अमेरिकी शेयर बाजार में अगस्त के दौरान जारी तेजी पर फिलहाल महंगाई का बड़ा असर पड़ने की संभावना कम नजर आ रही है। निवेशकों की चिंता अभी भी महंगाई, ईरान युद्ध से तेल की कीमतों पर पड़ने वाले असर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़ी है, लेकिन इसके बावजूद बाजार में तेजी बनी हुई है।
अमेरिकी शेयर बाजार की तेजी पर महंगाई का असर कम
जुलाई में महंगाई में जून की तुलना में मामूली बढ़ोतरी हुई। महीने के आधार पर कुल उपभोक्ता महंगाई 0.1 प्रतिशत बढ़ी, जबकि सालाना दर 3.5 प्रतिशत से घटकर 3.4 प्रतिशत हो गई। खाद्य और ऊर्जा की कीमतों को हटाकर देखी जाने वाली मुख्य महंगाई महीने में 0.2 प्रतिशत और सालाना आधार पर 2.5 प्रतिशत रही। दोनों आंकड़े बाजार की उम्मीदों के करीब रहे।
विशेषज्ञों के अनुसार, ये आंकड़े अमेरिकी फेडरल रिजर्व के लिए तत्काल ब्याज दरों में बदलाव की जरूरत को कम करते हैं। इक्विटी आर्मर इन्वेस्टमेंट्स के प्रमुख ल्यूक रहबारी ने कहा कि मौजूदा आंकड़े फेड के लिए अनुकूल स्थिति दिखाते हैं। हालांकि, मध्य पूर्व में युद्ध और तेल तथा पेट्रोल की कीमतों में होने वाले तेज बदलाव के कारण स्थिति कभी भी बदल सकती है।
ग्लेनमीड के निवेश रणनीति प्रमुख जेसन प्राइड के अनुसार, महंगाई के आंकड़ों में ऐसी कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं हुई जिससे ब्याज दर बढ़ाने का मजबूत आधार बने। वहीं गिरावट भी इतनी ज्यादा नहीं रही कि नीति में बदलाव की स्पष्ट जरूरत दिखाई दे। इसलिए इन आंकड़ों से फेड के फिलहाल ब्याज दरों को स्थिर रखने की संभावना थोड़ी मजबूत हुई है।
📊 अमेरिकी Inflation और Fed का संकेत
- जुलाई महंगाई: महीने के आधार पर 0.1 प्रतिशत बढ़ी
- सालाना महंगाई: 3.5 प्रतिशत से घटकर 3.4 प्रतिशत
- Core Inflation: सालाना आधार पर 2.5 प्रतिशत
- Fed का संकेत: तत्काल ब्याज दर बदलाव की जरूरत कम
- बाजार की चिंता: महंगाई, तेल की कीमत और ब्याज दर
ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीद बदली
महंगाई के आंकड़ों के साथ पिछले सप्ताह आए कमजोर रोजगार आंकड़ों का भी असर ब्याज दरों के अनुमान पर पड़ा है। सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना करीब 50 प्रतिशत से घटकर 38 प्रतिशत रह गई है। इससे बाजार में यह उम्मीद बढ़ी है कि फेड जल्द ही दरों में बदलाव करने से बच सकता है।
बॉन्ड बाजार में भी महंगाई के आंकड़ों के बाद सीमित बदलाव देखने को मिला। 10 साल की अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर ब्याज दर करीब 4.66 प्रतिशत पर स्थिर रही, जबकि 30 साल की बॉन्ड पर दर दो आधार अंक बढ़कर 5.23 प्रतिशत हो गई। वहीं दो साल की बॉन्ड पर दर दो आधार अंक घटकर 4.18 प्रतिशत रह गई।
हालांकि, तेल की बढ़ती कीमतें निवेशकों के लिए बड़ी चिंता बनी हुई हैं। पिछले एक महीने में वैश्विक कच्चे तेल की कीमत 16 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ चुकी है और इस सप्ताह यह 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई थी। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद रहने से तेल की आपूर्ति को लेकर चिंता और बढ़ी है।
🛢️ तेल की कीमतें बनीं बड़ी चिंता
- कच्चा तेल: एक महीने में 16 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा
- तेल का स्तर: इस सप्ताह 90 डॉलर प्रति बैरल के पार
