देश में ट्रैक्टरों की बिक्री में जुलाई 2026 के दौरान अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है। वाहन डीलरों के संगठन फाडा के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में ट्रैक्टरों की खुदरा बिक्री सालाना आधार पर 28 प्रतिशत बढ़कर 1,17,349 इकाई हो गई। पिछले साल जुलाई में 91,604 ट्रैक्टर बिके थे। इस तरह जुलाई में हुई बिक्री इस महीने के लिए अब तक का सबसे ऊंचा स्तर रही।
जुलाई में ट्रैक्टर बिक्री ने बनाया रिकॉर्ड
ट्रैक्टरों की मांग बढ़ने के पीछे बेहतर मानसून और ग्रामीण इलाकों में किसानों की बढ़ती खरीद क्षमता को प्रमुख कारण माना जा रहा है। खरीफ की बुवाई में जून की धीमी शुरुआत के बाद जुलाई में तेजी आई। बारिश की स्थिति बेहतर होने से किसानों का भरोसा बढ़ा और ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैक्टरों की मांग को सहारा मिला।
जुलाई के दौरान देश की सभी प्रमुख ट्रैक्टर कंपनियों ने बिक्री में बढ़ोतरी दर्ज की। महिंद्रा एंड महिंद्रा का ट्रैक्टर कारोबार बाजार में पहले स्थान पर रहा। इसके बाद उसकी स्वराज इकाई दूसरे स्थान पर रही, जबकि इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स तीसरे स्थान पर रही। चेन्नई स्थित टाफे ने जुलाई में सबसे ज्यादा वृद्धि दर्ज की और वह शीर्ष पांच कंपनियों में शामिल रही। एस्कॉर्ट्स कुबोटा भी इस सूची में रही।
जुलाई में ट्रैक्टर बिक्री के प्रमुख आंकड़े
- जुलाई 2026 बिक्री: 1,17,349 इकाई
- जुलाई 2025 बिक्री: 91,604 इकाई
- सालाना बढ़ोतरी: 28 प्रतिशत
- मासिक बढ़ोतरी: जून की तुलना में 12 प्रतिशत
- वित्त वर्ष 2027 के शुरुआती चार महीने: बिक्री 25 प्रतिशत अधिक
- रिकॉर्ड: जुलाई के लिए अब तक का सबसे ऊंचा स्तर
बेहतर बारिश से ग्रामीण मांग को सहारा
महिंद्रा एंड महिंद्रा के कृषि उपकरण कारोबार के अध्यक्ष वीरेज नखरा ने कहा कि बारिश में सुधार, जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ने, खरीफ की बुवाई में तेजी और सरकार की सहायता से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि इससे किसानों और ग्रामीण ग्राहकों के बीच सकारात्मक भावना मजबूत हुई है।
एस्कॉर्ट्स कुबोटा के अनुसार जुलाई में बारिश में सुधार के कारण देश में बारिश की कुल कमी घटकर करीब 14 से 15 प्रतिशत रह गई। इसके साथ ही खरीफ की बुवाई ने रफ्तार पकड़ी, जिससे ग्रामीण मांग और किसानों के भरोसे को मजबूती मिली। कंपनी ने हालांकि कहा कि आने वाले महीनों में खरीफ की फसल की स्थिति, मानसून की प्रगति, त्योहारी मौसम में देरी, लागत का दबाव और पिछले साल की ऊंची बिक्री का आधार महत्वपूर्ण कारक होंगे।
जुलाई में ट्रैक्टरों की खुदरा बिक्री जून की तुलना में भी 12 प्रतिशत बढ़ी। वित्त वर्ष 2027 के शुरुआती चार महीनों में कुल बिक्री पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक रही। यह हाल के वर्षों में इस क्षेत्र की मजबूत शुरुआत में से एक मानी जा रही है। हालांकि, पिछले साल जुलाई में बिक्री में गिरावट आई थी, इसलिए इस बार की सालाना वृद्धि कुछ हद तक कम आधार का भी परिणाम है।
ट्रैक्टर बाजार के लिए अहम कारक
- सकारात्मक कारक: बेहतर मानसून और खरीफ की तेज बुवाई
- ग्रामीण मांग: किसानों का बढ़ता भरोसा और खरीद क्षमता
- जोखिम: अगस्त और सितंबर में कम बारिश की आशंका
- मौसम: अल नीनो से मानसून में अनिश्चितता का खतरा
- आगे की निगरानी: फसल की स्थिति और ग्रामीण आय
मानसून को लेकर बनी हुई है चिंता
क्रिसिल रेटिंग्स की निदेशक पूनम उपाध्याय ने कहा कि जून में बारिश की धीमी शुरुआत के बाद जुलाई में स्थिति सुधरी। ज्यादातर क्षेत्रों में बारिश पर्याप्त रही, जिससे खरीफ की बुवाई में तेजी आई। इससे किसानों का भरोसा और डीलरों के पास ग्राहकों की आवाजाही भी बेहतर रही।
हालांकि, इस तेजी को लेकर पूरी तरह आश्वस्त होने से पहले कुछ बातों पर नजर रखना जरूरी है। मौसम विभाग ने अगस्त और सितंबर में सामान्य से कम बारिश का अनुमान जताया है। इसके अलावा अल नीनो के मजबूत होने से मानसून को लेकर अनिश्चितता बढ़ सकती है। खरीफ की बुवाई काफी हद तक पूरी हो जाने के बाद भी फसल के लिए आगे पर्याप्त नमी जरूरी होगी।
अगर फसल के विकास के महत्वपूर्ण समय में बारिश कम होती है, तो किसानों की आय पर असर पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में साल की दूसरी छमाही में किसान ट्रैक्टर जैसी बड़ी खरीद को कुछ समय के लिए टाल सकते हैं। इसलिए जुलाई में मिली मजबूत बिक्री के बावजूद आने वाले महीनों में मानसून और ग्रामीण आय की स्थिति ट्रैक्टर बाजार के लिए काफी महत्वपूर्ण बनी रहेगी।
अस्वीकरण: यह जानकारी समाचार और सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है।

