महंगाई से बचाव चाहने वाले निवेशकों के लिए अमेरिकी सरकारी बॉन्ड इस समय आकर्षक नजर आ रहे हैं। हालांकि इनमें पूरी तरह जोखिम नहीं है, लेकिन आने वाले कुछ वर्षों के लिए ये निवेश का एक विकल्प हो सकते हैं। खासकर ऐसे समय में जब महंगाई, तेल की कीमतों और सरकारी घाटे को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
महंगाई से बचाव के लिए TIPS क्यों चर्चा में हैं?
ट्रेजरी इन्फ्लेशन-प्रोटेक्टेड सिक्योरिटीज यानी TIPS अमेरिका सरकार की ओर से जारी किए जाने वाले बॉन्ड हैं। इनका खास फायदा यह है कि इनमें मिलने वाला रिटर्न महंगाई के हिसाब से भी जुड़ा होता है। आसान शब्दों में कहें तो निवेशक को महंगाई के ऊपर एक अतिरिक्त रिटर्न मिल सकता है, जिससे लंबे समय में पैसे की खरीदने की क्षमता को बनाए रखने में मदद मिलती है।
फिलहाल 30 साल के सामान्य अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर ब्याज दर 5.2 प्रतिशत से ज्यादा है। वहीं 30 साल के TIPS पर महंगाई को हटाने के बाद मिलने वाला वास्तविक रिटर्न करीब 3 प्रतिशत है। दोनों के बीच का अंतर ब्रेक-ईवन दर कहलाता है। मौजूदा स्तर पर यह करीब 2.2 प्रतिशत है। इसका मतलब है कि अगर भविष्य में महंगाई औसतन 2.2 प्रतिशत से ऊपर रहती है, तो लंबी अवधि में TIPS सामान्य बॉन्ड की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
यह स्तर उन निवेशकों को कम लग सकता है जिन्हें तेल की कीमतों, सरकारी घाटे या नई तकनीक के कारण भविष्य में महंगाई बढ़ने की चिंता है। लेकिन जितने लंबे समय के लिए भविष्य का अनुमान लगाया जाता है, उतनी ही अनिश्चितता बढ़ जाती है। इसी वजह से कई निवेशकों के लिए छोटी अवधि वाले TIPS ज्यादा उपयोगी विकल्प हो सकते हैं।
💰 TIPS और महंगाई से जुड़ी अहम बातें
- TIPS: अमेरिका सरकार की ओर से जारी महंगाई से जुड़े बॉन्ड
- 30 साल का TIPS: वास्तविक रिटर्न करीब 3 प्रतिशत
- 30 साल का सामान्य बॉन्ड: ब्याज दर 5.2 प्रतिशत से ज्यादा
- Break-Even Rate: करीब 2.2 प्रतिशत
- मुख्य फायदा: महंगाई बढ़ने पर निवेश की खरीद क्षमता को बचाने में मदद
TIPS का CPI से क्या संबंध है?
TIPS को समझते समय यह जानना जरूरी है कि इनका संबंध उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी CPI से है। इस सूचकांक में शहरी उपभोक्ताओं के लिए खाद्य और ऊर्जा जैसी चीजों की कीमतें भी शामिल होती हैं। जुलाई में इस मुख्य महंगाई दर की सालाना दर 3.4 प्रतिशत रही, जबकि मुख्य महंगाई दर 2.5 प्रतिशत थी।
हालांकि CPI महंगाई को मापने का केवल एक तरीका है। लोगों के भविष्य के बड़े खर्च, जैसे बच्चों की उच्च शिक्षा या बुजुर्गों की देखभाल, कई बार इस सूचकांक से कहीं ज्यादा तेजी से महंगे हो सकते हैं। ऐसे में कई दशक तक TIPS रखने के बाद भी किसी व्यक्ति को यह महसूस हो सकता है कि उसकी वास्तविक खरीद क्षमता पूरी तरह सुरक्षित नहीं रही।
अमेरिकी केंद्रीय बैंक के प्रमुख केविन वॉर्श ने जुलाई में सीनेट की सुनवाई के दौरान CPI और उत्पादक मूल्य सूचकांक जैसे आंकड़ों को महंगाई की वास्तविक स्थिति का पूरी तरह सटीक माप नहीं माना था। महंगाई मापने के तरीके में समय के साथ बदलाव भी होते रहे हैं और इन आंकड़ों की गणना को लेकर लंबे समय से बहस होती रही है।
लंबी अवधि वाले TIPS में ब्याज दर का जोखिम
लंबी अवधि वाले TIPS में निवेश करने वालों के लिए केवल भविष्य की महंगाई का अनुमान लगाना पर्याप्त नहीं है। उन्हें ब्याज दरों से जुड़े जोखिम पर भी ध्यान देना चाहिए। अगर भविष्य में ब्याज दरें अनुमान से ज्यादा बढ़ जाती हैं, तो महंगाई बढ़ने के बावजूद TIPS की बाजार कीमत गिर सकती है।
📊 Short-Term TIPS पर निवेशकों की नजर
- 5 साल के TIPS: वास्तविक रिटर्न 2.1 प्रतिशत से अधिक
- Break-Even Rate: करीब 2.2 प्रतिशत
- कम अवधि: ब्याज दरों के उतार-चढ़ाव का असर अपेक्षाकृत कम हो सकता है
- ETF: छोटी अवधि वाले TIPS में निवेश के विकल्प उपलब्ध हैं
- रणनीति: अलग-अलग अवधि के बॉन्ड रखकर जोखिम बांटा जा सकता है
फिलहाल 30 साल के TIPS पर वास्तविक रिटर्न पिछले कुछ वर्षों के मुकाबले काफी ऊंचा है और यह 3 प्रतिशत से अधिक पहुंच गया है। शेयर बाजार के ऊंचे मूल्यांकन के बीच यह रिटर्न कुछ निवेशकों को आकर्षक लग सकता है। लेकिन वास्तविक ब्याज दरों को आर्थिक विकास, सरकारी बॉन्ड की मांग और उनकी आपूर्ति जैसे कई कारण प्रभावित कर सकते हैं।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में बड़े निवेश के लिए बढ़ती पूंजी की जरूरत भी भविष्य में उधारी की लागत को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा अगर अर्थव्यवस्था की उत्पादकता तेजी से बढ़ती है, तो ब्याज दरों पर अलग तरह का दबाव बन सकता है। इन कारणों से लंबी अवधि के बॉन्ड की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
अगर कोई निवेशक बॉन्ड को उसकी अवधि पूरी होने तक रखने के लिए तैयार नहीं है, तो लंबी अवधि वाले TIPS में जोखिम अधिक हो सकता है। ब्याज दर बढ़ने पर बाजार में पहले से मौजूद बॉन्ड की कीमत कम हो सकती है और निवेशक को बीच में बेचने पर नुकसान उठाना पड़ सकता है।
छोटी अवधि वाले TIPS क्यों हो सकते हैं उपयोगी?
