Quick Commerce Food Safety: Blinkit, Zepto पर बढ़ी जांच

भारत में तेज डिलीवरी वाली खरीदारी सेवाओं पर अब खाद्य सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ रही है। इसी वजह से Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart जैसे प्लेटफॉर्म अपने डार्क स्टोर में सामान की गुणवत्ता जांचने वाले कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं। बेंगलुरु में इन तीनों कंपनियों से जुड़ी कम से कम 94 ऐसी नौकरियां सामने आई हैं। इन स्टोर में कुछ ही मिनटों में ग्राहक के ऑर्डर तैयार किए जाते हैं, इसलिए सामान की सफाई, सही तापमान और उसकी वैधता की जांच करना अब पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है।

डार्क स्टोर में खाद्य सुरक्षा जांच बढ़ा रहीं कंपनियां

हाल के दिनों में खाद्य और औषधि विभाग की कार्रवाई के बाद कंपनियों पर दबाव और बढ़ा है। 13 अगस्त को महाराष्ट्र के खाद्य और औषधि प्रशासन ने 86 जगहों की जांच की, जिनमें इन कंपनियों से जुड़े डार्क स्टोर और खाद्य भंडारण केंद्र भी शामिल थे। जांच के दौरान कॉकरोच, खराब या समय सीमा पार कर चुके सामान और तय तापमान से ज्यादा गर्म चल रहे कोल्ड स्टोरेज जैसी कमियां मिलीं। इसके बाद 14 लाइसेंस निलंबित किए गए, जिनमें पांच-पांच लाइसेंस Blinkit और Zepto से जुड़े थे, जबकि दो Instamart से संबंधित थे।

Zepto के गोदाम पर भी हुई कार्रवाई

इससे दो दिन पहले कर्नाटक के खाद्य सुरक्षा विभाग ने बेंगलुरु के पास होसकोटे में Zepto के एक गोदाम को सील किया था। वहां सफाई और सामान पर सही जानकारी दर्ज न होने जैसी कमियां मिली थीं। कंपनी ने कार्रवाई के बाद कहा था कि उसने अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग किया और बताई गई कमियों को दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए। यह पहली बार नहीं है जब तेज डिलीवरी वाली कंपनियों के डार्क स्टोर पर कार्रवाई हुई हो। जून 2025 में महाराष्ट्र में Zepto के धारावी स्टोर का लाइसेंस फंगस और पुराने सामान मिलने के बाद निलंबित किया गया था, हालांकि दो सप्ताह बाद आदेश वापस ले लिया गया। उसी महीने पुणे के बालवाड़ी में Blinkit के एक स्टोर पर भी बिना खाद्य लाइसेंस संचालन, गलत तरीके से सामान रखने, धूल भरी रैक और कीट नियंत्रण से जुड़े रिकॉर्ड की कमी जैसी समस्याएं मिली थीं।

खाद्य सुरक्षा को लेकर सामने आई कमियां

  • कुछ जगहों पर कॉकरोच और सफाई से जुड़ी समस्याएं मिलीं।
  • खराब और समय सीमा पार कर चुके सामान की शिकायत सामने आई।
  • कुछ कोल्ड स्टोरेज में तापमान तय सीमा से ज्यादा पाया गया।
  • कई स्थानों पर लाइसेंस और रिकॉर्ड से जुड़ी कमियां मिलीं।

बढ़ते कारोबार के साथ बड़ा हुआ डार्क स्टोर का आकार

जैसे-जैसे इस कारोबार का विस्तार हुआ है, डार्क स्टोर का आकार भी बढ़ा है। पहले ऐसे स्टोर सामान्य तौर पर करीब 1,000 से 1,200 वर्ग फुट के होते थे, लेकिन अब बड़े स्टोर को छोड़कर औसत आकार लगभग 2,000 से 2,500 वर्ग फुट तक पहुंच गया है। मई में Blinkit, Zepto और Instamart के कुल डार्क स्टोर की संख्या 5,026 थी, जो एक साल पहले के मुकाबले 48% ज्यादा थी। सामान्य तौर पर किसी स्टोर को लागत निकालने के लिए रोज करीब 1,500 से 2,000 ऑर्डर संभालने पड़ते हैं। स्टोर के आकार और काम के हिसाब से वहां 12 से 35 कर्मचारी हो सकते हैं। ज्यादा व्यस्त जगहों पर कर्मचारियों की संख्या 35 से 40 तक पहुंच सकती है।

तेजी से बढ़ रही कंपनियों की आय

कंपनियों के कारोबार में भी तेज बढ़ोतरी देखी गई है। जून तिमाही में Blinkit की समायोजित आय ₹15,664 करोड़ रही और उसका समायोजित परिचालन लाभ ₹102 करोड़ रहा। इस दौरान उसके ऑर्डर का कुल मूल्य सालाना आधार पर 86% बढ़कर ₹17,132 करोड़ हो गया। Instamart की आय 53% बढ़कर ₹1,232 करोड़ पहुंची, जबकि उसके कुल ऑर्डर मूल्य में करीब 40% की वृद्धि हुई। हालांकि उसे ₹778 करोड़ का समायोजित परिचालन घाटा हुआ। Zepto की वित्त वर्ष 2026 की परिचालन आय दोगुनी होकर ₹22,623 करोड़ हुई, लेकिन उसका शुद्ध घाटा 26% बढ़कर ₹5,905 करोड़ हो गया।

