घरेलू ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने भारत के ज्वेलरी क्षेत्र को लेकर सकारात्मक राय जताई है। फर्म ने टाइटन और कल्याण ज्वेलर्स को इस क्षेत्र में अपनी पसंदीदा कंपनियां बताया है। दोनों कंपनियों के शेयर पर खरीदारी की राय बरकरार रखते हुए Titan के लिए 6,000 रुपये और कल्याण ज्वेलर्स के लिए 800 रुपये का लक्ष्य मूल्य तय किया गया है।
टाइटन और कल्याण ज्वेलर्स पर ब्रोकरेज की नजर

ब्रोकरेज के अनुसार, देश में संगठित Jewellery कारोबार आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ सकता है। इसके पीछे कारोबार के औपचारिक होने और ग्राहकों के महंगे तथा बेहतर उत्पादों की ओर बढ़ने जैसे दो बड़े कारण बताए गए हैं। करीब 8.5 लाख करोड़ रुपये के भारतीय ज्वेलरी बाजार में संगठित कारोबार की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2019 के 20-25 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में लगभग 40-45 प्रतिशत हो गई है।
Titan and Kalyan Jewellers को इस बदलाव का सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद जताई गई है। दोनों कंपनियों के पास मजबूत ब्रांड, बड़े स्तर पर कारोबार, नए स्टोर खोलने की क्षमता और बेहतर संचालन व्यवस्था है। टाइटन के पास ब्रांडेड स्टोर का करीब 43 प्रतिशत हिस्सा है, जबकि कल्याण ज्वेलर्स की हिस्सेदारी लगभग 17 प्रतिशत है। दोनों को मिलाकर संगठित ज्वेलरी कारोबार के कुल स्टोर नेटवर्क में करीब 60 प्रतिशत हिस्सेदारी बनती है।
संगठित ज्वेलरी कारोबार को मिल सकता है फायदा

ब्रोकरेज का कहना है कि बड़ी कंपनियां अपने आकार, सामान की खरीद क्षमता, पूंजी तक बेहतर पहुंच और धन के प्रभावी इस्तेमाल के कारण छोटी कंपनियों से आगे निकल सकती हैं। सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के दौर में इन कंपनियों की मजबूत स्थिति उन्हें और फायदा दे सकती है। इससे असंगठित कारोबार से संगठित कंपनियों की ओर ग्राहकों का रुख बढ़ने की संभावना है।
महंगे और अधिक मूल्य वाले आभूषणों की मांग बढ़ना भी इस क्षेत्र के लिए अहम माना जा रहा है। जड़े हुए jewellery की हिस्सेदारी बढ़ने से कंपनियों को बेहतर कमाई का अवसर मिलता है। कल्याण ज्वेलर्स में ऐसे आभूषणों की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 30 प्रतिशत हो गई है, जो लगभग दस साल पहले 20 प्रतिशत से भी कम थी।
टाइटन में भी जड़े हुए आभूषणों की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत के आसपास बनी हुई है। इसकी तुलना में सेंको गोल्ड और पीएन गाडगिल ज्वेलर्स में यह हिस्सेदारी करीब 10-11 प्रतिशत है। ज्यादा मूल्य वाले आभूषणों से कंपनियों को बेहतर सकल लाभ मिल सकता है, क्योंकि इनमें उत्पाद की कीमत के साथ निर्माण शुल्क और अन्य मूल्यवर्धन भी अधिक होता है।
💎 ज्वेलरी सेक्टर की मुख्य बातें
- भारतीय ज्वेलरी बाजार: करीब 8.5 लाख करोड़ रुपये
- संगठित कारोबार: वित्त वर्ष 2026 में करीब 40-45 प्रतिशत
- टाइटन: ब्रांडेड स्टोर में करीब 43 प्रतिशत हिस्सेदारी
- कल्याण ज्वेलर्स: ब्रांडेड स्टोर में करीब 17 प्रतिशत हिस्सेदारी
- जड़े हुए आभूषण: कल्याण ज्वेलर्स में करीब 30 प्रतिशत हिस्सेदारी
- मुख्य कारण: कारोबार का औपचारिक होना और प्रीमियम उत्पादों की बढ़ती मांग
टाइटन और कल्याण ज्वेलर्स पर खरीदारी की राय
मोतीलाल ओसवाल ने टाइटन और कल्याण ज्वेलर्स दोनों पर खरीदारी की राय दोहराई है। उसके अनुसार टाइटन के शेयर में मौजूदा स्तर से करीब 18 प्रतिशत और कल्याण ज्वेलर्स में लगभग 34.2 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा पीएन गाडगिल ज्वेलर्स पर भी खरीदारी की राय बरकरार रखी गई है और इसका लक्ष्य 800 रुपये रखा गया है।
वहीं सेंको गोल्ड पर ब्रोकरेज ने तटस्थ राय बनाए रखी है और इसके लिए 430 रुपये का लक्ष्य दिया है। हालांकि, किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले निवेशकों को अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए। ब्रोकरेज की राय को निवेश की गारंटी नहीं माना जा सकता और जरूरत पड़ने पर प्रमाणित वित्तीय विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।
📈 ब्रोकरेज के शेयर लक्ष्य
- टाइटन: खरीदारी की राय, लक्ष्य 6,000 रुपये
- कल्याण ज्वेलर्स: खरीदारी की राय, लक्ष्य 800 रुपये
- पीएन गाडगिल ज्वेलर्स: खरीदारी की राय, लक्ष्य 800 रुपये
- सेंको गोल्ड: तटस्थ राय, लक्ष्य 430 रुपये
- टाइटन में संभावित बढ़त: करीब 18 प्रतिशत
- कल्याण ज्वेलर्स में संभावित बढ़त: करीब 34.2 प्रतिशत