- मुख्य चिंता: होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहने से आपूर्ति पर असर
- महंगाई जोखिम: ऊंची ऊर्जा कीमतों से दबाव बढ़ सकता है
- Fed जोखिम: लंबे समय तक आपूर्ति बाधित रहने पर दर बढ़ने की संभावना
तेल की कीमतों से महंगाई का जोखिम बरकरार
प्रिंसिपल एसेट मैनेजमेंट की वैश्विक रणनीतिकार सीमा शाह के अनुसार, जब तक होर्मुज जलडमरूमध्य दोबारा नहीं खुलता, तब तक तेल की ऊंची कीमतों से महंगाई का खतरा निवेशकों की चिंता बना रहेगा। उनका अनुमान है कि इस साल ब्याज दरों में बदलाव नहीं हो सकता, लेकिन अगर ऊर्जा आपूर्ति में लंबे समय तक बाधा बनी रही तो साल के अंत में दर बढ़ाने का जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
इसके बावजूद अमेरिकी शेयर बाजार की तेजी फिलहाल मजबूत दिखाई दे रही है। जुलाई के आखिरी दिनों से एसएंडपी 500 में करीब छह प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और यह पिछले सप्ताह बनाए गए अपने रिकॉर्ड स्तर से कुछ ही अंक दूर है। कंपनियों के दूसरी तिमाही के मजबूत नतीजे और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों में फिर बढ़ी दिलचस्पी बाजार की तेजी के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई और फेड को लेकर चिंता आगे भी बनी रहेगी, लेकिन हाल के रोजगार और महंगाई के आंकड़े आने वाले समय में शेयर बाजार में तेजी बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, तेल की कीमतों और युद्ध से जुड़ी अनिश्चितता के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव का जोखिम बना रहेगा।
Frequently Asked Questions
1. जुलाई में अमेरिकी महंगाई कितनी रही?
जुलाई में कुल उपभोक्ता महंगाई महीने के आधार पर 0.1 प्रतिशत बढ़ी, जबकि सालाना महंगाई दर 3.5 प्रतिशत से घटकर 3.4 प्रतिशत हो गई।
2. अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी क्यों बनी हुई है?
कंपनियों के दूसरी तिमाही के मजबूत नतीजे और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों में बढ़ी दिलचस्पी अमेरिकी शेयर बाजार की तेजी के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
3. तेल की बढ़ती कीमतों से निवेशकों को क्या चिंता है?
तेल की ऊंची कीमतें महंगाई का दबाव बढ़ा सकती हैं। इसके अलावा, लंबे समय तक ऊर्जा आपूर्ति में बाधा रहने पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति पर भी असर पड़ सकता है।
4. सितंबर में अमेरिकी ब्याज दर बढ़ने की संभावना कितनी रह गई है?
सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना करीब 50 प्रतिशत से घटकर 38 प्रतिशत रह गई है। इससे बाजार में यह उम्मीद बढ़ी है कि फेड जल्द ही दरों में बदलाव करने से बच सकता है।
5. अमेरिकी शेयर बाजार के लिए आगे सबसे बड़ा जोखिम क्या है?
महंगाई, तेल की कीमतों और युद्ध से जुड़ी अनिश्चितता बाजार के लिए प्रमुख जोखिम बने हुए हैं। खासकर लंबे समय तक तेल की आपूर्ति प्रभावित होने से बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
निष्कर्ष
अमेरिकी शेयर बाजार में फिलहाल तेजी बनी हुई है और महंगाई के ताजा आंकड़ों से तत्काल ब्याज दर बदलाव का दबाव कम हुआ है। हालांकि, तेल की कीमतों और युद्ध से जुड़ी अनिश्चितता के कारण आगे बाजार में उतार-चढ़ाव का जोखिम बना रह सकता है।
Disclaimer: यह जानकारी समाचार उद्देश्य के लिए है और इसे निवेश सलाह या वित्तीय निर्णय का आधार नहीं माना जाना चाहिए।