इसी वजह से कई निवेशक छोटी अवधि वाले TIPS पर ध्यान दे सकते हैं। पांच और 10 साल की अवधि वाले TIPS पर वास्तविक रिटर्न 30 साल वाले बॉन्ड जितना ऊंचा नहीं है, लेकिन ये भी पिछले कुछ वर्षों के ऊंचे स्तरों के आसपास हैं। पांच साल वाले TIPS पर वास्तविक रिटर्न फिलहाल 2.1 प्रतिशत से अधिक है और इसकी ब्रेक-ईवन दर करीब 2.2 प्रतिशत है।
कुछ निवेशक अपने निवेश को अलग-अलग अवधि में बांटते हैं। इसे सीढ़ी जैसी रणनीति कहा जा सकता है, जिसमें अलग-अलग समय पर परिपक्व होने वाले बॉन्ड रखे जाते हैं। इससे पूरा निवेश एक ही अवधि और एक ही ब्याज दर के जोखिम पर निर्भर नहीं रहता। छोटी अवधि वाले TIPS में निवेश करने के लिए कुछ ETF भी उपलब्ध हैं।
मौजूदा कीमतों पर TIPS अगले कुछ वर्षों के लिए महंगाई से बचाव और अतिरिक्त रिटर्न का संतुलित विकल्प दे सकते हैं। हालांकि बहुत लंबी अवधि में महंगाई और ब्याज दरों का अनुमान लगाना मुश्किल है। इसलिए निवेश से पहले अवधि, जोखिम और अपनी जरूरत को ध्यान में रखना जरूरी है।
Frequently Asked Questions
1. TIPS क्या होते हैं?
TIPS अमेरिका सरकार की ओर से जारी किए जाने वाले ऐसे बॉन्ड हैं जिनका रिटर्न महंगाई से जुड़ा होता है। इनका उद्देश्य लंबे समय में निवेश की खरीद क्षमता को महंगाई के असर से बचाने में मदद करना है।
2. TIPS में Break-Even Rate क्या होती है?
Break-Even Rate सामान्य अमेरिकी सरकारी बॉन्ड और TIPS के वास्तविक रिटर्न के बीच का अंतर होता है। अगर भविष्य की औसत महंगाई इस दर से ऊपर रहती है, तो TIPS बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
3. TIPS में निवेश का सबसे बड़ा जोखिम क्या है?
TIPS में महंगाई के साथ ब्याज दर का जोखिम भी रहता है। अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो पहले से जारी लंबी अवधि वाले TIPS की बाजार कीमत गिर सकती है। बीच में बेचने पर निवेशक को नुकसान हो सकता है।
4. छोटी अवधि वाले TIPS क्यों आकर्षक हो सकते हैं?
छोटी अवधि वाले TIPS में लंबी अवधि के मुकाबले ब्याज दरों में बदलाव का असर कम हो सकता है। पांच साल वाले TIPS पर वास्तविक रिटर्न फिलहाल 2.1 प्रतिशत से अधिक है और इसकी ब्रेक-ईवन दर करीब 2.2 प्रतिशत है।
5. क्या TIPS महंगाई से पूरी तरह सुरक्षा देते हैं?
TIPS महंगाई के असर से बचाव में मदद कर सकते हैं, लेकिन वे हर तरह के खर्च की बढ़ती कीमत को पूरी तरह नहीं दर्शाते। CPI में शामिल महंगाई और किसी व्यक्ति के वास्तविक खर्च में अंतर हो सकता है।
निष्कर्ष
मौजूदा कीमतों पर TIPS अगले कुछ वर्षों के लिए महंगाई से बचाव और अतिरिक्त रिटर्न का संतुलित विकल्प दे सकते हैं। हालांकि लंबी अवधि में ब्याज दर और महंगाई का अनुमान लगाना कठिन है, इसलिए निवेश से पहले जोखिम और अवधि पर ध्यान देना जरूरी है।
Disclaimer: यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्य के लिए है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए।