शेयर बाजार में पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से निफ्टी पर दबाव देखने को मिल रहा है। सोमवार को बने ऊपरी स्तर से निफ्टी करीब 203 अंक नीचे आ चुका है। हालांकि, बाजार की पूरी तस्वीर कमजोर नहीं दिखाई दे रही है। विदेशी निवेशकों की डेरिवेटिव स्थिति और कई प्रमुख क्षेत्रों के तकनीकी संकेत बता रहे हैं कि बाजार में एक बार फिर तेजी की कोशिश हो सकती है। ऐसे में सोमवार के कारोबार में विदेशी निवेशकों की स्थिति के साथ ऑटो और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों पर निवेशकों की नजर रह सकती है।
📊 विदेशी निवेशकों की स्थिति
- खरीद वाली स्थिति: 26,129 कॉन्ट्रैक्ट
- खरीद वाली स्थिति में बदलाव: 5.5 प्रतिशत कमी
- बिक्री वाली स्थिति: 1,76,187 कॉन्ट्रैक्ट
- बिक्री वाली स्थिति में बदलाव: 1.98 प्रतिशत बढ़ोतरी
- खरीद-बिक्री अनुपात: 12.9
- साप्ताहिक संकेत: खरीद वाली स्थिति में बढ़ोतरी और बिक्री वाली स्थिति में कमी
विदेशी निवेशकों की स्थिति पर नजर
7 अगस्त को विदेशी निवेशकों ने इंडेक्स फ्यूचर्स में अपनी खरीद वाली स्थिति करीब 5.5 प्रतिशत घटाकर 26,129 कॉन्ट्रैक्ट कर दी। वहीं, बिक्री वाली स्थिति 1.98 प्रतिशत बढ़कर 1,76,187 कॉन्ट्रैक्ट हो गई। इसके चलते खरीद और बिक्री वाली स्थिति का अनुपात घटकर 12.9 रह गया। हालांकि, केवल एक दिन के आंकड़ों के आधार पर बाजार को कमजोर मानना सही नहीं होगा। विदेशी निवेशकों की मौजूदा स्थिति पिछले कुछ सप्ताह के मुकाबले अभी भी बेहतर स्तर पर है।
साप्ताहिक आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर कुछ राहत देने वाली है। पूरे सप्ताह में विदेशी निवेशकों की खरीद वाली स्थिति में 5.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि बिक्री वाली स्थिति में 10.98 प्रतिशत की कमी आई। बिक्री वाली स्थिति का यह साप्ताहिक स्तर फरवरी 2026 के बाद सबसे कम है। इसका मतलब है कि सप्ताह के दौरान विदेशी निवेशकों का बाजार को लेकर नकारात्मक रुख पहले की तुलना में कमजोर हुआ है।
प्रमुख क्षेत्रों में सुधार के संकेत
बाजार के अलग-अलग क्षेत्रों में भी सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं। ज्यादातर प्रमुख निफ्टी क्षेत्रीय सूचकांक अपने 20 दिन के औसत से ऊपर पहुंच चुके हैं। हालांकि, वित्तीय सेवाएं, रियल्टी और ऊर्जा क्षेत्र अभी इस स्तर से नीचे हैं। रियल्टी सूचकांक अपने 20 दिन के औसत से करीब 25 प्रतिशत नीचे है। वहीं, ऊर्जा क्षेत्र का सूचकांक अभी 50 दिन के औसत से भी नीचे कारोबार कर रहा है। इसके बावजूद व्यापक बाजार में हाल की सुधार वाली चाल मजबूत दिखाई दे रही है।
ऑटो क्षेत्र इस समय सबसे मजबूत क्षेत्रों में शामिल है। शुक्रवार को कुछ क्षेत्रों में ऊपरी स्तरों से बिकवाली जरूर देखने को मिली, लेकिन ऑटो, आईटी, धातु, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और तेल-गैस क्षेत्र अपने 5 दिन के औसत से ऊपर बने रहे। इससे इन क्षेत्रों में खरीदारी की रुचि बनी रहने के संकेत मिलते हैं।
📈 ऑटो और सरकारी बैंकों पर नजर
- मजबूत क्षेत्र: ऑटो, आईटी, धातु, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और तेल-गैस
- सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक: मजबूती के संकेत
- महत्वपूर्ण स्तर: 8,650
- संभावित लक्ष्य: 9,050 से 9,100
- ऑटो में मजबूत शेयर: टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और मारुति सुजुकी इंडिया
- निवेशकों की नजर: निफ्टी ऑटो और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक सूचकांक
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में मजबूती
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भी लंबे समय तक सीमित दायरे में रहने के बाद अब मजबूत होते नजर आ रहे हैं। साप्ताहिक चार्ट पर एमएसीडी में तेजी वाला संकेत बनने के करीब है। इससे मध्यम अवधि में मजबूती की उम्मीद बढ़ी है। दैनिक चार्ट पर भी सूचकांक ने सममित त्रिकोण से बाहर निकलने का संकेत दिया है। यदि यह सूचकांक 8,650 के ऊपर बना रहता है और खरीदारी जारी रहती है, तो इसके 9,050 से 9,100 के स्तर तक जाने की संभावना बन सकती है।
ऑटो क्षेत्र में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और मारुति सुजुकी इंडिया इस समय अपेक्षाकृत मजबूत दिखाई दे रहे हैं। दूसरी ओर, महिंद्रा एंड महिंद्रा में हाल की तेजी के बाद कुछ ज्यादा बढ़त दिखाई दे रही है। इसलिए सोमवार के कारोबार में इन शेयरों की चाल भी महत्वपूर्ण रह सकती है।
निफ्टी और प्रमुख क्षेत्रों पर आगे नजर
कुल मिलाकर बाजार की स्थिति पूरी तरह नकारात्मक नहीं है। निफ्टी पर दबाव के बावजूद विदेशी निवेशकों की साप्ताहिक स्थिति, प्रमुख क्षेत्रों की सुधार वाली चाल और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक तथा ऑटो क्षेत्र की मजबूती बाजार में आगे तेजी की संभावना बनाए हुए है। निवेशकों के लिए विदेशी निवेशकों की नई स्थिति, निफ्टी ऑटो की चाल और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक सूचकांक का 8,650 का स्तर महत्वपूर्ण संकेत दे सकते हैं। यह जानकारी निवेश की सलाह नहीं है, बल्कि बाजार की मौजूदा स्थिति को समझने के लिए है।
