11 अगस्त को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। सरकारी तेल कंपनियों ने मंगलवार को भी ईंधन के दाम स्थिर रखे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद दिल्ली, मुंबई, गुरुग्राम और चंडीगढ़ जैसे शहरों में पेट्रोल-डीजल के भाव पहले की तरह बने हुए हैं। देश में आखिरी बड़ी कीमत कटौती 25 मई को हुई थी। इसके बाद से आम लोगों को ईंधन के दामों में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला है।
11 अगस्त को पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर
सरकारी तेल कंपनियां रोज सुबह 6 बजे ईंधन की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इसके बावजूद पिछले कई हफ्तों से बड़े शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर हैं। 11 अगस्त को दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर रहा। मुंबई में पेट्रोल 111.18 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर है। गुरुग्राम में पेट्रोल 102.97 रुपये और डीजल 95.64 रुपये प्रति लीटर है। भुवनेश्वर में पेट्रोल 108.85 रुपये और डीजल 100.56 रुपये प्रति लीटर है। वहीं चंडीगढ़ में पेट्रोल 101.51 रुपये और डीजल 89.47 रुपये प्रति लीटर पर है।
⛽ 11 अगस्त के ईंधन भाव
- दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये, डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर
- मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये, डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर
- गुरुग्राम: पेट्रोल 102.97 रुपये, डीजल 95.64 रुपये प्रति लीटर
- भुवनेश्वर: पेट्रोल 108.85 रुपये, डीजल 100.56 रुपये प्रति लीटर
- चंडीगढ़: पेट्रोल 101.51 रुपये, डीजल 89.47 रुपये प्रति लीटर
दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी है। अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की उम्मीद कमजोर होने के कारण तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ा है। ब्रेंट कच्चा तेल मंगलवार को करीब 87.81 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। पिछले चार कारोबारी सत्रों में इसकी कीमत करीब 10 प्रतिशत बढ़ चुकी है। अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत भी करीब 82.20 डॉलर प्रति बैरल रही।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बनी अनिश्चितता ने भी तेल बाजार की चिंता बढ़ाई है। इस रास्ते से दुनिया के बड़े हिस्से में कच्चे तेल की आपूर्ति होती है। अगर यहां आवाजाही में किसी तरह की रुकावट आती है तो तेल की आपूर्ति और परिवहन लागत पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहने की संभावना है।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ी चिंता
इसी बीच सऊदी अरामको ने जाजान तेल शोधन संयंत्र को दोबारा शुरू करने की तारीख आगे बढ़ा दी है। करीब चार लाख बैरल प्रतिदिन क्षमता वाले इस संयंत्र को अब 30 अगस्त को फिर से शुरू करने की योजना है। संयंत्र पर हमले की खबरों के बाद इसे दोबारा चालू करने में देरी हुई है। इससे तेल की वैश्विक आपूर्ति को लेकर चिंता और बढ़ी है।
🌍 कच्चे तेल पर बढ़ा दबाव
- ब्रेंट कच्चा तेल: करीब 87.81 डॉलर प्रति बैरल
- अमेरिकी कच्चा तेल: करीब 82.20 डॉलर प्रति बैरल
- चार कारोबारी सत्र: ब्रेंट की कीमत करीब 10 प्रतिशत बढ़ी
- जाजान संयंत्र: 30 अगस्त को फिर शुरू करने की योजना
- जोखिम: वैश्विक तेल आपूर्ति और परिवहन लागत पर असर
भारत में पेट्रोल में मिलाए जाने वाले इथेनॉल को लेकर भी कुछ विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। दिल्ली साइंस फोरम के वैज्ञानिक डी. रघुनंदन, कृषि मंत्रालय और खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के पूर्व सचिव सिराज हुसैन तथा नीति आयोग के पूर्व सदस्य रमेश चंद ने इथेनॉल मिश्रित ईंधन की नीति पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इससे जमीन के इस्तेमाल, खेती, खाद्य सुरक्षा, भूजल और किसानों की आय पर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि इथेनॉल मिले ईंधन से वाहन की क्षमता में कमी आ सकती है और कुछ हिस्सों में ज्यादा घिसावट हो सकती है। ऐसे में उनका सुझाव है कि सरकार को उपभोक्ताओं के अतिरिक्त खर्च की भरपाई के लिए इथेनॉल मिश्रित ईंधन की कीमत कम करने पर विचार करना चाहिए।
आगे पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर क्या असर पड़ेगा?
फिलहाल घरेलू बाजार में Fuel Rates स्थिर हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव पर नजर बनी हुई है। अगर वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में तेजी लंबे समय तक जारी रहती है तो आगे चलकर इसका असर भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी पड़ सकता है।