सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिली। बाजार में सोना 0.84 प्रतिशत बढ़कर 1,53,099 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इस तेजी की बड़ी वजह अमेरिका से आए कमजोर रोजगार आंकड़े रहे। इन आंकड़ों के बाद बाजार में यह उम्मीद बढ़ी है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक जल्द ब्याज दरों में बढ़ोतरी करने से बच सकता है। जुलाई में अमेरिका की अर्थव्यवस्था में उम्मीद के उलट नौकरियों में कमी आई। इसके अलावा पिछले दो महीनों के रोजगार आंकड़ों में भी कटौती की गई, जिससे वहां के रोजगार बाजार को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
कमजोर रोजगार आंकड़ों से सोने की कीमतों को मिला सहारा
रोजगार आंकड़े सामने आने से पहले सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना 57 प्रतिशत मानी जा रही थी, जो अब घटकर 44 प्रतिशत रह गई है। अब निवेशकों की नजर अमेरिका के CPI और PPI आंकड़ों पर है। इन आंकड़ों से आगे की मौद्रिक नीति को लेकर बाजार को कुछ और संकेत मिल सकते हैं। अगर महंगाई और रोजगार से जुड़े आंकड़े कमजोर रहते हैं, तो सोने को आगे भी सहारा मिल सकता है।
भौतिक सोने की मांग हालांकि अलग-अलग बाजारों में मिली-जुली रही। पर्थ मिंट की सोने की बिक्री जुलाई में महीने के आधार पर 3.8 प्रतिशत बढ़कर 30,871 औंस हो गई। सालाना आधार पर इसमें 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। दूसरी ओर, भारत में सोने की ऊंची कीमतों के कारण खुदरा खरीदारी पर दबाव देखने को मिला। भारतीय बाजार में सोने पर छूट बढ़कर 47 डॉलर प्रति औंस हो गई। जून तिमाही में भारत का सोना आयात भी पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 23 प्रतिशत घटकर 98.1 टन रह गया।
🪙 सोने में तेजी के बड़े कारण
- कीमत: 0.84 प्रतिशत बढ़कर 1,53,099 रुपये प्रति 10 ग्राम
- रोजगार: अमेरिका में उम्मीद के उलट नौकरियों में कमी
- ब्याज दर: सितंबर में बढ़ोतरी की संभावना 57 प्रतिशत से घटकर 44 प्रतिशत
- निवेशकों की नजर: CPI और PPI आंकड़ों पर
- संभावना: कमजोर महंगाई और रोजगार आंकड़े सोने को सहारा दे सकते हैं
वैश्विक स्तर पर दूसरी तिमाही में सोने की मांग 1,268.9 टन पर स्थिर रही। इस दौरान केंद्रीय बैंकों की खरीद में काफी बढ़ोतरी हुई। केंद्रीय बैंकों ने 289 टन सोना खरीदा, जो पिछली अवधि की तुलना में करीब पांच गुना अधिक है। हालांकि, ETF से 45 टन सोने की निकासी हुई। लंदन में सोने के भंडार में भी महीने के आधार पर 0.77 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 9,464 टन तक पहुंच गया।
केंद्रीय बैंकों की खरीद बढ़ी, ETF से निकासी
बाजार के तकनीकी संकेतों की बात करें तो फिलहाल सोने में शॉर्ट कवरिंग का दौर जारी है। खुले सौदों की संख्या 0.66 प्रतिशत घटकर 10,367 अनुबंध रह गई, जबकि कीमत में 1,279 रुपये की बढ़ोतरी हुई। बाजार में 1,51,975 रुपये का स्तर सोने के लिए अहम सहारा माना जा रहा है। अगर कीमत इस स्तर से नीचे जाती है, तो 1,50,850 रुपये तक गिरावट का खतरा बन सकता है। वहीं, ऊपर की ओर तेजी के लिए अगले प्रतिरोध स्तर पर नजर रहेगी। COMEX में सटोरियों की शुद्ध खरीदारी भी बढ़ी है। 4 अगस्त को समाप्त सप्ताह में यह 12,070 अनुबंध बढ़कर 1,32,398 अनुबंध हो गई, जो सोने को लेकर मजबूत खरीदारी संकेत दिखाता है।
📊 सोने के अहम बाजार संकेत
- सहारा: 1,51,975 रुपये
- संभावित गिरावट: 1,50,850 रुपये तक
- खुले सौदे: 0.66 प्रतिशत घटकर 10,367 अनुबंध
- COMEX शुद्ध खरीदारी: 1,32,398 अनुबंध
- केंद्रीय बैंकों की खरीद: 289 टन सोना
