उत्तर कोरिया ने बुधवार सुबह अपने पूर्वी तट से जापान की ओर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी। दक्षिण कोरिया की सेना के अनुसार, मिसाइल को सुबह करीब 6 बजे वॉनसान इलाके से छोड़ा गया और उसने 700 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की। यह एक सप्ताह के भीतर उत्तर कोरिया का दूसरा मिसाइल परीक्षण है। इस घटना से क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव और बढ़ गया है।
उत्तर कोरिया ने फिर किया मिसाइल परीक्षण
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने मिसाइल परीक्षण की निंदा करते हुए उत्तर कोरिया से ऐसे प्रक्षेपण तुरंत रोकने की अपील की। दक्षिण कोरिया ने इसे उकसावे वाली कार्रवाई बताया और कहा कि इस तरह के परीक्षण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन करते हैं।
जापान के रक्षा मंत्रालय ने भी उत्तर कोरिया से मिसाइल छोड़े जाने की पुष्टि की। जापानी अधिकारियों के अनुसार, मिसाइल जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र में नहीं गिरी। इसका मतलब है कि मिसाइल जापान के तट से कुछ दूर समुद्र में गिरी होने की संभावना है।
यह परीक्षण ऐसे समय हुआ है जब दक्षिण कोरिया और अमेरिका एक बड़े संयुक्त सैन्य अभ्यास की तैयारी कर रहे हैं। 11 दिन तक चलने वाला उल्ची फ्रीडम शील्ड अभ्यास 17 अगस्त से शुरू होने वाला है। उत्तर कोरिया लंबे समय से दक्षिण कोरिया और अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यासों का विरोध करता रहा है और इन्हें अपने खिलाफ हमले की तैयारी के तौर पर देखता है।
🚀 उत्तर कोरिया का मिसाइल परीक्षण
- समय: बुधवार सुबह करीब 6 बजे
- स्थान: वॉनसान इलाका
- दूरी: 700 किलोमीटर से अधिक
- दिशा: जापान की ओर
- परीक्षण: एक सप्ताह में दूसरा मिसाइल परीक्षण
- जापान का बयान: मिसाइल विशेष आर्थिक क्षेत्र में नहीं गिरी
6 अगस्त को भी दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान ने उत्तर कोरिया से कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल छोड़े जाने का पता लगाया था। यह जून के अंत के बाद उत्तर कोरिया का पहला मिसाइल परीक्षण था। अब एक सप्ताह से भी कम समय में दूसरा परीक्षण होने से इस बात की आशंका बढ़ी है कि आने वाले दिनों में उत्तर कोरिया और सैन्य गतिविधियां कर सकता है।
उत्तर कोरिया के मामलों के विशेषज्ञों के अनुसार, प्योंगयांग ने पहले भी दक्षिण कोरिया और अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यासों के जवाब में मिसाइल परीक्षण किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ताजा परीक्षण से उत्तर कोरिया यह संदेश देना चाहता है कि वह क्षेत्र में होने वाली सैन्य गतिविधियों पर नजर रख रहा है और जरूरत पड़ने पर जवाबी कार्रवाई कर सकता है।
संयुक्त सैन्य अभ्यास से पहले बढ़ा तनाव
उत्तर कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षणों पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने रोक लगा रखी है। इसके बावजूद उत्तर कोरिया अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को लगातार आगे बढ़ाता रहा है। अमेरिका के साथ उत्तर कोरिया की बातचीत 2019 में रुकने के बाद हथियारों के परीक्षण में तेजी देखी गई है।
उत्तर कोरिया का जापान के साथ भी लंबे समय से तनाव बना हुआ है। प्योंगयांग जापान पर अपनी सैन्य क्षमता बढ़ाने का आरोप लगाता रहा है। वहीं जापान उत्तर कोरिया के मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानता है।
⚠️ कोरियाई प्रायद्वीप में बढ़ता तनाव
- अगला सैन्य अभ्यास: उल्ची फ्रीडम शील्ड
- अभ्यास की शुरुआत: 17 अगस्त
- अवधि: 11 दिन
- मुख्य देश: दक्षिण कोरिया और अमेरिका
- उत्तर कोरिया का रुख: संयुक्त सैन्य अभ्यासों का विरोध
- मुख्य चिंता: आगे और सैन्य कार्रवाई की आशंका
इस बीच रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भी उत्तर कोरिया का नाम सामने आ रहा है। यूक्रेन ने हाल ही में रूस पर हमले में उत्तर कोरिया की मिसाइलों के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी दावा किया है कि रूस को उत्तर कोरिया से मिसाइल और सैनिक मिल रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, रूस के समर्थन के बदले उत्तर कोरिया को आर्थिक और सैन्य लाभ मिलने की संभावना है।
नए मिसाइल परीक्षण और आगामी दक्षिण कोरिया-अमेरिका सैन्य अभ्यास के बीच कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है। आने वाले दिनों में उत्तर कोरिया की ओर से किसी और सैन्य कार्रवाई पर दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान की नजर रहेगी।
