर दांव घटते दिखाई दिए हैं। इसके अलावा कुछ पुट स्तरों पर बिक्री बढ़ने से संकेत मिलता है कि कारोबारी इस क्षेत्र को लेकर पहले से ज्यादा सकारात्मक हो रहे हैं।
📈 सरकारी बैंक और ऑटो में अहम स्तर
- सरकारी बैंक सूचकांक: 8,650 के ऊपर टिकना महत्वपूर्ण
- संभावित तेजी का क्षेत्र: 9,050 से 9,100
- निफ्टी ऑटो: 27,800 तक गिरावट की संभावना
- तेजी की स्थिति: पैटर्न की ऊपरी सीमा के ऊपर टिकना जरूरी
- संभावित ऊपरी लक्ष्य: 32,000
- मजबूत शेयर: टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और मारुति सुजुकी इंडिया
सरकारी बैंक सूचकांक महत्वपूर्ण सहारा स्तरों के ऊपर बना हुआ है और बाजार की गति से जुड़े संकेतक भी धीरे-धीरे ऊपर जा रहे हैं। अगर आने वाले दिनों में खरीदारी बनी रहती है और सूचकांक 8,650 के आसपास के स्तर के ऊपर टिकता है, तो इसमें 9,050 से 9,100 के क्षेत्र तक तेजी देखने को मिल सकती है।
ऑटो क्षेत्र में तेजी के बाद सावधानी
ऑटो क्षेत्र भी इस समय एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। निफ्टी ऑटो सूचकांक एक ऐसे पैटर्न की ऊपरी सीमा के करीब पहुंच गया है, जहां से थोड़ी गिरावट का खतरा बना हुआ है। RSI भी अधिक खरीद वाले क्षेत्र के करीब पहुंच रहा है। इसका मतलब है कि हाल की तेजी के बाद निकट अवधि में बाजार कुछ समय के लिए कमजोर हो सकता है।
हालांकि डेरिवेटिव आंकड़े पूरी तरह एकतरफा नहीं हैं, फिर भी बाजार में तेजी की उम्मीद रखने वाले कारोबारियों की स्थिति थोड़ी मजबूत दिखाई दे रही है। करीब 85 प्रतिशत निकट पुट स्तरों पर बिक्री वाली स्थिति बढ़ी है। वहीं, केवल करीब 15 प्रतिशत शेयरों में OI PCR 0.5 से नीचे है, जबकि पहले यह आंकड़ा 7 प्रतिशत था। इससे संकेत मिलता है कि बाजार की स्थिति में सुधार हुआ है और नई खरीदारी की गुंजाइश बनी हुई है।
मौजूदा स्थिति को देखते हुए आने वाले हफ्तों में निफ्टी ऑटो में 27,800 तक की गिरावट की संभावना अधिक मानी जा रही है। हालांकि अगर सूचकांक पैटर्न की ऊपरी सीमा को मजबूती से पार कर लंबे समय तक उसके ऊपर बना रहता है, तो कमजोर रुख खत्म हो सकता है और 32,000 तक तेजी का रास्ता खुल सकता है। ऑटो क्षेत्र में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और मारुति सुजुकी इंडिया अपेक्षाकृत मजबूत नजर आ रहे हैं, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा में हाल की तेजी के बाद कुछ ज्यादा खिंचाव दिखाई दे रहा है।
निवेशकों के लिए जरूरी सावधानी
यह बाजार विश्लेषण जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य बाजार रणनीतिकार आनंद जेम्स के आकलन पर आधारित है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। किसी भी निवेश का फैसला अपनी आर्थिक स्थिति, लक्ष्य और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखकर ही लेना चाहिए। जरूरत होने पर स्वतंत्र वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना भी उचित है।
इस विश्लेषण में इस्तेमाल किए गए प्रमुख बाजार शब्दों में केवल **FII**, **Nifty**, **MACD**, **RSI** और **OI** जैसे सीमित English terms रखे गए हैं, ताकि जानकारी समझने में आसानी रहे और भाषा अनावश्यक रूप से अंग्रेजी शब्दों से भरी न लगे।
