न्यूयॉर्क शहर के मेयर ज़ोहरान ममदानी के लिए शुरुआती महीनों की राजनीतिक सफलता अब कुछ चुनौतियों में बदलती दिखाई दे रही है। मेयर बनने के बाद उन्हें कई मुद्दों पर समर्थन और राजनीतिक बढ़त मिली थी, लेकिन अब शहर के कुछ लोगों में उनके काम करने के तरीके को लेकर नाराजगी बढ़ रही है। इजरायल को लेकर उनके बयानों और कारोबारी समुदाय के साथ उनके तनावपूर्ण संबंधों ने भी उनकी मुश्किलें बढ़ाई हैं।
ममदानी के सामने महंगे दूसरे घरों पर नए कर की चुनौती
ममदानी के सामने सबसे बड़ी परेशानियों में से एक महंगे दूसरे घरों पर लगाए जाने वाले नए कर से जुड़ी है। शहर प्रशासन ने इस कर को लागू करने की कोशिश की, लेकिन इसकी प्रक्रिया पर सवाल उठ गए। एक समूह ने अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि प्रशासन ने कर लागू करने की तैयारी ठीक से नहीं की। इसके बाद एक न्यायाधीश ने कुछ समय के लिए इस नए कर पर रोक लगा दी। शहर प्रशासन ने फैसले के खिलाफ अपील की, जिसके बाद निचली अदालत का आदेश फिलहाल प्रभावी नहीं रहा।
प्रशासन ने इंटरनेट पर 9 लाख से अधिक संपत्तियों की सूची जारी कर दी थी। इसमें कुछ ऐसी संपत्तियां भी शामिल थीं, जिन पर संभवतः यह कर लागू हो सकता था, लेकिन सूची में बड़ी संख्या में ऐसी संपत्तियां भी थीं जिन पर कर लगने की संभावना नहीं थी। करीब 17 हजार संपत्ति मालिकों को नोटिस भी भेजे गए। इनमें कुछ ऐसे लोग थे जिन्होंने कहा कि वे लंबे समय से न्यूयॉर्क में रह रहे हैं।
🏠 महंगे दूसरे घरों पर नए कर का विवाद
- मुख्य मुद्दा: महंगे दूसरे घरों पर नया कर
- संपत्तियों की सूची: 9 लाख से अधिक संपत्तियां
- नोटिस: करीब 17 हजार संपत्ति मालिकों को
- अदालत: कर की प्रक्रिया पर सवाल उठे
- प्रशासन: निचली अदालत के आदेश के खिलाफ अपील
सुनवाई के दौरान न्यायाधीश वेन ओज्जी ने इतनी बड़ी सूची जारी करने के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इससे लोगों के बीच चिंता पैदा हो सकती है। न्यायाधीश ने प्रशासन की कुछ गलतियों का भी उल्लेख किया और कहा कि नोटिस भेजने से पहले अधिक जांच की जा सकती थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इस कर को रोकने के लिए कानूनी कदम उठाने की संभावनाओं को देख रही है। ट्रंप ने इसे एक खतरनाक राजनीतिक प्रयोग बताया। हालांकि, ममदानी के समर्थकों के बीच उनकी लोकप्रियता अभी भी मजबूत बनी हुई है।
प्रशासन के कामकाज पर उठ रहे सवाल
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि किसी नए प्रशासन को शुरुआती उत्साह के बाद वास्तविक शासन की कठिनाइयों का सामना करना सामान्य है। ममदानी के मामले में यह बदलाव अधिक तेजी से दिखाई दे रहा है क्योंकि उनका राजनीतिक उभार बहुत तेज रहा और मेयर बनने से पहले उनके पास बड़े प्रशासनिक पद का लंबा अनुभव नहीं था।
मेयर कार्यालय ने उनके काम का बचाव करते हुए कहा कि हाल के हफ्तों में छोटे कारोबारों के लिए नियमों को आसान बनाने और कारोबारी सलाहकार परिषद बनाने जैसे कदम उठाए गए हैं। प्रशासन के अनुसार, शहर में 1.70 लाख से अधिक गड्ढों की मरम्मत की गई है, बच्चों की देखभाल की सुविधाओं का विस्तार हुआ है और 12 अरब डॉलर के बजट घाटे के बावजूद बजट को संतुलित किया गया है। प्रशासन ने यह भी दावा किया कि शहर में हत्या और गंभीर हिंसक अपराध की दर रिकॉर्ड निचले स्तर पर है।
कारोबारी और संपन्न वर्ग के साथ भी ममदानी के संबंध पहले की तुलना में अधिक तनावपूर्ण हुए हैं। महंगे दूसरे घरों पर कर को लेकर उनकी सख्त भाषा ने कुछ लोगों को नाराज किया है। उन्होंने मेयर के सलाहकार बोर्ड में शामिल कई कारोबारी नेताओं को भी हटा दिया और इसे प्रशासन में नए दौर की शुरुआत बताया।
⚠️ ममदानी के सामने बड़ी राजनीतिक चुनौतियां
- शहर परिषद: कुछ सदस्यों के साथ संबंधों में तनाव
- कारोबारी समुदाय: महंगे दूसरे घरों के कर को लेकर नाराजगी
- यहूदी समुदाय: इजरायल को लेकर बयानों पर चिंता
- परिवहन: मुफ्त बस सेवा को लेकर मतभेद
- प्रशासन: नियुक्तियों और योजनाओं को लेकर सवाल
हालांकि, शहर परिषद के कुछ सदस्यों के साथ ममदानी के संबंधों में भी तनाव बढ़ा है। कुछ पार्षदों ने आरोप लगाया कि उनके इलाकों के लिए जरूरी योजनाओं को पर्याप्त धन नहीं दिया जा रहा है। परिषद के कुछ सदस्य प्रशासन में नियुक्तियों के तरीके से भी नाराज बताए जा रहे हैं।
इजरायल को लेकर ममदानी के बयानों से न्यूयॉर्क के यहूदी समुदाय के कुछ नेताओं में भी चिंता बढ़ी है। उन्होंने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को युद्ध अपराधी बताया था और संघीय अधिकारियों से उनकी गिरफ्तारी की मांग की थी। ममदानी ने कहा है कि न्यूयॉर्क में यहूदी विरोधी भावना को स्वीकार नहीं किया जाएगा और वह शहर के सभी लोगों के मेयर हैं। उन्होंने समुदाय के धार्मिक नेताओं से मुलाकात कर उनकी चिंताओं पर बातचीत भी की है।
मुफ्त बस सेवा का वादा भी विवाद का कारण बना है। शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था चलाने वाली संस्था के प्रमुख ने कहा कि मुफ्त बस सेवा की लगातार चर्चा से कुछ यात्री किराया देने से बचने की कोशिश कर रहे हैं। ममदानी और परिवहन संस्था के प्रमुख के बीच इस मुद्दे पर मतभेद हैं, हालांकि दोनों इस बात से सहमत हैं कि बस यात्रा को तेज और बेहतर बनाया जाना चाहिए।