डार्क स्टोर के लिए खाद्य लाइसेंस के नियम

कानूनी स्तर पर भी कुछ चुनौतियां हैं। भारतीय खाद्य कानून में डार्क स्टोर को अलग श्रेणी के रूप में नहीं माना गया है। किसी जगह पर किस तरह का काम हो रहा है, उसी आधार पर उसके लिए नियम और लाइसेंस तय होते हैं। जहां खाद्य सामान का भंडारण, पैकिंग, बिक्री, वितरण या दूसरी गतिविधियां होती हैं, वहां संबंधित खाद्य कारोबार के नियम लागू हो सकते हैं। हर खाद्य सामग्री संभालने वाले स्थान के लिए जरूरी पंजीकरण या लाइसेंस होना महत्वपूर्ण है। सालाना कारोबार ₹1.5 करोड़ तक होने पर पंजीकरण, ₹1.5 करोड़ से ₹50 करोड़ तक राज्य लाइसेंस और ₹50 करोड़ से ज्यादा होने पर केंद्रीय लाइसेंस की जरूरत होती है। ई-कॉमर्स खाद्य कारोबार के लिए कारोबार की राशि से अलग केंद्रीय लाइसेंस जरूरी होता है।

डार्क स्टोर में जरूरी खाद्य सुरक्षा उपाय

  • खाद्य सामान की नियमित गुणवत्ता जांच जरूरी है।
  • कोल्ड स्टोरेज के तापमान की लगातार निगरानी करनी होती है।
  • कीट नियंत्रण और साफ-सफाई की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए।
  • पुराने सामान और उसकी समय सीमा की नियमित जांच जरूरी है।
  • हर स्टोर पर जरूरी पंजीकरण या लाइसेंस होना महत्वपूर्ण है।

10 मिनट की डिलीवरी से बढ़ता है काम का दबाव

जानकारों के अनुसार मौजूदा नियम डार्क स्टोर को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त हो सकते हैं, लेकिन 10 मिनट में सामान पहुंचाने वाले कारोबार की तेज रफ्तार को ध्यान में रखकर ये नियम बनाए नहीं गए थे। खाद्य सामान रखने वाले स्टोर में सफाई, तापमान नियंत्रण, कीटों से बचाव, कर्मचारियों की स्वच्छता, पुराने सामान की पहचान और रिकॉर्ड बनाए रखना जरूरी है। केवल कागजी नियम पूरे करना पर्याप्त नहीं माना जा सकता। कंपनियों को हर स्टोर पर जिम्मेदार कर्मचारी, नियमित जांच, ठंडे सामान के तापमान की निगरानी, कीट नियंत्रण और सामान की समय सीमा की जांच जैसी व्यवस्था मजबूत करनी पड़ सकती है।

गुणवत्ता जांच के लिए बढ़ाई जा रही कर्मचारियों की संख्या

तेज डिलीवरी के दबाव के कारण समस्या और बढ़ती है। कर्मचारियों को एक साथ नया सामान लेना, उसे रैक में रखना, ग्राहक के ऑर्डर तैयार करना और सफाई बनाए रखना होता है। इसके ऊपर ऑर्डर को बहुत कम समय में तैयार करने का दबाव रहता है। इसी कारण कंपनियां अब अलग से गुणवत्ता जांचने वाले कर्मचारियों की भूमिका बढ़ा रही हैं। बेंगलुरु के एक Instamart स्टोर में ऐसी नौकरी के लिए ₹14,500 मासिक वेतन के साथ ₹1,500 तक उपस्थिति बोनस दिया जा रहा है। इन कर्मचारियों का काम ऑर्डर की जांच, सामान की समय सीमा देखना और रोज की गुणवत्ता रिपोर्ट तैयार करना है।

खाद्य सुरक्षा व्यवस्था से बढ़ सकता है खर्च

इस व्यवस्था से कंपनियों पर अतिरिक्त खर्च भी बढ़ सकता है। हालांकि इसका सीधा असर ग्राहक से अलग खाद्य सुरक्षा शुल्क के रूप में दिखना जरूरी नहीं है, लेकिन इससे कंपनियों द्वारा दिए जाने वाले भारी discount पर असर पड़ सकता है। कर्मचारियों को वेतन के अलावा प्रोत्साहन, भत्ते और अन्य कानूनी लाभ भी देने होते हैं। कर्मचारियों के बार-बार नौकरी छोड़ने की समस्या भी कंपनियों के लिए खर्च बढ़ाती है।

पारंपरिक दुकानदारों ने भी सख्त नियमों की मांग की

दूसरी ओर पारंपरिक दुकानदार भी इस क्षेत्र में कड़े नियमों की मांग कर रहे हैं। एक कारोबारी संगठन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र भेजकर अचानक जांच, एक समान खाद्य सुरक्षा प्रक्रिया और सामान की संख्या के हिसाब से स्टोर में पर्याप्त जगह तय करने की मांग की है। संगठन के अनुसार तेज डिलीवरी सेवाओं ने कई शहरों में पारंपरिक वितरकों के कारोबार का 10 से 15% हिस्सा प्रभावित किया है। इसलिए डार्क स्टोर की बढ़ती संख्या के साथ उनकी सफाई, भंडारण और खाद्य सुरक्षा पर नियमित निगरानी रखना आने वाले समय में और महत्वपूर्ण हो सकता है।

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य सूचना के उद्देश्य से है। खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियम, लाइसेंस और नियामकीय कार्रवाई समय के साथ बदल सकती है। किसी भी व्यावसायिक या कानूनी निर्णय से पहले संबंधित आधिकारिक नियमों की जांच करें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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